तो ये सच है कि हमारे देश में शहीदों को सांस्कृतिक महत्व दिया जाना चाहिए, परंतु क्या यही पर सम्मान का एकमात्र तरीका है? मैंने सोचा था कि हमें अपने युवाओं को कुछ और करना चाहिए, जैसे कि उनकी शहादत की कहानियां पढ़ने की आदत बनाए रखें, लेकिन फिर भी हम देश की संस्कृति में गणपति जैसे प्रतीकों को बहुत महत्व देते हैं... तो क्या यह सही तरीका है?
मुझे ये तो बहुत दुखद है , जैसे ही सामने आ रही है, या फिर यह एक सच्चा अनुभव क्या है? 76 जवानों की हत्या, और इतनी बड़ी मात्रा में इनाम! लोगो दिल में बसा हुआ तेज़ सवाल है - क्या हमारे पास अपने युद्धियों की सुरक्षा के लिए कुछ नहीं?
मैं तो सोचता हूँ कि हमारी सरकार और देशभक्त लोगों को क्या करना चाहिए। किसी भी मामले में बहुत बड़ा इनाम देने से बिल्कुल भी फायदा नहीं हो रहा है, न ही यह हमारे युद्धियों की सुरक्षा को बढ़ा रहा है।