कफ सिरप: दुबई नहीं, दिल्ली में है किंगपिन शुभम, सरेंडर करने की तैयारी में; सोशल मीडिया पर भी है सक्रिय

कफ सिरप के अवैध कारोबार के मामले में शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने की कमिश्नरेट पुलिस सक्रिय है, लेकिन पुलिस गलत दिशा में आगे बढ़ रही है। अफवाहों के अनुसार, शुभम दुबई में छिपे हुए हैं, लेकिन विभागीय सूत्रों के अनुसार, वह नई दिल्ली में छिपे हुए हैं। पिछले 10 दिनों से वह दिल्ली में है, और उसे चंडीगढ़ और हिमाचल भी गया था।

आरोपी शुभम जायसवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर अपना वीडियो जारी किया, जहां वह ब्लैक हुडी में दिखे। पुलिस के सूत्रों के अनुसार, दुबई में इतनी ठंडी नहीं है कि वह कमरे के अंदर ब्लैक हुडी में आराम से वीडियो बना सके। यह संभव है कि वह नई दिल्ली में अपने एक पूर्व परिचित के ठिकाने पर ठहरा हुआ है।

कमिश्नरेट पुलिस की एसआईटी भी दुबई को केंद्र में मानकर तफ्तीश और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी में है। लेकिन यह ध्यान रखना आवश्यक है कि पुलिस को अफवाहों पर आधारित काम नहीं करना चाहिए, बल्कि विश्वसनीय सूत्रों और सबूतों पर आधारित निर्णय लेना चाहिए।
 
अरे यह तो पूरी तरह से अफवाह है। शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने के लिए कमिश्नरेट पुलिस इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है? ऐसा लगता है कि वे कुछ गलती की हस्तक्षेप कर रही हैं। दुबई में ठंडी नहीं है और ब्लैक हुडी में वीडियो बनाने से तो उनकी खातिरदर्द बढ़ जाएगी। और नई दिल्ली में भी वह कैसे छिप गया? पुलिस को अपने विश्वसनीय सूत्रों पर ध्यान रखना चाहिए, नहीं तो अफवाहों पर आधारित निर्णय लेने से कुछ हद तक सच्चाई भी बन जाएगी। 🤔
 
मेरे दोस्त मुझे लगता है कि पुलिस बहुत चोटी सी चीजें कर रही है 🤦‍♂️, तो शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने की बात करती है। लेकिन अगर वह दुबई में है, तो फिर क्या पुलिस उसके घर की नंबर पर कॉल कर सकती है? 🤔 और अगर वह नई दिल्ली में है, तो फिर क्यों वह सोशल मीडिया पर ब्लैक हुडी में वीडियो बनाता है? 📹 मुझे लगता है कि पुलिस को अपनी गिनती कर लेनी चाहिए और अफवाहों पर आधारित नहीं रहना चाहिए।
 
क्या ये पुलिस की लगन है? शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने की बात तो ठीक है, लेकिन अफवाहों पर आधारित निर्णय लेना गलत है। यह तो एक साजिश की तरह लगता है जिसमें पुलिस को मिलकर कुछ चालाकी का खेल खेलने का मौका मिलता है।

पिछले 10 दिनों से वह दिल्ली में है, और उसे चंडीगढ़ और हिमाचल भी गया था, तो यह तो पता चलता है कि वे कहीं छिपकर नहीं हैं। नई दिल्ली में ब्लैक हुडी में वीडियो बनाने से भी यह तय होता है कि वह ठिकाने पर नहीं हैं।

कमिश्नरेट पुलिस को समझना चाहिए कि अफवाहों पर आधारित काम नहीं करना चाहिए, बल्कि विश्वसनीय सूत्रों और सबूतों पर आधारित निर्णय लेना चाहिए। तभी यह मामला ठीक से सुलझ सकता है।
 
Wow 😮 यह बहुत अजीब है, क्या पुलिस में तो ऐसी गलतियाँ नहीं होती? दुबई में ठंड नहीं है और फिर भी ब्लैक हुडी में वीडियो बनाने कैसे हुआ, यह सुनकर मजाक नहीं लगता 🤣
 
नहीं, यह तो खुल कर देखो क्या होता है जब पुलिस अपने खिलाफ आरोप लगाने वाले को पकड़ने में असफल रह जाती है। पहले था शाहरुख़, फिर सिद्धार्थ मल्होत्रा, अब यह तो शुभम जायसवाल का बारी है। और लोग कहते हैं पुलिस को पता है कि शुभम कहाँ है, लेकिन लगता है वे खुद भूल गए हैं। दुबई में ठंडी नहीं है, ब्लैक हुडी में वीडियो बनाना आसान तो नहीं? 🤔
 
