कांग्रेस नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का निधन: 81 साल के थे, मेयर से कोयला-गृह राज्य मंत्री तक रहे; कानपुर में ली अंतिम सांस - Kanpur News

कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता श्रीप्रकाश जायसवाल का दिल की बीमारी से निधन हो गया। वे 81 साल के थे। उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी मौत घोषित कर दी। श्रीप्रकाश जायसवाल यूपी में 3 बार सांसद रहे और 2009-2014 के बीच कोयला मंत्री थे।
 
मैंने उनके परिवार से तो बात नहीं की, लेकिन मुझे लगता है कि उन्हें खाने में खटास लग रही होगी। 81 साल की उम्र में भी जान जान कर चुकना। मैं उनकी पार्टी में शामिल नहीं हुआ, लेकिन उनकी मुलाकात में थोड़ा समय बिताया था, वह बहुत अच्छे व्यक्ति थे। मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत सारी गलतियाँ नहीं की, लेकिन फिर भी जीवन में चीजें ऐसी हो जाती हैं जिससे हमें दर्द होता है।
 
ਮेरੇ ਦिल ਵਿੱਚ ਗੁੱਸਾ ਨਹੀਂ, ਜ਼ਰੂਰੀ ਤੌਰ 'ਤੇ ਕਿਸੇ ਖ਼ਬਰ ਦੀ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਮੈਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਗਏ। ਮੈਂ ਉਸ ਦੇ ਵੱਡੇ ਭਲੇ ਰਿਹਾ, ਕਈ ਵਾਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਬਾਰੇ, ਮੈਨੂੰ ਉਸ ਦੇ ਬਹੁਤ ਵੱਡੇ ਪ੍ਰਭਾਵ 'ਤੇ ਲਗਦਾ ਜਿਸ ਨੇ ਮੈਂ ਕਈ ਵਾਰ ਕੋਈ ਡਿਸ਼, ਅੱਠ-ਘੰਟਾ ਕਾਰ, ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਖ਼ਰੀਦ ਕੀਤੀ।
 
शुक्रिया, तुम्हारी बहुत ही दुखद खबर सुनकर मैं बहुत दुःखग्रस्त हूँ। श्रीप्रकाश जायसवाल जी की उम्र 81 साल की थी, लेकिन उनकी अचानक गिरी हुई तबीयत ने हमें इतना दुखी कर दिया। मैं उनके परिवार और दोस्तों के लिए अपनी श्रद्धांजलि देता हूँ। उन्हें वो समय जब भारत में कुछ बहुत अच्छी चीजें होने लगीं, उन्हें मौका मिला था। उनकी यादें हमें गर्व की स्थिति में लेगी। शांति हो ।
 
शायद वे बहुत खुश थे की वे अपने पिता की जिंदगी का एक हिस्सा भी अच्छे से जिया पाए। उनकी मृत्यु ने जो दुनिया भर के लोगों को छू गया वह कितना भावपूर्ण है। श्रीप्रकाश जायसवाल एक सच्चे नेता थे और हमें वो अपने समाज सेवा में देने वाली प्रतिबद्धता की याद dilatae rahi hogi.
 
बुरी तरह से विदा होने वाले प्रिय जायसवालजी 🙏। उनकी इस दुनिया से अलविदा कहना मुश्किल है। उनके जीवन को देखकर लगता है कि वह अपने समय को हमेशा लोगों की मदद करने और सरकार को अच्छा करने में बिताया था। 2009-2014 तक कोयला मंत्री बने रहना उनकी बहुत बड़ी उपलब्धि है। अब उनकी याद में हमें सोचकर बेचैन होना चाहिए।
 
ਨੀਵਾਂ ਸਮਾ ਇਹ ਅਜਿਹਾ ਰਿਹਾ ਕਿ ਆਪਣੇ ਚਾਰ-ਦਿਲ ਤੋਂ ਉਠ ਬੈਠ ਸਕਦੇ ਨੇ। ਅੱਜ ਸ਼्रੀਪ੍ਰਕਾਸ਼ ਜੈਯਸਵਾਲ ਦਾ ਚੱਲ ਤੁਰ ਗਿਆ, ਉਹ ਕਿੰਨਾ ਬੜਾ ਅਪਰਾਧ ਕਰ ਰਿਹਾ ਸੀ, ਇਸ ਦਾ ਭਲਾ ਮੌਤ ਵਿੱਚ ਨਹੀਂ ਹੋਵੇਗਾ। ਉਹ ਕਈ ਕੁ ਵਰ੍ਹੇ ਜ਼ਿੰਦਾ ਰਹੇ, ਪਰ ਬਹੁਤ ਸਮਾਂ ਲਈ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਪੱਖੋਂ ਕੀਤਾ ਗਿਆ।
 
जैसे ही मुझे पता चला, तो मैंने खुद का मन बनाया कि श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपने 81 सालों के आयु के अंत में जिंदगी से कहानी लिख ली। याद है जब मैं छोटा था, तो उनकी तस्वीरें देखकर हमारे पूरे गाँव ने उनकी गरिमा की बातें कर ली करती थी। उनकी राजनीतिक यात्रा के बारे में जानकर हैरान हो जाता है - एक से अधिक बार सांसद बने, कोयला मंत्री भी, और फिर से तीन बार सांसद। अब उनकी गायब होने पर सोचते ही हमें उन्होंने कहा क्या दिया? किसी भी उम्र में अपने काम पर ध्यान देना, और अपने लोगों को सुनना शायद सबसे बड़ी बात थी।
 
