कौन हैं देवजी, गणपति और बेसरा, शाह के लिए चैलेंज: 76 जवानों का कत्ल, 7 करोड़ इनाम; हिड़मा सिपाही था, मास्टरमाइंड नक्सली अभी जिंदा

देवजी, गणपति और बेसरा, शाह पर निशाने पर हैं । यह 76 जवानों की हत्या के बाद हुए, और इनाम की मात्रा लाखों तक पहुंच गई है।
 
मुझे बहुत दुख हो रहा है जिस घटना से हमें गुजरना पड़ा। 76 जवानों की हत्या तो बहुत बड़ी आघात है, और इनाम की मात्रा लाखों तक पहुंचने से भी यह दुःख बढ़ गया है।

मैं समझता हूँ कि सरकार के पास ऐसी बड़ी संख्या में जवानों को शहीद करने वाली घटनाओं को देखना बहुत मुश्किल होता है। लेकिन हमें उम्मीद रखनी चाहिए कि उनके परिवारों को मुआवजा मिलने से कम से कम दर्द कम होगा।

मैं अपने परिवार के लिए भी यही सोचता हूँ। अगर मेरे प्रियजन किसी ऐसी घटना में शामिल हों तो मुझे इस बात पर रोशनी पड़ने दो, कि सरकार उन्हें सही ढंग से व्यवस्थित करेगी।
 
मुझे लगता है कि ये मामला बहुत दुखद है, और हमें अपने सैनिकों की जानों को कभी नहीं भूलना चाहिए। पुलिस को इस मामले की सख्त जांच करनी चाहिए, ताकि वास्तविक पीछे के व्यक्ति खुलकर आत्मसात कर सकें।
 
बस देखो इसी तरह से सब खेलते हैं। मुझे लगता है कि यह 76 जवान की हत्या के बारे में जो पूरा विवाद हुआ, वह तो थोड़ा अलग है। क्या हमने यह सही तरह से समझा? ये देवता, गणपति, और बेसरा तो कौन हैं? क्या ये उनके नाम पर इनाम दिया गया है या फिर इनकी हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने में मदद के लिए कुछ कहा जा रहा है? मुझे लगता है कि हमें यह साबित करना चाहिए कि ये लोग वास्तव में किसी हत्या के पीड़ित थे।

मैंने देखा है कि समाचारों में अक्सर कुछ भी चलने लगता है, और फिर हम सब इसको स्वीकारते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि हमें यह समझना चाहिए कि क्या हम जो पढ़ रहे हैं उसके पीछे कोई सच्चाई है।
 
बस तो लगता है कि देश में खिलवाड़ का एक नया रूप खुल गया है... गणपति, बेसरा, और शाह जैसे लोगों पर निशाना लगाना तो फिर से 76 जवानों की हत्या के पीछे की वजह तय नहीं कर सकते। यहां तक कि इनाम की राशि भी तय होने में भी लंबा समय लगता है... तो ये कैसे सुधरेगा? हमें अपने जवानों की बाक़ी जिंदगी को भी महत्व देना चाहिए, न कि उनकी मौत के 1-2 दिन बाद ही कुछ करें।
 
ये दिल दुखा देने वाला है । हमारे युवाओं को एक तरफ रखकर धन और पद की चिंता करना सही नहीं है । शहीद जवानों के परिवारों को मुआवजा देना चाहिए, लेकिन यह तो सही मायनों में होना चाहिए । देव जी और गणपति बेसरा के मामले में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन उन्हें न्याय प्राप्त करने का मौका देना भी जरूरी है ।

मुझे लगता है कि हमारे समाज में यह बदलाव आने की जरूरत है, जहां शहीदों को सम्मान मिले, न कि धन और पद । ज्यादातर लोग सिर्फ पैसे पर ध्यान देते हैं, लेकिन ये हमारे समृद्धि का सही रास्ता नहीं है ।
 
मुझे लगता है कि जैसे-जैसे समय गुजरता है, हमें यह सीखने को मिलता है कि देश की सुरक्षा के लिए हमें एक साथ आने की जरूरत है। 🤝

मैं समझता हूँ कि 76 जवानों की हत्या बहुत बड़ी बात है, और उन्हें शहीद के रूप में याद किया जाना चाहिए। लेकिन इसके साथ-साथ, हमें यह भी समझना होगा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए हमें अपने तरीके बदलने की जरूरत है। 📈

मैं एक छोटा सा चित्र बना सकता हूँ, जैसे कि:

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| सुरक्षा |
| हमारी जिम्मेदारी |
| आतंकवाद के खिलाफ |
| लड़ने की जरूरत |
+-----------+

