क्या इंडिगो ने जानबूझकर फ्लाइट संकट खड़ा किया: 5 महीने में नहीं किए इंतजाम, सरकार बेबस क्यों हुई; 10 सवालों में पूरी कहानी

इंडिगो एयरलाइन्स ने 2 दिसंबर से शुरू हुए नए फ्लाइट टाइम लिमिटेशन (फीडीटीएल) के नियमों का उल्लंघन किया है। इंडिगो की देर रात और सुबह की उड़ानों पर पायलट्स 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं कर सकते, लेकिन मामले में हालात बेकाबू हो गए हैं।
 
मैं समझ गया था कि फीडीटीएल की चिंताएं दौड़-दौलत की तरह चल रही हैं, लेकिन क्या सोचा जा सकता है कि सूरज निकलने के बाद भी हमारे पास इतनी बड़ी परिवर्तन की जुगती में कितनी आसानी से गिर पड़ जाए? मैंने तो कल अपनी चाची की दुकान गई थी, वहां उन्होंने मुझे खुशबूदार चाय बनाई, और वाह! उसका हाथ इतना ठंडा था जैसे गिरने से पहले। ऐसे में इंडिगो की समस्या तो दिलचस्प है, लेकिन मेरी चाची की चाय तो बिल्कुल अलग मुद्दा है 🍵🤔
 
इंडिगो एयरलाइन्स के नियमों को तोड़ने की बात कर रहे हैं... यह सुनकर मुझे थोड़ा अजीब लगा है। क्या पायलट्स को इतनी ज्यादा लंबी ड्यूटी देने की जरूरत है? और फ्लाइट टाइम लिमिटेशन नियमों को तोड़ने से पहले उन्हें नहीं सोचा गया था कि इससे कुछ गड़बड़ी हो जाएगी?

मुझे लगता है कि पायलट्स की सुरक्षा और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखना चाहिए। लंबी ड्यूटी से पायलट्स परेशान हो सकते हैं और इससे उनकी प्रतिभा भी दब जाती है।
 
मुझे लगता है कि इंडिगो एयरलाइन्स ने बहुत बड़ी गलती की है। ये नया फीडीटीएल नियम तो लोगों के साथ विश्वास बनाने का उद्देश्य था, लेकिन अब यह पायलट्स की सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है। 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करने पर पायलट्स की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती।
 
मैं इंडिगो एयरलाइन्स की नीतियों पर बहुत भरोसा करता हूँ, हमेशा से मुझे लगता था कि वे अपने यात्रियों को सबसे अच्छा प्रदान करेंगे। लेकिन इस बार मुझे लगता है कि उन्हें नियमों का ध्यान रखने में थोड़ा असफल होना चाहिए। 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं करना सुरक्षित नहीं है, और मुझे लगता है कि यह नीति बदलनी चाहिए ताकि पायलट्स को अपनी जान बचाने के लिए पर्याप्त समय मिले।
 
😬 इंडिगो एयरलाइन्स की यह नीति तो अच्छी लगती है पर वाकई पायलट्स का साथ छोड़ दिया गया है। 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं करना तो समझ में आता है, लेकिन इंडिगो ने ऐसा कहा था कि अगर समय भटकने का मौका मिलेगा तो पायलट्स अपनी खुद की देर से उड़ानें कर सकते हैं। लेकिन अब यहां पर सबकुछ बेकाबू हो गया है। पायलट्स को किस तरह की जिम्मेदारी मिल रही है, यह तो समझने में आसान नहीं है 🤔
 
कल की खबरों में इंडिगो एयरलाइन्स के नियमों का उल्लंघन देखने को मिला। तो इन नई नियमों के अनुसार पायलट्स 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं कर सकते, लेकिन ऐसा लगता है कि नियमों का सम्मान नहीं किया गया। देर रात और सुबह की उड़ानों पर पायलट्स को 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करने की अनुमति देना चाहिए था, लेकिन ऐसा होने का कोई कारण नहीं है।
 
मुझे लगता है कि इंडिगो एयरलाइन्स को इन नए नियमों को समझने और लागू करने में थोड़ी देर लगी, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए कि पायलट्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़े। 10 घंटे की ड्यूटी समय सीमा निर्धारित करना एक अच्छा कदम था, लेकिन व्यवस्था में छेद आने से इससे लाभ नहीं हुआ। अब जरूरी है कि इंडिगो और अन्य एयरलाइन्स नियमों को सही तरीके से लागू करें ताकि पायलट्स की सुरक्षा और स्वास्थ्य बेहतर हो।
 
