जयपुर-मुंबई एअर इंडिया फ्लाइट का फ्यूल लीक हुआ: रनवे पर जाते वक्त पायलट को खराबी का सिग्नल मिला, यात्रियों को दूसरे प्लेन से भेजा गया - Jaipur News

राजस्थान के जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार शाम एअर इंडिया की फ्लाइट AI-622 में फ्यूल लीकेज होने से टेकऑफ रोक दिया गया। यह फ्लाइट शाम 7:55 बजे जयपुर से मुंबई के लिए रवाना होने वाली थी। इस बीच तकनीकी सिस्टम में खराबी का अलर्ट मिला, इसके बाद पायलट और ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत टेकऑफ रोक दिया।

वहीं, सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें वापस टर्मिनल बिल्डिंग में ले जाया गया। अचानक हुई इस घटना से यात्रियों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

एयरपोर्ट से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच करने पर एयरक्राफ्ट के इंजन से फ्यूल लीकेज की पुष्टि हुई है। इसके बाद एयरलाइन ने दूसरे विमान से सभी यात्रियों को मुंबई के लिए रवाना कराया।

यह घटना दो महीने पहले इंडिगो फ्लाइट में हुई थी, जहां पायलट ने आपातकालीन मैसेज भेजकर विमान को सुरक्षित लैंडिंग पर उतार दिया था।
 
पलटवार 🔄😂

[Image: एक फुटबॉल खिलाड़ी की तस्वीर, जिसमें वह अपने पैरों को उल्टा कर के गोल को मिस कर रहा है, और साथ में "एयरपोर्ट पर पलटवार" लिखा है]
 
मुझे ये बात चिंताजनक लग रही है 🤕, राज्यों को अपने एयरपोर्ट्स पर फ्यूल लीकेज की जांच करनी चाहिए। यह तो बहुत खतरनाक हो सकता है! 🚨

कब तक ऐसी बातें होने देंगे? ✈️ हमारे एयरपोर्ट्स में सुरक्षा सबसे पहले क्यों नहीं परती है? 😕 पायलट भी अपने जीवन को खतरे में डाल देते हैं तो कैसे कर सकते हैं हम? 🤯

लेकिन फिर भी, सब सुरक्षित होने पर हमारा ध्यान यहीं खत्म नहीं होता। 😅 क्या उन्होंने यात्रियों की जांच की है? क्या उनके पास यात्रा दस्तावेज़ ठीक से संग्रहीत हैं? 📝

मुझे लगता है कि हमें अपने एयरपोर्ट्स में सुरक्षा को लेकर ध्यान देने की जरूरत है। 😊 हमें हर विमान पर सुरक्षा की जांच करनी चाहिए। यह तो हमारी ज़िंदगी बचाने के लिए जरूरी है! 💥
 
मुझे यह तो बिल्कुल अजीब लगा कि जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ऐसी बड़ी घटना हुई। सबसे पहले मुझे खेद है उन यात्रियों के साथ जो विमान से उतरने के लिए मजबूर हुए। मैं समझता हूं कि एयरलाइन द्वारा जल्दी से समाधान पाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। 🤞

अब, इस तरह की घटनाएं तब होती हैं जब तकनीकी सिस्टम में कोई भी समस्या नहीं होती। इससे हमें एयर ट्रैफिक और विमान सुरक्षित उड़ान के लिए जागरूक रहने की जरूरत है। 🛬
 
वाह, यह तो एक बड़ा मिश्रण है जो जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हुआ। सबसे पहले, यह फ्लाइट AI-622 की बात करें, जहां तकनीकी सिस्टम में खराबी का अलर्ट मिला, तो पायलट और ग्राउंड स्टाफ ने तुरंत टेकऑफ रोक दिया। अच्छा है कि सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें वापस टर्मिनल बिल्डिंग में ले जाया गया।

लेकिन, यह तो एक बड़ा अनुभव है जो यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बात करता है। दो महीने पहले, इंडिगो फ्लाइट में हुई एक घटना भी ऐसी ही थी, जहां पायलट ने आपातकालीन मैसेज भेजकर विमान को सुरक्षित लैंडिंग पर उतार दिया था। यह तो एक बड़ा अहसास है कि हमें यात्रियों की सुरक्षा के बारे में जागरूक रहना चाहिए।

इस घटना ने हमें सोचने पर मजबूर किया है कि कैसे हम अपनी सुरक्षा को बढ़ा सकते हैं और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बेहतर प्रबंधन कर सकते हैं। 🚨
 
