कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व विवाद: शिवकुमार को CM बनाने की फिर उठी मांग, 80 से 90 विधायकों के समर्थन का दावा

कांग्रेस पार्टी में शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा, 80 से 90 विधायकों ने समर्थन दिया है।

कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व संकट बढ़ रहा है, जबकि उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा हो रहा है। इकबाल हुसैन, जो शिवकुमार के करीबी विधायक हैं, ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का अवसर देने की मांग की है।

इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए, क्योंकि हमने अवसर की मांग की है और करीब 80 से 90 विधायकों ने एक साथ इस इच्छा जताई है। आगामी चुनाव हम शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, दोनों के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।

इस चरण में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 7.5 साल तक इस पद पर रह चुके हैं। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने पांच साल पूरे किए और इस बार 2.5 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने अच्छा शासन दिया है।

शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की मांग पर अनुरोध करते हुए इकबाल हुसैन ने कहा, "आप समानता और समाजवाद की बात करते हैं, अब समय आ गया है कि उस विचारधारा को अमल में लाया जाए।"

इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए, क्योंकि हमने अवसर की मांग की है और करीब 80 से 90 विधायकों ने एक साथ इस इच्छा जताई है। आगामी चुनाव हम शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, दोनों के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।

इस मामले पर विभिन्न विधायकों की राय अलग-अलग है। एक ओर पर, शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की मांग में से हिस्सा निकल रहा है, जबकि दूसरी ओर यह मांग कांग्रेस पार्टी में विभाजन की ओर ले जा रही है।

इस मामले पर एक अन्य विधायक, एच.सी. बालकृष्ण ने कहा, "सिर्फ इसलिए कि मुख्यमंत्री के बेटे यतींद्र ने बयान दिया है, नेतृत्व में होने वाले बदलाव रुक नहीं जाएंगे। जब फैसला होगा, तब मामला सुलझ जाएगा।"

इस मामले पर अनुरोध करते हुए इकबाल हुसैन ने कहा, "हम चाहते हैं कि कांग्रेस सरकार राज्य में फिर से सत्ता में लौटे। इस चरण में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया 7.5 साल तक इस पद पर रह चुके हैं। अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने पांच साल पूरे किए और इस बार 2.5 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। उन्होंने अच्छा शासन दिया है।

इस मामले पर अनुरोध करते हुए इकबाल हुसैन ने कहा, "हम चाहते हैं कि हमारे नेता को भी एक अवसर मिले। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया हमेशा समाजवाद, समानता और सामाजिक न्याय की बात करते हैं। मैं कांग्रेस पार्टी का एक छोटा नेता हूं, लेकिन आपसे अनुरोध करता हूं कि अपने सिद्धांतों को व्यवहार में उतारें।
 
मुख्यमंत्री बनने का दावा तो शिवकुमार ने कर दिया है, लेकिन 80 से 90 विधायक समर्थन देने की बात कह रहे हैं... लेकिन यह सही नहीं है, उन्हें भी अपना मान बनाना चाहिए... और 2.5 साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है तो फिर? मुख्यमंत्री बनने की बात कहकर सबको धोखा देने का क्या हाल है? 🤔
 
मुख्यमंत्री बनने की दावेदारी पर शिवकुमार की बात सुनने के बाद, लगता है कि कुछ चीजें सही हैं। 80 से 90 विधायकों ने समर्थन दिया है, तो फिर वहां पर कोई गलती नहीं है। लेकिन, मुझे लगता है कि इस मामले में बहुत सारी चिंताएं हैं। शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की मांग में से हिस्सा निकल रहा है, तो फिर यह विभाजन की ओर ले जा रहा है? क्या हम सचमुच अपने सरकारी कार्यकालों को देखना चाहते हैं या हम सही उम्मीदवार को चुनने में असफल रहे? 🤔
 
क्या ये सचमुच सही समय है जब हम शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं? पहले से ही उन्हें कांग्रेस पार्टी में एक महत्वपूर्ण स्थान मिल चुका है, लेकिन अभी तक कोई प्रमाण नहीं है कि वे सरकार चला सकते हैं। और फिर भी, इकबाल हुसैन जैसे विधायक हमेशा उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, यह तो एक बड़ा सवाल है... 🤔
 
क्या भाई, मुख्यमंत्री बनने के लिए शिवकुमार की दावेदारी अच्छी है, लेकिन ऐसा करने से पहले हमें सोचना चाहिए कि वह हमेशा एक अच्छा नेतृत्व करेगा और समाज के लिए क्या वादा करता है? 🤔

मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को भी अपने पद पर रहने के लिए एक अच्छा कारण है, और वह हमेशा समाजवाद और समानता की बात करते रहेंगे। शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की मांग करने से पहले हमें यह पूछना चाहिए कि वह क्या वादा कर सकते हैं? 🤝

लेकिन, यह भी सच है कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की मांग करने से पहले हमें अपने नेताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने देना चाहिए। मैं उम्मीद करता हूं कि आगामी चुनाव में शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया दोनों नेतृत्व में लड़ेंगे और समाज के लिए अच्छा काम करेंगे। 💪

