अरे, ये इंडिगो की बड़ी गलती है न? उन्होंने फीडीटीएल के नियमों का उल्लंघन कर दिया है, जो सीरियस में है। पायलट्स की ड्यूटी लिमिट लेने का उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना था, लेकिन इंडिगो ने ऐसा नहीं किया। अब सवाल यह उठता है कि क्या उन्हें सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए मजबूर किया जाएगा? और फीडीटीएल की प्रक्रिया में भी छेद आ गया है, जो भविष्य में और भी बड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है। हमें उम्मीद थी कि इंडिगो भी दूसरे विमान संचालनों जैसे कि एयर इंडिया और स्पाइसजेट की तरह सुरक्षित और पेशेवर रहेगा।