मेरी राय ये तो बहुत बड़ी बात है! फ्यूल लीकेज होने से टेकऑफ नहीं हो पाना तो खतरनाक है, लेकिन जैसे ही तकनीकी सिस्टम में खराबी का अलर्ट मिला, तो पायलट और ग्राउंड स्टाफ ने जल्दी से टेकऑफ रोक दिया। यह अच्छा दिखता है कि वे लोग बुराई में फंसने से बच गए।

मैं एयरपोर्ट पर जाने के लिए रेल या बस लेना पसंद करता, लेकिन फ्लाइट लेना भी अच्छा विकल्प है। अब तो हमेशा सुरक्षा पहले रखी जानी चाहिए, न कि कुछ अन्य बातों पर ध्यान दिया।

[डायग्राम: एक एयरपोर्ट की नकल, जहां पायलट और ग्राउंड स्टाफ टेकऑफ रोकते हुए दिख रहे हैं।]
 
तो ये क्या हुआ जयपुर एयरपोर्ट में? एयर इंडिया की फ्लाइट AI-622 में फ्यूल लीकेज होने से टेकऑफ रोक दिया गया! तो ये वास्तव में बड़ा घोटाला नहीं था, बल्कि टेकऑफ बगैर सुरक्षा किए फिरे यात्री क्यों? सभी यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें वापस टर्मिनल बिल्डिंग में ले जाया गया, तो यह तो अच्छी बात है!

क्या ये एक अनुभव नहीं था जयपुर एयरपोर्ट के लिए? दो महीने पहले इंडिगो फ्लाइट में भी ऐसा ही हुआ था, तो यह तो एयरट्रैफिकेशन सिस्टम में कुछ गड़बड़ी का संकेत देता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से वापस पहुंचाया गया।
 
मैंने अपनी बहन की तुरंत हवाई यात्रा हुई थी, वह जयपुर से मुंबई जा रही थी। जब उसकी फ्लाइट आउटलुक की नहीं हो रही थी, तो मुझे लगा मेरी बेटी कहां गयी 🤯। लेकिन जैसे ही मैंने उससे संपर्क किया, उसने बताया उसकी फ्लाइट टर्न्ड बैक हुई, वह अब अगली तुरंत फ्लाइट पर उड़ेगी। मैं बहुत राहत महसूस कर रहा था। इस तरह की घटनाएं कई बार मेरे साथ हुई हैं, विमानों पर खराबी होने के बाद टेकऑफ नहीं हो पाता।
 
बात तो है ये एयरपोर्ट में फ्यूल लीकेज की बात, लगता है कि यहां पर सब कुछ थोड़ा कमजोर है। आंखों में देखिए, दो बार ऐसी घटना हुई, एक इंडिगो और अब एयर इंडिया, यह तो बड़ी सोच नहीं है 🤔। और फिर इतने समय में कोई भी चीज़ ठीक नहीं हो पाई, यह तो सरकार के लिए समस्या है।
 
यह तो बिल्कुल गलती है एयरपोर्ट में ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। पहले तो पायलटों और ग्राउंड स्टाफ की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए, फिर ये बात करें। और फ्लाइट टेकऑफ होने से पहले सभी को जांच करनी चाहिए। इससे भी बहुत बड़ी समस्याएं नहीं होती।
 
आजादी की पहली दिनी, तो फिर भी एयरपोर्ट पर ऐसी बातें होती जो आपको पुराने दिनों की यादें लेकर आती हैं। यह फ्यूल लीकेज की बात, तो मुझे लगता है कि वहां किसी ने भी सोचा नहीं कि विमान को पहले साफ़ कर देते। और फिर वह पायलट ने आपातकालीन मैसेज भेजकर विमान को सुरक्षित लैंडिंग पर उतार दिया, तो यह जैसे ही हमारे पुराने दिनों का रोमांच, जब हवाई जहाज़ की तकनीक अभी भी बहुत कम थी।
 
अरे भाई, यह घटना तो बहुत बड़ा चश्मदीद है... सावधानी से ऐसा काम करना चाहिए, जिससे किसी की जान में नहीं फंसे। और फिर भी टेकऑफ रोक देना सही था, बाकी सब कुछ तो समझ में आता है, लेकिन यह ध्यान रखना जरूरी है कि हमारे पास कितनी भी उन्नत तकनीक, लेकिन अगर तकनीक में खराबी होती है तो उसके बाद कुछ नहीं करना। और यात्रियों के लिए सुरक्षा सबसे जरूरी है, उनकी जान जैसे विमान की उड़ान भी खतरे में न हो।
 