बिल्कुल सच है उनकी तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया। मुझे लगता है कि उनकी सेहत बहुत खराब थी, वे 80 साल के बाद भी खेती करना शुरू कर दिया था, यह तो बहुत बड़ा खतरा था। अब यूपी में राजनीति का माहौल बहुत ही गीला है, सब लोग भागने लगे हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल की बीमारी से हमें सीखना है कि सेहत का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। उनकी याद में हमें उन्हें अच्छे राजनेताओं में से एक मानते हुए देखना चाहिए, वे न केवल राजनीति में सक्रिय रहे, बल्कि उनकी लोगों को फायदा करने की बात भी करते थे।
 
बहुत दुखद! उनकी अचानक तबीयत खराब होने की खबर सुनकर तो लोगों ने अपनी गहराई से शोक व्यक्त कर दिया है... उनकी इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को याद करते समय हमें उनके बहुत सारे सकारात्मक योगदानों पर विचार करना चाहिए, जैसे कि वह 2009-2014 तक कोयला मंत्री थे।

अब जब यूपी में बहुत बड़े राजनीतिक नेताओं की संख्या बढ़ रही है, तो लोगों को उनके अच्छे और खराब दोनों पक्षों पर विचार करना चाहिए। वह हमेशा सरकार की ओर से कुछ सकारात्मक मुद्दों पर काम करते थे, जैसे कि रोजगार के अवसर बढ़ाने पर।
 
श्रीक्षमा! नाथूराम गोडसे की तरह हुए तो सरकार तुरंत इस्तीफा दे देती, लेकिन 81 साल का व्यक्ति मरने पर खेद क्यों नहीं? यूपी में सांसद होने की बात तो हमेशा सुनाई देते थे, लेकिन मेहनत नहीं, यही सब मेहनत थी।
 
अरे, यह बहुत दुखद समाचार है... श्रीप्रकाश जायसवाल ने हमें बहुत खुशियां और रोटियां दीं... उनका योगदान भारतीय राजनीति में कोई नया नहीं है... वे एक सच्चे नेता थे जिसने अपनी पार्टी और देश को सेवा की... उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने पर हम सभी उन्हें शांति और तुरंत चिकित्सा मिले।
 
श्रीप्रकाश जायसवाल की याद में हमें उनकी नैतिकता और दूरदर्शिता की याद आती है 🙏। उन्होंने अपनी राजनीतिक लंबाई में कभी भी सत्ता की चपलता को खोने से इनकार कर दिया। वह हमेशा अपने नेतृत्व के प्रति सच्चे और सावधान रहे। उनकी मृत्यु एक बड़ा हानिकारक है न केवल भारतीय राजनीति के लिए, बल्कि उन्हें बहुत प्यार किया जाता था।
 
ਬੀ ਤੋਂ ਵਾਹ, ਕਿਸੇ ਨੇ ਦੱਸਣ ਲੈਣਾ ਚਾਹੀਏ, ਪ੍ਰਭੂ ਜੀ ਤਾਂ ਫ਼ਿਰ ਕਾਮਯਾਬ ਨਾਗਰ! 81 ਸਾਲ ਦੇ ਉਸ ਪ੍ਰਭਾਵਸ਼ਾਲੀ ਅਤੇ ਚੰਗੇ ਮੂਹ ਨਾਲ ਆਏ, ਜਿੱਥੋਂ ਮਜਬੂਤ ਸਾਰੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰਦੇ ਹਨ। 3 ਵਾਰ ਸਾਂਸਦ ਰਿਹਾ, ਕੋਈਲਾ ਮੰਤਰੀ ਬਣਕੇ ਭਾਰਤ ਨੂੰ ਮੋਹਰ ਪਏ।
 
અમે દુઃખવિંત સારે છીએ. શ્રીપ્રકાશ જયસવાલના અવસાન માટે, તેઓ બહુદુષ્ય ધરાવતા પણ, મારી જિંદગી સુખ અને શાંતિથી લઈ આવે છે.

ઉપરાંત, મારી જાણકારી કરતાં, શ્રીપ્રકાશ જયસવાલ એટલે નહીં જે દુષ્યમાત્ર છે, પણ તેઓ બોલતા અને કરવાળા પણ હશે.
 
नरेंद्र मोदी जी को याद करें, वे तो बहुत ही साहसी हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल की गंभीर तबीयत को देखते हुए अस्पताल ले जाना और उनके परिवार को सहारा देना बहुत अच्छा दिख रहा है। उन्हें 81 साल की उम्र में इतनी बीमारी हो गई, यह तो दुर्भाग्य ही है। हमें अपने विरोधी भी एक मानव के रूप में देखना चाहिए और उनकी परिस्थिति को समझना चाहिए। 🤕
 
बुराई तो हुई नहीं, लेकिन फिर भी ऐसी चीजें निकलती हैं जो दिल कर देती हैं। राजनीति में जिंदगी भर काम करने वाला श्रीप्रकाश जायसवाल, 81 साल की उम्र में चली गई। अस्पताल में बिताए गए पलों को देखकर लगता है कि हमारे डॉक्टर भी सुधरने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। यह तो एक गंभीर चिंता है।
 
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