Kanhaiya Kumar: Video: महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर मौन रैली, कन्हैया कुमार बोल- देश में लोकतंत्र बना रहे, गणतंत्र न बने

मुझे लगता है कि यह तो बहुत जरूरी बात है कि हम लोकतंत्र को बनाए रखें। अब भारत में गोडसेवादी विचारों से बचना बेहद जरूरी है। मैंने अपने पिताजी की कहानियां सुनाई थीं जब वह युवा थे, उन्होंने मुझे बताया था कि 1947 के समय में भारत विभाजन के बाद उनकी गांधीजी की बहुत बड़ी सार्थकता हुई थी।
 
कान्हैया जी की बात तो बहुत सच्ची है 🤔। लोकतंत्र बन रहे है या नहीं, यह सवाल हर किसी के दिल में है। हमारा गोडसेवादी विचारों से लड़ने का प्रयास करना बहुत जरूरी है, लेकिन राजनीतिक दलों में एकजुटता नहीं होने से यह सवाल टलने की संभावना है। 🤦‍♂️ कांग्रेस पार्टी ने गांधीजी की विरासत को महत्व देना बहुत अच्छा है, लेकिन हमें अपनी ताकतों और कमजोरियों को भी पहचानना चाहिए। 🤝
 
कान्हैया कुमार जी ने सच्ची बात कही 🤔। गोडसेवादी विचारों को रोकना ही सबसे बड़ी चुनौती है, इस बात पर शायद सिर्फ़ उन्हें ही सहमति होगी। लेकिन अगर हम अपनी हिंसा विरोधी सोच को बढ़ावा देना चाहते हैं तो हमें अपने नेताओं और पदाधिकारियों पर ध्यान देना होगा। जैसे कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने महात्मा गांधी की याद में एकत्रित होकर श्रद्धांजलि अर्पित की, लेकिन फिर उन्होंने कहा कि उनकी विरासत को हमारे पार्टी की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह तो सच नहीं कही दिख रही है। 🤷‍♂️
 
कान्हैया जी की बात बहुत ही सच्ची है 😊। देश में गणराज्य बन गया तो लोकतंत्र खत्म हो गया। हमारे पास अभी भी बहुत सारे सवाल बाकी हैं। गोडसेवादी विचारों को रोकना ही सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन अगर हम अपने नेताओं को ऐसे बनाए रखें जो देश-भावना को समझें, तो फिर संभव है। पार्टियों में एकजुटता और गांधीवादी सोच को आगे बढ़ाना जरूरी है। हमें अपने नेताओं को ऐसे बनाने चाहिए जिन्हें लोकतंत्र की मजबूती और सामाजिक व्यवस्था के बीच समन्वय करने की क्षमता हो।
 
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