वाह, ये इंडिगो की भाईयों की गड़बड़ी का एक और उदाहरण! 🤦‍♂️ मुझे लगता है कि उन्होंने फीडीटीएल नियमों को सोचकर नहीं बनाया था। 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करने की परवाह किए बिना पायलट्स को उड़ानें चलाने के लिए मजबूर करना तो एक बड़ी चिंता है। और सबसे बड़ी बात, ये सुरक्षा के मामले में खिलवाड़ है! 🚨 पायलट्स की सेहत और सुरक्षा को खतरे में डालने की इस गड़बड़ी से हमें सोच-समझकर चिंतित करना चाहिए।
 
इस नए फीडीटीएल नियम के बारे में तो सब कुछ ठीक था, 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी नहीं करने की बात सही है । लेकिन इंडिगो की तरह बड़ी एयरलाइनों के पास कोई व्यवस्था नहीं है । यानी जब वे नए नियमों का पालन करने के लिए तैयार होते हैं , तभी वे अचानक बंद हो जाते हैं ।

मुझे लगता है कि इस पर सरकार को थोड़ी और ध्यान देने की जरूरत है । नियमों को लागू करने में मदद करेंगी , या फिर कुछ ऐसा सोचें जिससे एयरलाइनें इन नए नियमों का पालन करने में सक्षम हो सकें ।
 
🌟 भाई, यह बहुत ही चिंताजनक है कि इंडिगो ने फीडीटीएल के नियमों का उल्लंघन किया है। पायलट्स की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, और देर रात और सुबह की उड़ानों पर उनकी ड्यूटी कम करना अच्छा नहीं है। 😊 सरकार को तुरंत इस मुद्दे पर ध्यान देना चाहिए और पायलट्स की सुरक्षा के लिए कुछ भी नहीं छोड़ना चाहिए। 🚨
 
मुझे लगता है कि ये नियम कितने भी मुश्किल हों, पायलट्स को उनकी जिम्मेदारियों को समझने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने में सक्षम होने चाहिए। यह 10 घंटे की ड्यूटी समय सीमा तय करने में एक अच्छी बात है लेकिन इंडिगो की देर रात और सुबह की उड़ानों पर ये नियम कितने भी महत्वपूर्ण नहीं हैं। हमें अपने विमान उद्योग में अधिक सहिष्णुता और पायलट्स के लिए उनकी जिंदगी को समझने की जरूरत है।
 
बिल्कुल सही कहा गया है इसने! इंडिगो के फीडीटीएल नियमों का उल्लंघन करना क्यों हुआ? ये सिर्फ एक मामला नहीं है, लेकिन हमारे विमानन उद्योग के साथ संबंधित कई मुद्दे हैं जो ध्यान में रखे जाएं। ये देखना ही रोचक है कि पायलट्स को कितनी देर तक ड्यूटी करनी चाहिए, लेकिन इंडिगो ने यह फैसला लिया था कि उनके पास यह सुविधा नहीं है।
 
अरे, ये इंडिगो की बड़ी गलती है न? उन्होंने फीडीटीएल के नियमों का उल्लंघन कर दिया है, जो सीरियस में है। पायलट्स की ड्यूटी लिमिट लेने का उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना था, लेकिन इंडिगो ने ऐसा नहीं किया। अब सवाल यह उठता है कि क्या उन्हें सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया जाएगा? और फीडीटीएल की प्रक्रिया में भी छेद आ गया है, जो भविष्य में और भी बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। हमें उम्मीद थी कि इंडिगो भी दूसरे विमान संचालनों जैसे कि एयर इंडिया और स्पाइसजेट की तरह सुरक्षित और पेशेवर रहेगा।
 
अरे ये बात तो बहुत बड़ी है… इंडिगो के पायलट्स को भी ऐसा लगता होगा कि वे फीडीटीएल के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं… लेकिन मुझे लगता है कि समस्या और भी जटिल है। पिछले कुछ सालों से इंडिगो की उड़ानें जल्दी और तेजी से बढ़ गई हैं, इससे पायलट्स की ड्यूटी भी बढ़ गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वे 10 घंटे से अधिक समय तक उड़ानों पर बैठे रह सकते।

क्या हमें पूरी तरह से एक ही तरीके से हर चीज़ करनी चाहिए? मुझे लगता है कि इस मामले में अधिक गहन शोध की जरूरत है, ताकि हम सही निर्णय ले सकें।
 
मुझे लगता है कि ये नियम तय करने वालों के पास फ्लाइट ऑपरेशन्स की गंभीरता से समझ नहीं आई है। 10 घंटे से ज्यादा ड्यूटी करना कितना ही थकाऊ है, और पायलट्स को ऐसी मेहनत कराना कि उन्हें फिर से बैठने के लिए तैयार नहीं रहने दिया जाए, यह तो न्यूनतम आवश्यकता नहीं है।
 
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