मुझे लगता है कि हमें इस परेड को एक महानता की प्रतीक के रूप में देखना चाहिए, जहां सैनिकों की अगुआई सेनापति करते हैं और जनता उन्हें अपने अधिकारियों के रूप में पूजती है। यह हमें अपने स्वतंत्रता संग्राम की बहुत बड़ी उपलब्धि को याद दिलाता है और हमें एकजुट करता है।