असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार पर जमकर हमला करते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'क्या एक 'गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे?' इस बयान को लेकर उन्होंने तंज किया और पूछा कि क्या मोदी सरकार अपने हित में फैसले लेने चाहिए या दूसरे देशों की बातों पर चलना चाहिए।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत को भी संबोधित करते हुए कहा, जब ट्रंप ने कहा कि रूस से तेल खरीदना बंद कर देना है तो मोदी जी ने तुरंत कहा- कब बंद करूं? ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा, क्या एक 'गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे?' उन्होंने कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता बनाए रखते हुए अपने हित में फैसले लेने चाहिए, न कि किसी और की बातों पर चलना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष पर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा, यूक्रेन पर रूस के हमले पर तो अमेरिका तकलीफ जताता है, लेकिन गाजा में 70,000 लोगों की मौत पर दुनिया मौन क्यों है? उन्होंने सरकार से नफरत फैलाने के बजाय संविधान के तहत सबको बराबर का दर्जा देने और मानवीय संकटों पर संतुलित रुख अपनाने की अपील की।
ओवैसी ने कहा, 'असम में मियां उन बंगाली भाषी मुसलमानों को कहा जाता है, जिन्हें अंग्रेज 150-200 साल पहले खेती के लिए वहां लाए थे।' उन्होंने सवाल किया, कि क्या इन लोगों का एकमात्र अपराध भारत का नागरिक होना और बंगाली भाषा बोलना है? उन्होंने कहा कि जो देश 'विकसित भारत' और चीन से मुकाबला करने की बात करता है, वहां का मुख्यमंत्री महज 1 रुपये के मामले में इतनी छोटी सोच रख सकता है?
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत को भी संबोधित करते हुए कहा, जब ट्रंप ने कहा कि रूस से तेल खरीदना बंद कर देना है तो मोदी जी ने तुरंत कहा- कब बंद करूं? ओवैसी ने सवाल उठाते हुए कहा, क्या एक 'गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे?' उन्होंने कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता बनाए रखते हुए अपने हित में फैसले लेने चाहिए, न कि किसी और की बातों पर चलना चाहिए।
इसके अलावा, उन्होंने फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष पर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा, यूक्रेन पर रूस के हमले पर तो अमेरिका तकलीफ जताता है, लेकिन गाजा में 70,000 लोगों की मौत पर दुनिया मौन क्यों है? उन्होंने सरकार से नफरत फैलाने के बजाय संविधान के तहत सबको बराबर का दर्जा देने और मानवीय संकटों पर संतुलित रुख अपनाने की अपील की।
ओवैसी ने कहा, 'असम में मियां उन बंगाली भाषी मुसलमानों को कहा जाता है, जिन्हें अंग्रेज 150-200 साल पहले खेती के लिए वहां लाए थे।' उन्होंने सवाल किया, कि क्या इन लोगों का एकमात्र अपराध भारत का नागरिक होना और बंगाली भाषा बोलना है? उन्होंने कहा कि जो देश 'विकसित भारत' और चीन से मुकाबला करने की बात करता है, वहां का मुख्यमंत्री महज 1 रुपये के मामले में इतनी छोटी सोच रख सकता है?