अरे भाई, यह मामला बहुत ही दिलचस्प है
। मुझे लगता है कि अगर पार्टी के नेताओं को अपने विवादों से खुद को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करना है, तो उन्हें सबसे पहले सच्चाई बतानी चाहिए। क्योंकि अगर सच्चाई सामने आती है, तो वास्तव में कुछ गलत हुआ होगा, और फिर भी उन्हें अपने विवादों से खुद को बचाना नहीं चाहिए।
मुझे लगता है कि अगर पार्टी के नेताओं ने इस लोन को खर्च किया था, तो इसका मतलब यह है कि उन्हें अपने व्यय को अधिक प्रबंधन में करना चाहिए। और अगर इसका कोई महत्व नहीं था, तो फिर भी उन्हें अपने विवादों से खुद को बचाने के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
लेकिन सवाल यह है - क्या पार्टी के नेताओं को सच्चाई बताने का मौका मिलेगा? या फिर वे अपने विवादों से खुद को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे? यह तो कुछ समय ही बताएगा।
मुझे लगता है कि अगर पार्टी के नेताओं ने इस लोन को खर्च किया था, तो इसका मतलब यह है कि उन्हें अपने व्यय को अधिक प्रबंधन में करना चाहिए। और अगर इसका कोई महत्व नहीं था, तो फिर भी उन्हें अपने विवादों से खुद को बचाने के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
लेकिन सवाल यह है - क्या पार्टी के नेताओं को सच्चाई बताने का मौका मिलेगा? या फिर वे अपने विवादों से खुद को बचाने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे? यह तो कुछ समय ही बताएगा।