आपको क्या कहना है? आपको लगता है कि शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने के लिए योग्य हैं? 🤔
 
मुझे लगता है कि यह बात तो दिलचस्प है! कुछ दिनों पहले मेरी बहन ने भी ऐसा ही कहा, वह कहती हैं कि शिवकुमार साहब एक अच्छा नेता हैं और उन्हें मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलना चाहिए। मुझे लगता है कि यह मामला अभी भी आगे बढ़ रहा है, लेकिन मैं उम्मीद करता हूं कि शिवकुमार साहब हमारे राज्य को अच्छा नेतृत्व देंगे।
 
ਇਸ ਮामलੇ ਵਿੱਚ ਹੋ ਰਹੀ ਗੱਲ ਦੁਨੀਆ ਦੇ ਕਈ ਖੇਤਰਾਂ ਤੋਂ ਸੰਬੰਧित ਹੈ। ਪਰ ਅੱਜ ਵੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਯਥਾਰਥ ਦਾ ਡਿੰਡਾ ਮਾਰਨਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ।
 
मुझे लगता है कि यह बहुत ही रोचक है कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा हो रहा है। लेकिन, मुझे लगता है कि हमें पता होना चाहिए कि क्या यह वास्तव में संभव है? 🤔

मैंने शिवकुमार की पूरी कहानी नहीं देखी है, लेकिन लगता है कि उन्होंने अच्छा काम किया है। लेकिन, क्या यह पर्याप्त था कि वे मुख्यमंत्री बन जाएं? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि इस मामले पर हमें और अधिक जानकारी चाहिए। क्या शिवकुमार ने अपने पूर्व अनुभवों से सबक लिया है? 🤔

मैं समझता हूं कि इकबाल हुसैन ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से उनके लिए अवसर देने की मांग की है, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बहुत बड़ी मांग है। 🤯

क्या हमें पता होना चाहिए कि शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने से राज्य के लिए क्या फायदा होगा? 💡
 
अरे, यह बात कर रहे हैं कि शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने का दावा कर रहा है, लेकिन पूरा सच नहीं कहा जा सकता। 80 से 90 विधायकों ने समर्थन दिया है, लेकिन यह तो सिर्फ विधायकों की बात है। मुख्यमंत्री बनने के लिए और भी कुछ जरूरी है।

इस मामले पर बहुत पुरानी सरकार है, जैसे कि 7.5 साल तक सत्ता में रहना। यह तो अच्छा है, लेकिन फिर भी नई दिशा और नेतृत्व की जरूरत है। शिवकुमार को समर्थन मिलने की बात तो ठीक है, लेकिन इसके पीछे क्या मूल्यांकन है?
 
अरे, यह तो बहुत ही रोचक है कि कर्नाटक कांग्रेस पार्टी में नेतृत्व संकट बढ़ रहा है, और अब शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा हो रहा है। लेकिन, यह तो बहुत ही महत्वपूर्ण है कि इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाया जाना चाहिए। हमने अवसर की मांग की है और करीब 80 से 90 विधायकों ने एक साथ इस इच्छा जताई है।

मुझे लगता है कि यह बहुत ही अच्छा समय है कि शिवकुमार अपने विचारधारा को अमल में लाए। लेकिन, यह भी महत्वपूर्ण है कि हमें पता होना चाहिए कि आगामी चुनाव हम दोनों नेताओं के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।

यह तो बहुत ही रोचक है, और मुझे लगता है कि इस मामले पर विभिन्न विधायकों की राय अलग-अलग है।
 
मुझे लगता है कि यह समय है कि हमारी पार्टी में नए नेताओं को मौका मिलना चाहिए 🤝। शिवकुमार जी को मुख्यमंत्री बनने का दावा करना और करीब 80 से 90 विधायकों का समर्थन लेना बेहद ही प्रभावशाली है 💪। मैं उम्मीद करता हूं कि आगामी चुनाव में हमारे नेतृत्व में लड़ने से हम अपने राज्य को और भी उन्नत बनाने की दिशा में बढ़ सकते हैं। 🚀
 
देखो, इस समय कांग्रेस पार्टी में बहुत बड़ा बदलाव आ रहा है। शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा करना एक बड़ी बात है... (thinks)

लेकिन, यह तो समझ में आता है कि जब सिद्धारमैया 7.5 साल तक इस पद पर रह चुके हैं, तब भी उनका नेतृत्व और समर्थन जरूरी है। मुझे लगता है कि इकबाल हुसैन की बात तो सही है, हमें कांग्रेस सरकार को वापस आने के लिए एक साथ खड़े होने की जरूरत है।

लेकिन, यह भी सच है कि शिवकुमार का दावा कुछ समय और चुनौतियों के बाद ही स्पष्ट होगा। मुझे लगता है कि आगामी चुनाव में हमें दोनों नेताओं, सिद्धारमैया और शिवकुमार के समर्थन से लड़ना चाहिए... (thinks)

क्योंकि एक तो उनका व्यक्तिगत समर्थन है और दूसरा यह कि हमारी राजकीय पार्टी के नेतृत्व में हमें सफलता की ओर बढ़ने की जरूरत है। (smiles)
 