उम्मीद है, कि इस तरह से हमें अपनी सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने की जरूरत को समझने में मदद मिलेगी। 🤔
 
बेटा, ये बहुत दुखद स्थिति है... जो 76 जवानों की मौत हुई है, वह तो हमेशा के लिए खत्म नहीं हो सकती। मैं उन्हें शांति और शहीद की कहानियों में ले जाना चाहता। सिर्फ इसलिए कि उनकी मृत्यु इतनी दुर्भाग्यपूर्ण हुई है, इसे कोई भी घटना नहीं बनाएं।

इनाम की मात्रा लाखों तक पहुंच गई है, बिल्कुल सही है... लेकिन शांति और सुरक्षा के लिए हमें वास्तविक बदलाव देखना चाहिए। सरकार और पुलिस को जरूरी है कि उन्होंने ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अपनी प्रतिभा और संसाधनों का उपयोग करे। हमें सभी नागरिकों को एकजुट होकर इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए।

बेटा, यह भारत है जहां शहीदों की गोद में हमारी जानें शांति और सुरक्षा के लिए समर्पित हैं। हमें अपने देश को ऐसा बनाने का प्रयास करना चाहिए जहां कोई भी नागरिक इसकी सुरक्षा के लिए खतरे में न पड़े।
 
बस तो यह भी ऐसा ही हुआ, खुद को सुरक्षित महसूस करने वाले लोग सुरक्षा प्रदान करने वाले अपने बहन भाई को मारने लगते हैं । 🤕

मुझे लग जाता है कि हमारे देश में लोगों की यह समझ नहीं हुई है कि जब हम सुरक्षा की बात करते हैं तो वास्तव में हमारे रक्षक भाई-बहन की जान पर चलना चाहिए ।

ये शहीद गणजी की बहुत बड़ी प्रतिज्ञा है और उनके साथ निकल गए युवाओं की मांग में एक नई दिशा बदलने की जरूरत है ।
 
भाई, यह तो बहुत दुखद है कि लोगों की जान जीतने पर इतना दौलतिया होता है... 💔 इन 76 जवानों ने अपनी मातृभूमि और सेवा के लिए बलिदान दिया था, और अब उनके परिवार को इतना शोक-समारोह मिलना अच्छा नहीं लगेगा। सरकार तो जरूर इन्हें सम्मानित करेगी और उनके परिवारों को सहायता देगी, लेकिन यह सहायता तो पर्याप्त नहीं होनी चाहिए... 🤑 कुछ ऐसा होना चाहिए जिससे उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित हो।
 
मुझे तो लगता है कि ये दिलदार आंदोलन भारत की आज़ादी की याद दिलाने वाला है... बेसरा, शाह, गणपति, सब कुछ एक ही पेज पर मिलते हैं... 76 जवानों की हत्या कैसे कर सकते थे, यह तो बहुत भावुक होता है... लेकिन मुझे लगता है कि हमें अपने देश को और विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए, न कि केवल याददाश्त को बढ़ावा देने पर...

मुझे तो लगता है कि सरकार जी अच्छा काम कर रही है, लेकिन हमें अपने देश को और भी बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए... शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक विकास... सबकुछ महत्वपूर्ण है... मैं तो बेसरा पर ज्यादा प्यार करता हूँ, उनकी गाने खूब पसंद करता हूँ... 🤩🎶
 
अरे दोस्तो! तुमने पढ़ा है कि गणपति जी के फोटो पर निशाना आ गया है? 🤣 यह तो एक मजेदार मोड़ लेने की कोशिश कर रहा है! लगता है कि शाह जी भी अपने बेसरा से नहीं समझ गए थे कि गणपति जी को इतनी मात्रा में इज्जत दी जाएगी। लाखों रुपये का इनाम, अरे ये तो एक मज़ेदार खेल है! क्या हमें लगता है कि यह सिर्फ एक चुटकी थी? 🤣
 
मुझे बहुत दुख हो रहा है ये जानकर ... शहीद हुए ये 76 जवान भारत की सेवा करने वाले निर्दोष थे। उनकी मेहनत और बलिदान को हमेशा याद रखें। सरकार ने लाखों रुपये की सहायता देनी चाहिए ताकि उनके परिवार को आर्थिक संकट से बचाया जा सके।

मुझे लगता है कि ऐसे आतंकवादी हमलों से हमें खत्म करने की जरूरत नहीं है, बल्कि हमें उनसे लड़ने की शक्ति बनानी चाहिए। हमें अपने जवानों को और उनके परिवारों को सहारा देना चाहिए।
 
