Kanhaiya Kumar: Video: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मौन रैली, कन्हैया कुमार बोल- देश में लोकतंत्र बना रहे, गणतंत्र न बने

कान्हैया कुमार ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मौन रैली की। उन्होंने कहा, "देश में लोकतंत्र बना रहे, गणतंत्र न बने।"

गांधीजी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी कि भारतीय लोकतंत्र जीवित रहे और हमारी हिंसा विरोधी सोच को बढ़ावा दिया जाए। गोडसेवादी विचारों को रोकना ही सबसे बड़ी चुनौती है।

कांग्रेस पार्टी के नेताओं और सेवा दल के पदाधिकारियों ने महात्मा गांधी की याद में एकत्रित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा, "महात्मा गांधी की विरासत को हमारे पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी सोच और विचारों को हम अपने नेतृत्व में आगे बढ़ाएंगे।"
 
कान्हैया जी की बात सुनकर तो मुझे यही खेद है कि आगरे में गोडसेवादी विचारों को रोकने की कोई ठोस गतिविधि नहीं हो रही। पुण्यतिथि पर मौन रैली करना अच्छा विचार था, लेकिन इस बात पर विचार करना चाहिए कि हम गोडसेवादी विचारों को कैसे और कहाँ से रोक सकते हैं।
 
कान्हैया कुमार की बात समझ में आती है, लेकिन मैं महसूस कर रहा हूँ कि उनकी प्रतिज्ञा को थोड़ा सा ज़ोर और विशेषता देने की जरूरत है। हमें गांधीजी की विरासत को सच्चाई से समझने की जरूरत है और उसका मूल्यानुसार आगे बढ़ने की जरूरत है, न कि बस उनकी प्रतिज्ञाओं पर अकेले टिके।
 
मैंने देखा है कि लोग महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर बहुत श्रद्धांजलि कर रहे हैं। लेकिन मेरी राय में, हमें अपने देश में गणतंत्र बनाने की जरूरत नहीं है। हमारा देश ही एक महान लोकतंत्र है, जहाँ लोगों को अपने अधिकार और स्वतंत्रता की खुशी में जीने का मौका मिलता है।

मैंने गांधीजी की बात सुनी, "देश में लोकतंत्र बना रहे, गणतंत्र न बने।" मुझे लगता है कि यह बहुत सच्ची बात कही गई है। हमारे देश में जो स्वतंत्रता और लोकतंत्र की भावना है, वह हमें और भी आगे बढ़ने का मौका देती है।

मैं समझता हूँ कि गोडसेवादी विचारों को रोकना बहुत जरूरी है, लेकिन हमें अपने लोकतंत्र को बनाए रखने के लिए भी बहुत सावधान रहना चाहिए। हमें अपने नेताओं और पार्टियों को यह समझना चाहिए कि उनकी सोच और विचारों को आगे बढ़ाकर, हमारे देश को और भी मजबूत बनाया जा सकता है। 💬
 
कान्हैया कुमार जी की बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगता है कि वह सच्चाई कह रहे हैं 🙏। देश में लोकतंत्र बना रहना और गणतंत्र बनना तो अलग-अलग चीजें हैं। हमें सिर्फ यह ध्यान रखना चाहिए कि हमारा देश हिंसा विरोधी है, इसलिए हमें अपने नेताओं को भी ऐसी सोच में लाना चाहिए। और गोडसेवादी विचारों को रोकना तो एक बड़ी जिम्मेदारी है 🚫

कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने महात्मा गांधी की याद में श्रद्धांजलि अर्पित करने से अच्छी बात कही है। उनकी विरासत को हमें अपने पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। और गांधीजी की सोच और विचारों को हम अपने नेतृत्व में आगे बढ़ाएंगे तो हमारा देश और भी बेहतर हो जाएगा 🌟
 
कान्हैया कुमार जी की बात सुनकर मुझे बहुत खुशी हुई, लेकिन लगता है कि उनकी बात पर थोड़ी सी चर्चा जरूर करनी चाहिए। अगर हमारा देश गणतंत्र बन गया है, तो यहाँ तो सरकार और राजनेताओं के पास अधिक शक्तियां होनी चाहिए, नहीं तो लोकतंत्र तो न बन सकता। गोडसेवादी विचारों से लड़ना जरूरी है, लेकिन यह लड़ाई हमेशा लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ी जानी चाहिए। 🤔
 
