बिल्कुल, प्राचीन मिस्र में ओपेट उत्सव के साथ-साथ रोमन परेड का इतिहास भी बहुत ही दिलचस्प है। यह जानना रोचक है कि इन सभी परेडों में इतनी दूर तक निकलने का क्या उद्देश्य था।
प्राचीन मिस्र में, ओपेट उत्सव एक विशाल और भव्य परेड था, जिसमें राजा और देवताओं को दर्शाने के लिए कई हाथियों और अन्य पशुओं का उपयोग किया जाता था। इस परेड में, राजा अपनी शक्ति और सैन्य विजयों का प्रदर्शन करते थे, और देवताओं को समर्पित करेंटे थे। यह उत्सव लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था, जिसमें लोगों की भीड़ इस परेड में भाग लेती थी।
कई साल बाद, रोमन समाज ने भी अपने ट्रायम्फ यानी एक दिन का देवता परेड को शुरू किया। यह परेड उन देशों में होता था, जहां रोमन सेना जीत चुकी थी। इस परेड में, विजय प्राप्त करने के बाद, जीतने वाले सैनिक और उनके कमांडर को सम्मानित किया जाता था। परेड के अंत में हारे हुए दुश्मनों की हत्या भी होती थी। इस परेड का उद्देश्य सत्ता का प्रदर्शन करना और अपनी विजय को साबित करना था।
प्राचीन मिस्र में, ओपेट उत्सव एक विशाल और भव्य परेड था, जिसमें राजा और देवताओं को दर्शाने के लिए कई हाथियों और अन्य पशुओं का उपयोग किया जाता था। इस परेड में, राजा अपनी शक्ति और सैन्य विजयों का प्रदर्शन करते थे, और देवताओं को समर्पित करेंटे थे। यह उत्सव लगभग सत्ताइस दिनों तक चलता था, जिसमें लोगों की भीड़ इस परेड में भाग लेती थी।
कई साल बाद, रोमन समाज ने भी अपने ट्रायम्फ यानी एक दिन का देवता परेड को शुरू किया। यह परेड उन देशों में होता था, जहां रोमन सेना जीत चुकी थी। इस परेड में, विजय प्राप्त करने के बाद, जीतने वाले सैनिक और उनके कमांडर को सम्मानित किया जाता था। परेड के अंत में हारे हुए दुश्मनों की हत्या भी होती थी। इस परेड का उद्देश्य सत्ता का प्रदर्शन करना और अपनी विजय को साबित करना था।