जयपुर में ऑडी कार हिट एंड रन मामले में एक्शन, 2 लोग डिटेन, पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा

जयपुर में ऑडी कार हिट एंड रन के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। इन दोनों आरोपियों ने ऑडी कार में ही घटना के समय बैठे थे, और उनकी शराब के नशे में नहीं होने की पुष्टि नहीं हुई है।

पुलिस के अनुसार, इन दो आरोपियों में से एक पप्पू चौधरी और दूसरा अजमेर के रेनवाल थे। उनकी तलाश जारी है, लेकिन अभी तक उन्हें पकड़ने में सफल नहीं हो सका है।

इस बीच, आगे बैठे हुए ऑडी मलिक दिनेश राणा और उसका साथी मांगीलाल कार में भी शराब पी रहे थे। इन्होंने स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठकर सी स्कीम इलाके में शराब पार्टी की थी, और फिर दिनेश ने अपनी ऑडी कार की सैर कराने की बात कही थी।

पुलिस के अनुसार, वह ऑडी कार की स्पीड दिखाने के लिए सड़क पर दौड़ रही दूसरी कारों को पीछे छोड़ते हुए तेजी से आगे बढ़ रहा था। ओवर स्पीडिंग और शराब के नशे की वजह से ही इस हादसा हुआ था।

इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी पहले डिवाइडर से टकराई और फिर करीब 30 मीटर तक सड़क किनारे लगी दुकानों और खाने के ठेलों से टकराती हुई एक पेड़ से टकराकर रुक गई।
 
मैं समझ नहीं पा रहा हूँ कि इतनी तेजी से गाड़ी चलने का मतलब क्या? और ये दो बोयो ऑडी में बैठे थे तो फिर शराब पीने के नशे में नहीं थे? यह तो बहुत ही अजीब है कि आगे खड़े दिनेश राणा ने भी शराब पीकर सैर कराने की बात कही थी। और पुलिस की बोलियाँ क्यों इतनी मुश्किल है? यह तो गाड़ी चलने की वजह से एक व्यक्ति की मौत हुई है, 12 अन्य घायल हुए हैं... यह तो बहुत बड़ा दुर्घटना है! 🤔
 
मैंने पढ़ा है कि जयपुर में ऑडी कार हिट एंड रन का मामला तेजी से गिर रहा है। लेकिन मुझे लगता है कि यह ज्यादा पूरी तरह से नियंत्रित नहीं हो रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक उनकी तलाश में सफल नहीं हो सकी। यह ज्यादा देर चaluपन होना चाहिए था।
 
ऐसा लगता है कि युवाओं को जिम्मेदारी समझने में समय लग रहा है। दोनों आरोपियों ने शराब के नशे में नहीं होने की बात कही है, लेकिन यह तय करना जरूरी है कि क्या उनकी कोई शरारत हुई थी। आगे की जांच जरूरी है।
 
यह तो बहुत ही खतरनाक है 🚨 कि जो लोग सड़क पर शराबपीने और तेज गति से चल रहे हैं वे कैसे अपने जीवन को बचा सकते हैं। दिल्ली या मुंबई की तुलना में जयपुर में भी ऐसी घटनाएं होती हैं तो फिर बाकी शहरों में यहां तक कि खतरनाक नहीं लगेगा। पुलिस ने पहले से बताया था कि शादाब जैसी गाड़ी को रोकने के लिए जरूरी उपकरण तैयार होने चाहिए, लेकिन फिर भी ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। 🤦‍♂️
 
ऐसा लगता है कि कोई भी बूढ़ा आदमी ना होगा, वह तो गाड़ी को धीमा कर देता, लेकिन युवाओं में गति शुरुआत ही नहीं होती।
 
ये तो और एक अच्छा तरीका है ऑडी कार को चलाना। पहले वो दूसरी कारों को पीछे छोड़ते हुए आगे बढ़ता है, फिर तभी मिलता है स्ट्रीट फूड और डिवाइडर्स 🤣। यहाँ पर जीवन की सच्चाई है। पहले तो मैंने सोचा था कि ये दो आरोपियों ने ऑडी कार चलाते समय शराब पी रहे होंगे, लेकिन लगता है उन्हें खाली जाना चाहिए। फिर भी, यह घटना एक बुरा संदेश देती है - हमें अपने रास्ते पर ध्यान देना चाहिए और कभी भी शराब पीने में मुश्किल न मानें।
 
🚗😔 पुलिस को ऐसे लोग पकड़ना मुश्किल है जो सड़क पर शराब पीकर तेज गति से दौड़ते हैं और अन्य लोगों को भी पीछे छोड़ देते हैं। इसके बाद जब दूसरी कारें उसके पीछे आती हैं तो वो पहले से टकरा कर एक पेड़ से ही रुक जाता है। 🌳😨
 
मैंने पढ़ा ये दो लोग फास्ट में जा रहे थे और दूसरों को पीछे छोड़ रहे थे... तो ये कैसा काम है? नियम तो समझते नहीं हैं क्या? 🙄

अगर पहले टकराई होती तो यह सब ऐसा नहीं होता, और फिर एक पेड़ से टकराकर रुक जाती। लेकिन फास्ट में जाने वाले दोगों ने अपनी जान क्यों खानी पड़ी? 🤦‍♂️

आजकल ये कैसा दुनिया हो गई है? पुलिस तो सब कुछ समझती है, लेकिन लोग फास्ट में जाने की बात कर देते हैं और रुकने की नहीं... 🙃
 