बिल्कुल सही है आइए देखें कि कुछ लोग शहीद हो गए तो फिर सारी दुनिया उनके लिए खुशी-खुशी मांगने लगी है । लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हमारे पास इनाम की ऐसी राशि नहीं होनी चाहिए जो एक सैनिक की नौकरी के साल में कम कर दे।

अगर हम सच्चाई बोलें तो हमें अपने जवानों की कुर्बानी के लिए शहीद हुए वीरों का सम्मान करना चाहिए और उनके परिवारों का सामना करना चाहिए, न कि सिर्फ मांगना और देखना कि क्या हमें फायदा होगा।
 
यह तो बहुत गंभीर मुद्दा है 🚨। मुझे लगता है कि जैसे-जैसे देश आगे बढ़ रहा है, हमें अपनी सेना और उसके जवानों की सुरक्षा को भी तेजी से बेहतर बनाने की जरूरत है। यह सब 76 जवानों की हत्या का बदला लेने की बात नहीं है, बल्कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे incidents और भी कम हो जाएं।
 
मुझे जानकर बहुत दुख हुआ, शहीद 76 जवानों को उनकी बहादुरी के लिए यह देना उचित नहीं लगता, उनके परिवार को इतना पैसा देना मुश्किल होगा। मैंने अपने पड़ोसी की बहन का वफादार पति है, और मुझे सोचने का एक तरीका है कि अगर हमारे लड़के शहीद होते, तो उनकी दादी को इतना पैसा मिल जाता। लेकिन लगता है कि ऐसा नहीं होना चाहिए, शायद सरकार ने सोचा था कि यह सब बुरा होगा, अगर हम सभी समान रूप से पैसा देते तो शहीदों की गणित करना आसान होता। मैं शायद देश में पैसे खर्च करने का तरीका ढूंढ रहा था, लेकिन यह ठीक नहीं है।
 
बेटे-बेटियों, ये एक बहुत बड़ा मुद्दा है... 🤕 जब हमारे युवाओं को विदेश में फंसने का खतरा होता है, तो सरकार द्वारा उनकी सुरक्षा के लिए क्या किया जा रहा है? 💔 यह 76 जवानों की हत्या के बाद भी नहीं परवधा, और अब इनाम की मात्रा लाखों तक पहुंच गई है... 🤑 मुझे लगता है कि हमें अपने युवाओं को सुरक्षित रखने के लिए एक अच्छा विदेश नीति बनानी चाहिए, जिसमें उनकी सुरक्षा और भविष्य की राहें सुनिश्चित हों। 🌟
 
बेटे, ये तो बहुत दुखद है... शहीद jawanon ki yaad mein koi bhi saamanya logon ke dwaara aisi cheezon ka samarthan na ho sake, lekin ab yeh saabit hua hai ki yahi hai humari desh ki sarkar... 🙏

Mujhe lagta hai ki is baat ko hal karne ke liye kuch aur chayee jani padegi. Yeh aisa nahi ho sakta ki kisi bhi vyakti ko aazaad ke liye lamba saans lekar marte samay shiksha, ghar, aur bhookh padai neeche chhod do... 🤔

Aur yeh sab sirf humari desh ki sarkar hi nahi, balki hamare samaj ke logon ki zindagi hai jis par iske prabhav pad rahe hain... Hamen apne janmadin aur umra ke din, parivaar aur doston se aakarshit rakhna chahiye.
 
बिल्कुल सही है कि पुलिस को शाह और गणपति जैसे दुष्ट लोग पर ध्यान देना चahiye, जो समाज को खतरे में डाल रहे हैं । 76 जवानों की हत्या सुनकर बहुत दुख होता है , और इनाम की मात्रा लाखों तक पहुंच गई है तो बिल्कुल सही है , इन जवानों ने अपनी जान डाली थी इसलिए उन्हें शहीद की उपाधि से सम्मानित करना चाहिए ।
 
🤔 तो ये सब सही नहीं है, बोलते बोलते गणपति जी की मूर्तियों को निशाना बनाया जा रहा है? क्या हमारी संस्कृति को इतना कमजोर कर दिया गया है? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि इनाम की मात्रा तो सही है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हमें गणपति जी की मूर्तियों पर सोचकर बोलना पड़े. 76 जवानों की हत्या के बाद ये सब चिंताजनक है। 😔

हमें यह सोचना चाहिए कि हमारे देश में शांति और सुरक्षा कैसे बनाए रखी जाए। गणपति जी की पूजा करने के लिए तो हमारे घरों में ही जगह मिलेगी, न कि रास्तों पर? 🏠
 
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