हमेशा ऐसी मामलों में लड़की की जिंदगी पर विचार करना चाहिए, न कि लड़के की। लड़की को भी अपने बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। अगर वह महसूस करती है कि उसने अपने बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार नहीं है, तो उसका यह फैसला समझना चाहिए। हमें लड़कियों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर ध्यान रखना चाहिए 