मुझे लगता है कि युवाओं की आवाज़ और उनकी इच्छाएँ कभी नहीं भूलनी चाहिए। जब हमें 90 का दशक था, तो हमारे पास बस एक टेलीविजन, फोन और कंप्यूटर थे, लेकिन आज युवाओं के पास सोशल मीडिया और कई अन्य तकनीकी साधन हैं। लेकिन विचारधारा और नेतृत्व में बदलाव करने का समय हमेशा नहीं आता।
 
क्या हमेशा तो शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा करना पड़ता है? लगता है कि यह एक दुष्कृत्य है, जिससे नेतृत्व में बदलाव की संभावना नहीं मिलती। इसके बजाय, मैं चाहता हूं कि हमारे पास अच्छे और अनुभवी नेताओं का चयन हो।
 
शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा हुआ, 80 से 90 विधायकों ने समर्थन दिया है 🤔। इस मामले पर कई विधायकों की राय अलग-अलग है, लेकिन मेरी राय है कि इकबाल हुसैन को उनकी बात का सम्मान करना चाहिए। शिवकुमार ने अच्छा नेतृत्व दिखाया है और उन्हें एक अवसर देने से नहीं गलत होगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया जैसे लोगों को भी अपने पद से इतरने का मौका नहीं मिलना चाहिए। 🙏

आइए हम इस मामले पर शांति से बात करें और सभी विधायकों को एक दूसरे की बात समझने का प्रयास करें। शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा करने के लिए 80 से 90 विधायकों ने समर्थन दिया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह नेतृत्व कर सकते हैं। हमें आगामी चुनाव में एक मजबूत सरकार बनाने का प्रयास करना चाहिए। 📈

मेरी राय क्या है? आपको अपना विचार बताएं! 🤗
 
अरे, ये तो फिर एक नई चाल है! क्या शिवकुमार जी को ही मुख्यमंत्री बनने का दावा करना पड़ेगा, तो इतनी तेजी से? और इकबाल हुसैन ने भी अपने विचार साझा किए हैं, लेकिन क्या वास्तव में यह उनकी राय नहीं थी, बल्कि एक अनुरोध था जिसे उन्होंने कांग्रेस पार्टी के नेताओं को दिया है।
 
बड़ा भाई, यह तो दिलचस्प है कि कनग्रेस पार्टी में शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा हो रहा है। लेकिन फिर भी, अन्य विधायकों की राय अलग-अलग है, यह तो सरकार के लिए चुनौती का साबित हो रहा है 🤔

मेरा मतलब यह है कि अगर हमने एकजुटता से अपना समर्थन दिया है, तो फिर बाकी लोगों को भी मान लेना चाहिए। शिवकुमार की कम उम्र और अनुभव की कमी को देखकर, यह सवाल उठता है कि क्या वह वास्तव में सही मुख्यमंत्री बन सकते हैं? 🤷‍♂️

लेकिन मेरे बादशाह, अगर हमने एकजुटता से अपना समर्थन दिया है, तो फिर यह बात जरूर करनी चाहिए कि सभी विधायकों की राय को समझना भी जरूरी है। और शिवकुमार के लिए, अब यह सवाल उठता है कि अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें अपने सिद्धांतों को अमल में उतारना चाहिए। 👊

अगर हमने एकजुटता से अपना समर्थन दिया है, तो फिर यह बात जरूर करनी चाहिए कि सभी विधायकों की राय को समझना भी जरूरी है। और शिवकुमार के लिए, अब यह सवाल उठता है कि अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें अपने सिद्धांतों को अमल में उतारना चाहिए। 👍
 
कांग्रेस पार्टी में शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने का दावा, यह एक बहुत बड़ा मुद्दा है जिसमें कई तरह के विचार हैं।

मेरा विचार है कि अगर करीब 80 से 90 विधायक ने समर्थन दिया है, तो शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की शुरुआत अच्छी है। लेकिन इस मामले पर अनावश्यक भ्रम नहीं फैलाना चाहिए, क्योंकि हमने अवसर की मांग की है और आगामी चुनाव में दोनों के नेतृत्व में लड़ना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अच्छा शासन दिया है, लेकिन शिवकुमार को भी एक अवसर मिलना चाहिए। इकबाल हुसैन ने सही कहा है कि हमें अपने सिद्धांतों को व्यवहार में उतारना चाहिए।

मुझे लगता है कि यह मामला आगामी चुनाव में बहुत महत्वपूर्ण होगा।
 
शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनने की बात मुझे बहुत रोमांचित कर देती है 🤩। शायद समय आ गया है कि नेतृत्व में बदलाव आए और नई ऊर्जा लाई जाए। मुझे लगता है कि इकबाल हुसैन और अन्य विधायकों की बात समझ में आती है, उनकी इच्छा और समर्थन बहुत मजबूत है। उम्मीद है कि आगामी चुनाव में शिवकुमार और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, दोनों नेतृत्व में लड़ेंगे और राज्य के लिए अच्छा भविष्य लाएंगे। चलिए, हम उन्हें सफल होने की शुभकामनाएं देते हैं 🙏
 
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