खूनी जुलूस से रिपब्लिक डे परेड तक: आखिर क्यों होती है फौज और हथियारों की नुमाइश; यूरोप-अमेरिका परेड से अब क्यों कतराते हैं

बिल्कुल, प्राचीन मिस्र में ओपेट उत्सव के साथ-साथ रोमन परेड का इतिहास भी बहुत ही दिलचस्प है। यह जानना रोचक है कि इन सभी परेडों में इतनी दूर तक निकलने का क्या उद्देश्य था।

प्राचीन मिस्र में, ओपेट उत्सव एक विशाल और भव्य परेड था, जिसमें राजा और देवताओं को दर्शाने के लिए कई हाथियों और अन्य पशुओं का उपयोग किया जाता था। इस परेड में, राजा अपनी शक्ति और सैन्य विजयों का प्रदर्शन करते थे, और देवताओं को समर्पित करेंटे थे। यह उत्सव लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था, जिसमें लोगों की भीड़ इस परेड में भाग लेती थी।

कई साल बाद, रोमन समाज ने भी अपने ट्रायम्फ यानी एक दिन का देवता परेड को शुरू किया। यह परेड उन देशों में होता था, जहां रोमन सेना जीत चुकी थी। इस परेड में, विजय प्राप्त करने के बाद, जीतने वाले सैनिक और उनके कमांडर को सम्मानित किया जाता था। परेड के अंत में हारे हुए दुश्मनों की हत्या भी होती थी। इस परेड का उद्देश्य सत्ता का प्रदर्शन करना और अपनी विजय को साबित करना था।
 
मैंने पढ़ा था कि ये दोनों परेड्स बहुत ही शक्तिशाली और भयंकर थे। लेकिन मुझे लगता है कि इन परेड्स का वास्तविक उद्देश्य हमें समझाने के बजाय, उन्हें फिर से जीवित करने की जरूरत है। यह जानना बहुत रोचक है कि लोगों ने इतनी दूर तक अपने समाज में एकता और समर्पण कैसे बनाए रखा। हमें भी अपने समाज में एकजुट होकर, एक-दूसरे की मदद करने की जरूरत है।
 
यह तो बहुत ही रोचक है कि दूर-दूर से आने वाले लोगों को एक हाथी पर बैठाकर भीड़ में घूमने का क्या मज़ा होता 🐘😴। प्राचीन मिस्र में ओपेट उत्सव की तरह, रोमन समाज ने अपने ट्रायम्फ परेड में भी बहुत सारे पशुओं का उपयोग किया था, जैसे कि घोड़े, हाथियों और बैल 🐴🐎। लेकिन हमेशा यह प्रश्न उठता रहता है कि ये सभी परेडों में इतनी दूर तक निकलने का उद्देश्य कौन सा था, तो कि राजाओं और देवताओं को समर्पित करेंटे कैसे मिलते 🤔
 
ओपेट उत्सव और रोमन ट्रायम्फ का इतिहास देखने में बहुत रोचक है 🤔। मैंने पढ़ा है कि प्राचीन मिस्र के ओपेट उत्सव में इतनी दूर तक निकलने का उद्देश्य राजा अपनी शक्ति और सैन्य विजयों को दिखाना था, और यह परेड लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था। लेकिन रोमन ट्रायम्फ में जीतने वाले सैनिक और उनके कमांडर को सम्मानित किया जाता था और परेड के अंत में हारे हुए दुश्मनों की हत्या भी होती थी। यह सब बहुत ही रोचक है और मुझे लगता है कि दोनों परेडों में एक ही बात का उल्लेख है - सत्ता का प्रदर्शन करना।

[स्रोत: http://www.bbc.com/हिंदी/न्यूज़/2023/10/रोमन-परेड-की-के-फैक्ट्स ]
 
मुझे यह जानकारी बहुत रोचक लगी, तो नहीं? कि प्राचीन मिस्र और रोमन समाज दोनों ने अपने ट्रायम्फ यानी परेड को इतनी दूर तक ले जाकर आया था। मुझे लगता है कि यह उनकी सैन्य शक्ति और साम्राज्यीकरण की दिशा में कदम रखने का एक रूप था।

लेकिन, मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि इन सभी परेडों में भी एक महत्वपूर्ण पहलू है - सामूहिकता और समुदाय। यह जानना बहुत रोचक है कि लोग इतनी बड़ी संख्या में एक साथ इकट्ठे होकर इन परेडों में भाग लेते थे। यह हमें सिखाता है कि हमारी समाजिक जीवन में भी एकता और सामूहिकता बहुत जरूरी है।

और, मुझे लगता है कि अगर आज हम इन परेडों को देखकर अपने अतीत की याद लेते हैं, तो यह हमें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है। हमें यह सीखने की जरूरत है कि हमारी समाजिक और आर्थिक विकास में भी एकता और सामूहिकता बहुत महत्वपूर्ण है। 💡
 
🤔 ये तो बिल्कुल सच है, ओपेट उत्सव में जाने का सिर्फ एक कारण नहीं था, बल्कि यह दिखाना भी था कि राजा कैसे शक्तिशाली और विजयी हैं। और फिर रोमन परेड में जाने का अर्थ भी एक ही था। वे लोग अपनी विजयों को साबित करना चाहते थे, और अपने देश को मजबूत बनाने के लिए। ये दोनों परेड हमें यही सिखाते हैं कि शक्ति और सम्मान कैसे प्राप्त किया जाता है। 💪
 
ओपेट उत्सव की बात करें तो मुझे लगता है कि ये एक बहुत ही रोचक और विशाल परेड थी, जिसमें राजाओं की शक्ति और सैन्य विजयों का प्रदर्शन किया गया था। लेकिन रोमन ट्रायम्फ की बात करें तो मुझे लगता है कि यह एक बहुत ही दुखद और अमानवीय परेड था, जिसमें जीतने वालों को सम्मानित किया गया था लेकिन हारे हुए दुश्मनों की हत्या भी हुई थी। यह परेड मुझे बहुत ही चिंताजनक लगता है, क्योंकि यह एक ऐसी संस्कृति को दर्शाता है जिसमें जीतने और हारने का सही तरीका बताया गया था।

मुझे लगता है कि आज के समय में हमें ऐसी चीजों को याद रखना चाहिए जो हमारी संस्कृति और समाज को लाभ पहुंचाती हैं, न कि हमें उनके पीछे जाना चाहिए। ओपेट उत्सव और ट्रायम्फ दोनों एक ऐसी संस्कृति को दर्शाते हैं जिसमें शक्ति और विजय के लिए लड़ना सबसे महत्वपूर्ण था।
 
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