मुझे बहुत अजीब लगा कि जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ऐसी घटना होने का मतलब है कि हमें फिर से अपने विमान को सुरक्षित लैंडिंग पर उतारना पड़ेगा। यह तो बहुत भयानक लगता है। मुझे एयरलाइन की टीम ने दूसरे विमान से सभी यात्रियों को मुंबई के लिए रवाना कराया, इसका शुक्रिया करूँगा।
 
इस तरह से एयरपोर्ट पर ऐसी बुरी बातें होती रहती है... तो फिर भी यात्रियों के लिए पूरी सुरक्षा नींद नहीं आती। मैं समझता हूँ कि इंजन से फ्यूल लीकेज एक बड़ी समस्या है, लेकिन इतनी तेजी से विमान को टर्नबैक कर दिया जाना चिंताजनक है। और फिर भी यह घटना कुछ समय पहले इंडिगो की हुई, तो इससे यह सवाल उठता है कि सरकार की मुंह लगाती सुरक्षा नीति क्या प्रभावी है?
 
जी बोलो... जयपुर एयरपोर्ट में यह फ्यूल लीकेज घटना बहुत बड़ी चिंताजनक है 🚨😱, यह तो यात्रियों के सुरक्षित लिए खतरा है। इसके अलावा दो महीने पहले इंडिगो फ्लाइट में हुई इस घटना से अब तक कोई गंभीर परिणाम नहीं दिख रहा है... लेकिन एक बार फिर यह साबित होता है कि हमारी एयरलाइन्स की सुरक्षा प्रणाली अभी भी तैयार नहीं हुई है 🤔😬.
 
मुझे ये बात अच्छी लगी कि हवाई अड्डे पर सुरक्षा सबसे पहले है 🛬😊 तो विमान से सुरक्षित बाहर निकाल लेने में मदद मिलेगी। मेरी बहन मुंबई जा रही थी, वह फ्लाइट पर बैठ गई थी, अब वह कितनी राहत पाएगी? 🤞 मुझे एयरलाइन्स को अच्छी ट्रेनिंग देनी चाहिए ताकि ये ऐसी घटनाओं से बच सकें। और विमानों में फ्यूल लीकेज कैसे होता है? 😒
 
मुझे लगता है कि इस घटना में कुछ गलत हुआ है, लेकिन किसी को घायल होने की बात नहीं है। फ्यूल लीकेज की समस्या तो बहुत खतरनाक होती है, इसका मतलब विमान को उड़ने से पहले चीजें ठीक करनी पड़ती हैं। यहां पर एयरलाइन ने सही काम किया, पायलट और ग्राउंड स्टाफ की रुकावट टेकऑफ को रोक दी। लेकिन इस तरह की समस्या आने पर हमें विमान की सफाई और चेकअप करने में भी ध्यान रखना चाहिए।
 
वाह, यह घटना बहुत बड़ी है! मुझे लगता है कि एयरपोर्ट की सुरक्षा ज्यादा सावधानी से निगरानी की जाए ताकि ऐसी घटनाएं फिर नहीं हों। और ये भी देखna चाहिए कि विमान को कैसे मरम्मत कराया जाता है ताकि इस तरह की बातें न हों। मुझे एयरलाइन्स को अपनी सुरक्षा प्रक्रियाओं को और भी अच्छा बनाना चाहिए ताकि यात्रियों की जान जोखिम में न आए
 
अरे, यह तो बहुत बड़ी चीज़ है! जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में ऐसी घटना होने से पहले हमें सोच-समझकर यात्रा करनी चाहिए। टेकऑफ रोक देना और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे लगता है कि एयरलाइन और एयरपोर्ट स्टाफ़ दोनों ने सही कदम उठाए हैं। लेकिन हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोकने के उपाय किए जाएं।
 
ये तो फिर एक बार फ्यूल लीकेज की घटना हो गई है, जिससे टेकऑफ रोक दिया गया है । आमतौर पर ऐसी बातें सुनकर हमें चिंता होती है कि क्या यह विमान सुरक्षित होगा, लेकिन इस मामले में सब कुछ ठीक है। पायलट और ग्राउंड स्टाफ की तेज़ और सही नियुक्ति ने इस घटना को सफलतापूर्वक रोक दिया।

लेकिन, यह सवाल उठने लायक है कि ऐसी घटनाएं इतनी अक्सर नहीं होती? आमतौर पर फ्यूल लीकेज से टेकऑफ रोकना एक बड़ी बात है, लेकिन ऐसा माना जा सकता है कि इसे बहुत सावधानीपूर्वक देखा जाए।

इस घटना से हमें यह भी याद रखना चाहिए कि विमानन सुरक्षा कभी नहीं कम, बस हमेशा उच्च रही, और प्रत्येक मामले में सही निर्णय लिया जाए।
 
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