कान्हैया जी की बातें सुनकर यही लगता है कि लोकतंत्र बना रहे, गणराज्य बने... हमारे देश में अब भी बहुत से लोग गोडसेवादी विचारों से प्रभावित हैं और हिंसा फैलाने की कोशिश करते हैं।

लेकिन मेरी बात यह है कि महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि में एक तो हम उन्हें याद करें, दूसरा उनकी विरासत को आगे बढ़ाना चाहिए। हमें अपने लोकतंत्र की मजबूती बनाए रखनी होगी, खिलाफतों से निपटनी होगी।
 
🤔 देश में लोकतंत्र बना रहे, गणतंत्र न बने यह सोच बहुत ही सच्ची है। 🙏 गांधीजी को शायद हमारी सबसे बड़ी चुनौती है - गोडसेवादी विचारों को रोकना।

मुझे लगता है कि हमें अपनी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता में सुधार करना होगा, ताकि लोग इस तरह के विचारों से दूर रह सकें। 📚👥
 
कान्हैया जी की बात मुझे बहुत प्रभावित कर दी। लोकतंत्र बने रहना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। हमारे देश में गोडसेवादी विचारों को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है।

मैंने पढ़ा है कि भारतीय लोकतंत्र ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। हमें गांधीजी की सोच और विचारों को अपनाएं और उन्हें आगे बढ़ाएं।

कांग्रेस पार्टी के नेताओं की बात मुझे अच्छी लगती है। हमें गांधीजी की विरासत को महत्व देना चाहिए और उसे अपने नेतृत्व में आगे बढ़ाना चाहिए। 🙏🕉️

मैंने पढ़ा है कि भारतीय लोकतंत्र ने पूरे विश्व को प्रभावित किया है। हमें गांधीजी की सोच और विचारों को अपनाएं और उन्हें आगे बढ़ाएं।

कुछ देशों में लोकतंत्र तेजी से कमजोर हो रहे हैं। हमें उनसे सबक सीखना चाहिए और अपने देश को मजबूत बनाने के लिए काम करना चाहिए। 🤔
 
अरे, यह तो सचमुच गांधीजी की बात समझ आती है 🙏। लेकिन, देश में लोकतंत्र बना रहे कैसे? हमारे नेताओं को अपने विचारों को साफ़ कर दिखाना चाहिए, जैसे कि गोडसेवादी विचारों को रोकना। अगर हमारे पास अपने-अपने विकल्प हैं तो हमें उन्हें वोट करना चाहिए। लेकिन फिर भी, गांधीजी की बातें सुनना और उनकी शिक्षाओं को अपनाना जरूरी है।
 
कान्हैया जी की बात समझ में आती है, लेकिन मुझे लगता है कि गोडसेवादी विचारों पर रोकने से हम फिर से पुलिस और सरकार पर निर्भर हो सकते हैं। मैं चाहता हूं कि हम अपनी हिंसा विरोधी सोच खुद से बढ़ाएं, ताकि हमें अपने अधिकारों की लड़ाई में मदद कर सके। महात्मा गांधी जी ने दिखाया है कि एक शांतिपूर्ण प्रतिरोध कैसे काम कर सकता है।
 
कान्हैया कुमार ने आज महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर बहुत कुछ कहा, लेकिन मुझे लगता है कि वो क्या बोल रहे हैं? हमारे देश में लोकतंत्र बना रहने की कोई संभावना नहीं है, सबकुछ अपने हिसाब से चल रहा है। गोडसेवादी विचारों को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है? हमें अपने देश में फिर से एक नेता चाहिए, जो सच्चाई और न्याय को बढ़ावा दे। 🤔
 
कान्हैया जी की बात सचमुच सच है 🤝, गोडसेवादी विचारों को रोकना और लोकतंत्र को बचाना हमारी देशभक्ति की सबसे बड़ी चुनौती है। गांधीजी ने हमें सिखाया था कि शांति और अहिंसा के माध्यम से ही वास्तविक बदलाव लाना हो सकता है 🙏
 
मैंने पढ़ा कि लोकतंत्र की जीत और गणराज्य की जीत का ताज़ा दरवाज़ा खुल गया। लेकिन अभी भी हमारे देश में गोडसेवादी विचारों से लड़ना बहुत बड़ी चुनौती है। हमें सोचते रहना चाहिए कि हम अपनी पूरी ताकत से किस तरह से लोकतंत्र को बनाए रख सकते हैं और अपने देश को गणराज्य बना सकते हैं।
 