कफ सिरप के मामले में शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने की बात तो हुई है, लेकिन पुलिस कितनी तेज़ चल रही है 🤦‍♂️? पहले दुबई में छिपे हुए कहना था, फिर नई दिल्ली में ठहरा हुआ बताना शुरू हो गया है। यह तो अफवाहों की तरह लगता है, चाहे विश्वसनीय सूत्रों पर आधारित न हो। पुलिस को ध्यान रखना चाहिए, शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने के लिए सबूत और सबकुछ तैयार होना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि पुलिस जैसे बड़े खिलाड़ी नहीं बनने दें, फिर भी हमें अपने बच्चों को सही रास्ते पर चलने का मौका देना चाहिए। यह अफवाहें तो बहुत सुनने लायक हैं, लेकिन पुलिस जैसे बड़े खिलाड़ी बनने के पहले बच्चों को सही मार्गदर्शन मिलता है, या नहीं? शुभम जायसवाल के मामले में पुलिस सावधानी से आगे बढ़ें, लेकिन पूरी जांच करने के बाद फैसला लें। हमें अपने बच्चों को भी इसी तरह समझना चाहिए, जब वे गलतियाँ करते हैं तो उन्हें सही मार्गदर्शन देना चाहिए।
 
अरे दोस्तो, यह बात बहुत अजीब है... पुलिस शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने में सक्रिय है, लेकिन अफवाहों पर आधारित तो नहीं चलना चाहिए। अगर वास्तव में वह दुबई में छिपा हुआ है तो फिर पुलिस क्यों नई दिल्ली में उसकी तलाश शुरू कर रही है? और भी यह बात दिलचस्प है, कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया, लेकिन पुलिस को लगता है कि वह कमरे के अंदर ब्लैक हुडी में तो कैसे बनाया? 🤔
 
अरे दोस्तो! यह पुलिस की तरक्की है कि उन्हें शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने का मौका मिला। लेकिन तय कर लें कि उन्हें अफवाहों पर आधारित नहीं चलने दें 🙅‍♂️, पुलिसी सलाम! कमिश्नरेट पुलिस को विश्वसनीय सूत्रों पर ध्यान रखना चाहिए। शुभम जायसवाल का वीडियो देखा तो मुझे लगा कि वह सच्चाई बताने की कोशिश कर रहा है। #जायसवालकीहकीकत #पुलिसीसलाम #अफवाहोंपरनाहींचालन
 
मुझे लगता है कि पुलिस को शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर वह दुबई में छिपे हुए हैं, तो क्योंकि साथी ने वीडियो बनाया? और अगर नई दिल्ली में छिपे हुए हैं, तो फिर क्या उनके पास यह शक्ति थी? मुझे लगता है कि पुलिस को अपने नियमों और सबूतों पर ध्यान देना चाहिए, न कि अफवाहों पर. और अगर वे गलत जानकारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं, तो इससे शुभम जायसवाल के लिए भी नुकसान होगा। 🤔😬
 
अरे भाई, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है! पुलिस को ऐसी अफवाहों पर ध्यान देने से पहले शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी का सबूत मिल गया या नहीं? वहां तो इतनी ठंडी न होने की बात तो बहुत अजीब है, और अगर वीडियो में उसकी आँखों से पानी नहीं आ रहा है तो यह कैसे बनाया गया? मुझे लगता है कि पुलिस को अपने निर्णय को ध्यान से लेना चाहिए, और अफवाहों पर आधारित काम नहीं करना चाहिए।
 
अरे यार, यह पूरी मालش है! कमिश्नरेट पुलिस से ज्यादा मामले को उजागर करने की कोशिश कर रही है, तुम्हें पता नहीं है कि वह अपने सिरप कारोबार को ठीक करने के लिए माफी मांगने की जगह जेल में डाल रही है। और अफवाहों पर आधारित काम करने की तैयारी? यह तो पूरा मजाक है! 🙄

आज की पुलिस बिल्कुल भूल गई है कि वह लोग सिरप कारोबार करने वाले हैं और उनकी जिंदगी में अच्छाई-ख्वाबी नहीं है। उन्हें यह समझना चाहिए कि जेल में डालने से कुछ नहीं होगा, बल्कि अपने खिलाफ सबूतों को इकट्ठा करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए ठोस सबूतों पर आधारित काम करना चाहिए।

कमिश्नरेट पुलिस को यह सुनना चाहिए कि वीडियो में ब्लैक हुडी में दिखना तो जरूर है लेकिन वहां तो ठंड की तुलना कर रहे थे, न कि कमरे में आराम से। यह संभव नहीं है! 😂

लेकिन मुझे लगता है कि पुलिस को अपने कार्यों पर ध्यान देना चाहिए और अफवाहों पर आधारित काम करने से बचना चाहिए।
 