मुझे यह घटना बहुत चिंताजनक लग रही है 🤕। अगर हम शराब के नशे में दौड़ने वालों को रोकने के लिए पुलिस अधिकारियों को और भी ज्यादा समर्थन देते हैं तो फिर स्कॉर्पियो गाड़ी चलाने के लिए कितनी ही बीमारियां निकल सकती हैं? 🚗😱

अगर हमारे राष्ट्रीय गैरेज से भारत में 5 करोड़ से ज्यादा ऑडी कार किराए पर हैं, तो फिर यह सोचकर आश्चर्यचकित कैसे हैं कि इतनी ज्यादा गाड़ियों को चलाने वाले लोग हमारे सड़कों पर शराब पीकर दौड़ रहे हैं? 🤦‍♂️

मेरी राय में अगर हमारे देश में ऑडी कार चलाने वाले लोगों को पहले और भी ज्यादा सुरक्षा शिक्षा दी जाए तो फिर ही इतनी ज्यादा गाड़ियां निकल सकती थीं? या फिर हमें अपने पास की सरकार से इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए और उनकी मदद से हमारे देश की सड़कों को सुरक्षित बनाने की कोशिश करनी चाहिए। 🚨
 
मुझे इस घटना को पढ़ने पर बहुत गुस्सा आया … सारे लोग शराब में हाथ डाल रहे थे और फिर इतनी तेजी से दौड़ रहे थे … क्या ये बच्चों का खेल है? दिनेश राणा नाम वाले लड़के को सड़क पर इतनी तेजी से चलने की अनुमति मिलने का क्या तर्क है? किसी और की जान लेने के लिए तैयार? 🤯
 
ये तो तेज़ चलने वाली ऑडी कार का मामला है, जैसे ही इस दुनिया में कोई नया फैशन आ गया है। और आजकल तो शराब के नशे में भी गाड़ी चलाना आसान बन गया है। पुलिस की बातों से लगता है कि यह दोनों आरोपियों की तेज़ गति से चलने वाली ऑडी कार को देखकर खुशी हुई। लेकिन इतनी तेज़ गति से गाड़ी चलाने की वजह से एक जानबूझकर मौत हो गई और कई लोग घायल हुए। यह तो सचमुच बड़ा बड़ा मुद्दा है।
 
ऐसा लगता है कि ज्यादातर लोग फिक्र नहीं करते, केवल अपने दिनचर्या में चले जाते हैं और दूसरों को भी वैसे ही छोड़ देते हैं। यह घटना अचानक ऐसा नहीं हुआ, बल्कि यह एक लंबे समय से चली आ रही समस्या है।
 
🚨 पुलिस की बात समझनी चाहिए, लेकिन यह भी पता चला है कि आगे बैठे दोनों ने शराब नहीं पी थी, तो इसका क्या असर होगा? 🤔

इस तरह की घटनाएं हो रही हैं और भी ज्यादा सुनिश्चित करने की जरूरत है, लेकिन यह भी याद रखना चाहिए कि पुलिस काम करती है और वह भी अपने तरीके से करती है। 🙏
 
यह तो बहुत बड़ा मामला है... सारा शहर चिंतित है 🤔, लोग सभी ऑडी कार की दौड़ने वाले हुए कैसे सोचते हैं? शायद वह दो पप्पू चौधरी और रेनवाल को पकड़ना ही भारतीय पुलिस की सबसे बड़ी ताकत है 🤟, लेकिन उनको पकड़ने में ज्यादा समय लगता है... शायद अगर हम देश में मोटर साइकिल चलाने वाले को ऑडी कार चलाने की अनुमति दे दें, तो यह सब होने में नहीं आता।
 
ऐसा लगता है कि जयपुर में हुए ऑडी कार हिट एंड रन का मामला फिर से लाइव आ गया है। लेकिन क्या हम यह नहीं समझ पाए कि शराब और दुर्घटनाएं एक दूसरे को बढ़ावा देती हैं? आमतौर पर ऐसे हादसों में कोई बारिश नहीं होती, बस शराब और असावधानी की वजह से दुर्घटना होती है।

पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, लेकिन फिर भी हमें पूछना चाहिए कि क्या वे सिर्फ नाम-सिर्जेवाले थे, या क्या उन्हें जिम्मेदारी और जिम्मेदार परिस्थितियों में भी लाना होगा।

और फिर, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि दुर्घटना में 12 घायल हुए हैं, एक व्यक्ति की मौत हो गई है। ऐसे में पुलिस और समाज दोनों को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। हमें अपने समाज में जिम्मेदारता और सावधानी की जरूरत है, खासकर जब शराब की बात आती है। 🚗💔
 
ऑडी कार हिट एंड रन का यह मामला बहुत ही गंभीर है! पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन अभी तक दूसरे आरोपी की खोज नहीं हुई। यह तो समझने को मिला कि पुलिस को भी बहुत परेशानी हुई होगी।

और वहां दिनेश राणा और उसका साथी मांगीलाल, वाह! उन्हें शराब पार्टी में मिलना कैसे अच्छा लगता है? इतनी तेजी से गाड़ी चलाने का मतलब यह है कि उनकी जिंदगी में और भी कई जोखिम हैं!

ऑडी कार की दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, 12 लोग घायल हुए। ऐसे मामलों से हमें सबक मिलता है कि सावधानी से जीवन जीना बहुत जरूरी है।
 
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