बिल्कुल सही, देश में लोकतंत्र जीवित होना तो बहुत जरूरी है... 🙏 कान्हैया कुमार जी की बात सुनकर मुझे एक सवाल आया - महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर दोहराई गई मौन रैली, तो क्या हमें खुद भी अपने आसपास के लोगों को शांति संदेश देना है? 🤔
 
कान्हैया जी की बात मैं समझता हूँ, लेकिन महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मौन रैली सुनकर मुझे थोड़ा असहज लगा 🤔। उन्होंने कहा, देश में लोकतंत्र बन रहे और गणतंत्र नहीं बने, यह सच है, लेकिन क्या हमारी सरकार वास्तव में लोकतंत्र को बढ़ावा दे रही है? 🤷‍♂️

महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि सुनकर मुझे खुशी हुई, लेकिन क्या हमारी पार्टियों और सेवा दल नेताओं ने उनकी विरासत को सचमुच आगे बढ़ाया है? या फिर हमारे नेता बस उनकी तस्वीर पर चेहरा लगाते हैं? 🤷‍♂️

गोडसेवादी विचारों को रोकना बहुत जरूरी है, लेकिन इसके लिए हमें अपने देश में सच्चाई और न्याय की भावना बढ़ाने की जरूरत है। हमें सोचते रहना चाहिए, कि क्या हमारी सरकार वास्तव में हमारे देश को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है? 🤔
 
अरे, देश में लोकतंत्र बना रहना तो सही, लेकिन गोडसेवादी विचारों को रोकने की बात तो बहुत जरूरी है। हमारे महात्मा गांधी जी ने हमें सिखाया है कि शांतिपूर्ण सिद्धांत और अहिंसा को बढ़ावा देना चाहिए। अगर हम अपने लोकतंत्र को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो हमें अपनी भावनाओं और विचारों को नियंत्रित करने की कोशिश करनी चाहिए, न कि दूसरों को धमकाने की कोशिश करनी।
 
कान्हैया जी की बात सुनकर तो लगता है कि हमारे देश की लोकतंत्र की लड़ाई अभी भी शुरू ही नहीं हुई है। गोडसेवादी विचारों को रोकने के लिए हमें सोचने की जरूरत है, न कि बस शब्दों में फंसना। 🤔

कांग्रेस पार्टी नेताओं का कहना भी सच है कि गांधीजी की विरासत को हम अपने पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन अगर हम गोडसेवादी विचारों को रोकना चाहते हैं तो यही नहीं होगा, हमें उन्हें खत्म करने की जरूरत है। 💥

मैं अभी भी सोचता हूँ कि अगर गांधीजी आज जीवित होते, तो वे हमारी देश की स्थिति पर क्या कहते। मुझे लगता है कि वे हमें एक बार फिर से सोचने पर मजबूर कर देंगे और हमें अपने देश के लिए लड़ने के लिए प्रेरित कर देंगे। 💪
 
कान्हैया जी की बातें सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा, राजनीतिक लोग तो अक्सर एक दूसरे को चोट पहुंचाने में मजा लेते हैं, लेकिन गांधीजी की पुण्यतिथि पर शांति और सम्मान की बात करना सच्ची ताज्जुब है। 🙏

देश में सार्वजनिक जीवन में शांति और सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है, हमें अपने मतभेदों को भूलकर एक-दूसरे के प्रति सहानुभूति और समझ के साथ व्यवहार करना चाहिए।
 
🙏🌿 महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देना एक अच्छा प्रयास है, लेकिन जब तक हमारे देश में राजनीतिक जिम्मेदारियों वाले लोग भ्रष्टाचार में नहीं डूबते, तो गांधीजी की सोच और विचारों का सही तरीके से पालन करना आसान नहीं है... 🤔

हमें अपने देश को एक सच्चे लोकतंत्र में बदलने के लिए एकजुट होना चाहिए, जहां हमारे नेताओं की जिम्मेदारियों पर ध्यान देना और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ना शुरू कर देना चाहिए... 🚫

गोडसेवादी विचारों को रोकना हमारी सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके लिए हमें अपनी सोच और विचारों को बदलने के लिए तैयार रहना होगा, न कि बस दूसरों पर आरोप लगाना... 🤓

हमें गांधीजी की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपने स्वयं के जीवन में बदलाव लाना चाहिए, न कि बस उनकी याद में बोलकर और श्रद्धांजलि देकर... 🕉️
 
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