कौन हैं देवजी, गणपति और बेसरा, शाह के लिए चैलेंज: 76 जवानों का कत्ल, 7 करोड़ इनाम; हिड़मा सिपाही था, मास्टरमाइंड नक्सली अभी जिंदा

छत्तीसगढ़ में हुए 76 जवानों के हत्यारे नक्सली माडवी हिड़मा, ये तीन बड़े नक्सली लीडर देवजी, गणपति और बेसरा नाकाम हैं

छत्तीसगढ़ सरकार, सेंट्रल कमेटी और पोलिट ब्यूरो में विरोध किया गया

नक्सली समूहों के खिलाफ एक बड़ी सुरक्षा ऑपरेशन चलाया गया
 
मुझे यह बहुत दुखद है कि छत्तीसगढ़ में ऐसा हुआ। नक्सली माडवी हिड़मा को उनके कार्यों के लिए डंडी से सजाया जाना चाहिए, नहीं तो यह एक बड़ा संदेश होगा। सरकार और पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ मुह रोड़ करने का फैसला करना चाहिए।

मुझे लगता है कि नक्सली लीडर देवजी, गणपति और बेसरा नाकाम को माफ कर देना नहीं चाहिए। उनकी जान की कमी एक बड़ी सुधार की जरूरत है।
 
🚫😡 तो यारो फंस गए हैं नक्सली नाम से 😂 और उनके इन 3 बड़े लीडर्स ने जान देने की कोशिश की 🤦‍♂️, लेकिन भाईया बाकी सब अच्छा ही चला गया 💪। छत्तीसगढ़ सरकार और सेंट्रल कमेटी ने एकदम सही काम किया है 🙌, नक्सली समूहों के खिलाफ लड़ने वालों को हमें बहुत-बहुत बधाई देनी चाहिए 🎉
 
बड़ा हाल ही में छत्तीसगढ़ में घटिया घटना निकली तो क्या कहूँ... नक्सली लीडर माडवी हिड़मा जैसे व्यक्ति देश के पास कौन हैं? वहां सरकार भी ऐसे खिलाफी में पड़ने से रुक नहीं पा रही। सोचो तो हम देशभर में नक्सली समस्या बढ़ रही है और हर समय जान जान कर काम लेने की जरूरत है। लेकिन फिर भी सरकार खिलाफी करने में विफल हो रही है। तो कौन सी रणनीति इस पर लागू करनी चाहिए?
 
मैंने पढ़ा है कि नक्सली माडवी हिड़मा ने 76 जवानों की हत्या कर दी है, और इसके बाद तीन बड़े नक्सली लीडर देवजी, गणपति और बेसरा नाकाम हो गए हैं। यह बहुत दुखद है और मेरा दिल टूट गया है। मैं समझ नहीं पा रहा कि नक्सली समूहों को इतनी बड़ी सुरक्षा थी कि वे इतनी बुद्धिमत्ता से हमला कर सकें। लेकिन लगता है कि हमें अपने जवानों की जान बचाने के लिए और भी सावधानी बरतनी होगी। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार और पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी और नक्सली समूहों को हराया जाएगा। 🚔💥
 
नक्सली माडवी हिड़मा की यह बहुत बड़ी बात है? क्यों नहीं पकड़े गए तो? मुझे लगता है कि उन्हें पकड़ने के लिए हमें अपनी पुलिस और सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की जरूरत है। मैंने देखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सली समूहों के खिलाफ क्या कदम उठाए हैं? क्या यह पर्याप्त नहीं था?
 
मुझे ये बहुत दुखद है 🤕 छत्तीसगढ़ में 76 जवानों की हत्या करने वाले नक्सली लीडर माडवी हिड़मा को पकड़ने में फेल होना तो निश्चित रूप से अच्छी नहीं है 🤦‍♂️

मुझे लगता है कि सरकार और पुलिस ने यह ऑपरेशन बहुत जल्दी से शुरू करना चाहिए था, ताकि नक्सली लीडरों को पकड़ लिया जा सके और उनके समूह को दमन किया जा सके 🕵️‍♂️

मैं छत्तीसगढ़ के लोगों के साथ हूँ, वे बहुत परेशान और दरिद्र हैं, नक्सली समूहों ने उनके जीवन को बहुत खराब कर दिया है 💔
 
मैं समझता हूँ कि छत्तीसगढ़ में हुए 76 जवानों की हत्या के पीछे के कारण को समझने की जरूरत है। नक्सली माडवी हिड़मा की इस कार्रवाई से हमें यह सोचने का मौका मिल रहा है कि क्या हम अपने राज्यों में जवानों की जिंदगी और परिवार को सुरक्षित बनाने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रहे हैं?

इसके अलावा, यह घटना हमें नक्सली समूहों के खिलाफ लड़ने के तरीके को फिर से सोचने की जरूरत है। क्या हम अपनी रणनीति में बदलाव लाने की जरूरत है? क्या हम अपने जवानों को और उनके परिवारों को बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं? ये सवाल हमें दिन-प्रतिदिन जिंदगी में भी सोचने की जरूरत है कि हम अपने समाज को बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकते हैं। 🤔
 
मेरे दोस्त, ये तो नक्सली हिंसा की बात कर रहे हैं... मुझे लगता है कि हमारे देश में नक्सली समस्या को सिर्फ एक सामाजिक समस्या नहीं समझना चाहिए, बल्कि यह भी एक आर्थिक और राजनीतिक समस्या है। अगर हम नक्सलियों को आर्थिक रूप से समर्थन नहीं दे रहे हैं तो फिर ये लोग क्यों ऐसा कर रहे हैं?

मुझे लगता है कि हमें नक्सली समस्या को हल करने के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए... शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। और सरकार को नक्सली समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि इन लोगों को आर्थिक रूप से समर्थन नहीं मिल रहा है।

मुझे लगता है कि हमें नक्सली समस्या को हल करने के लिए एक दूसरे के साथ बातचीत करनी चाहिए, न कि फिर क्रूर कार्रवाई करनी चाहिए।
 
मुझे लगता है कि नक्सली समूहों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन में 76 जवानों की हत्या का सही समय नहीं था। अगर सरकार और पुलिस ने पहले भी इतनी ताकत का इस्तेमाल किया होगा, तो नक्सली समूहों पर कब्जा कर लेना संभव हो गया। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, इसलिए हमें समझना चाहिए कि नक्सली समूहों के खिलाफ लड़ने में भारी नुकसान होता रहता है। 🤕

मैंने देखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार और पुलिस को पता है कि नक्सली समूहों के खिलाफ लड़ने के लिए उन्हें अपने सैन्य बलों को तैयार करने की जरूरत है। लेकिन कुछ सवाल उठते हैं - क्या हमें नक्सली समूहों के खिलाफ जोरदार हमलों की जरूरत है, या हमें उनके साथ मिलकर बातचीत करनी चाहिए? 🤔

मेरा विचार है कि हमें नक्सली समूहों के साथ एक समझौता करने की जरूरत है। हमें उन्हें अपने अधिकारों और जरूरतों को मान्यता देनी चाहिए। इससे हमें उनके खिलाफ लड़ने की जरूरत नहीं होगी। 🤝

नक्सली समूहों की संख्या 2020 में 2,200 थी, लेकिन अब यह 3,500 कर देगा। इसके पीछे एक बहुत बड़ा कारण है - बेरोजगारी और गरीबी। 📈

नक्सली समूहों के खिलाफ सुरक्षा ऑपरेशन में जाने वाले जवानों की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन नक्सली समूहों को हराने के बाद उनके पास क्या होगा? 🤔
 
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