मेरी जिज्ञासा तो बढ़ गई है इस मामले की। पुलिस क्या जानना चाहती है? शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने का निर्णय सोच-समझकर लेना चाहिए। ये अफवाहें तो फैल रही हैं, लेकिन पुलिस अगर इन पर ध्यान नहीं देती, तो यह मामला और भी जटिल हो सकता है। मेरी राय, पुलिस को पहले सबूत इकट्ठा करना चाहिए, फिर इसके बाद निर्णय लेना चाहिए।
 
मुझे लगता है कि पुलिस बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन दोनों पक्षों को विश्वसनीय जानकारी इकट्ठा करने की जरूरत है। शुभम जायसवाल के अवैध कारोबार के मामले में पुलिस को अपनी गहराई में नीचे डालने की जरूरत है, लेकिन यह भी सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि वह अफवाहों पर आधारित नहीं है। दुबई या नई दिल्ली में उसकी गिरफ्तारी एक अच्छा निर्णय हो सकता है, लेकिन पहले स्पष्ट सबूत इकट्ठा करने की जरूरत है।
 
अरे दोस्ती, यह पुलिस की रणनीति तो बहुत ही अजीब है! दुबई में शुभम जायसवाल को पकड़ने की तैयारी में तफतीश और रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी है, लेकिन पहले से ही उन्होंने अफवाहों पर आधारित काम करना शुरू कर दिया है!

क्या पुलिस ने कभी सोचा है कि यह सब वास्तव में क्या है? कि शुभम जायसवाल को पकड़ने के लिए उन्हें सबसे पहले अपने खुद के अफवाहों पर आधारित रणनीति बनानी पड़ेगी?

लेकिन फिर भी, मैं सोचता हूं कि पुलिस को यह बात याद रखनी चाहिए कि आरोपी शुभम जायसवाल को पकड़ने के लिए विश्वसनीय सूत्रों और सबूतों पर आधारित निर्णय लेना चाहिए, न कि अफवाहों पर आधारित!

यह तो एक बड़ी गलती है, दोस्ती, पुलिस को यह नहीं भूलना चाहिए कि जानबूझकर किसी के खिलाफ आरोप लगाना और उसको पकड़ने की रणनीति बनाना बहुत ही गंभीर मामला है!
 
मैंने शुक्रवार को देखा था कि पुलिस ने आरोपी शुभम जायसवाल का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, और अब वह नई दिल्ली में ही नहीं तो चंडीगढ़ या हिमाचल भी गया था। लेकिन फिर पुलिस ने दुबई में बताया कि वह वहां छिपा हुआ है। यह अच्छा नहीं लगता, खासकर जब तक हमें सबूत नहीं मिलते। मुझे लगता है कि पुलिस जल्दी से अपनी रणनीति बदलनी चाहिए, और पहले सच्ची जानकारी इकट्ठा करनी चाहिए।
 
अरे भाई, यह तो बहुत ही अजीब बात है कि पुलिस ऐसी गलत दिशा में आगे बढ़ रही है। शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने से पहले उसकी स्थिति को समझने की जरूरत थी। और इसके लिए वीडियो देखने की जरूरत नहीं थी, लेकिन पुलिस ने ऐसा ही किया।

अब जब वह नई दिल्ली में है, तो कह रहे हैं कि वह दुबई में छिपे हुए हैं। लेकिन क्या यह सच है? और अगर नहीं, तो क्यों पुलिस ऐसी बातें कर रही है? और वीडियो में उसकी ब्लैक हुडी में क्या मतलब है?

यह सुनने में बहुत अजीब लगता है, लेकिन हमें यह नहीं समझने की जरूरत। शुभम जायसवाल को गिरफ्तार करने के पीछे कुछ और चीजें होनी चाहिएं, लेकिन अभी तक हमें पता नहीं चलता।
 
क्या यही नहीं है? पुलिस तो एक ओर अफवाहें फैला रही है, दूसरी ओर आरोपी के खिलाफ मामला आगे बढ़ा रही है। दुबई या नई दिल्ली में छिपे हुए होने की बात तो बस राजनीति की खेल है! 😒 मुझे लगता है कि पुलिस को अपना समय सीमित कर लेना चाहिए, आरोपी को न्याय दिलाना चाहिए और अफवाहों पर आधारित नहीं करना चाहिए। तभी हम सभी शांति से रोज़ जीने पाएंगे।
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा मुद्दा है। पुलिस इतनी गंभीरता से शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी की तैयारी कर रही है, लेकिन उन्हें पता नहीं है कि वास्तव में वह कहां हैं। दुबई या नई दिल्ली? यह बहुत अजीब है। और पुलिस को अफवाहों पर आधारित काम करने से भी रुकना चाहिए। उन्हें विश्वसनीय सूत्रों और सबूतों पर आधारित निर्णय लेना चाहिए। यह तो एक बड़ा मुद्दा, और मुझे लगता है कि पुलिस को अपनी गल्बत करनी चाहिए।
 
Back
Top