कर्नाटक में पुलिस ने 1-साल के बच्चे की बलि रुकवाई: खजाने की तलाश में घर में गड्ढा खोदकर पूजा की जा रही थी

बच्चे को पूजा में बलि देने की घटना कर्नाटक के बेंगलुरु ग्रामीण जिले में हुई। यह घटना तब घटी, जब 1 साल के बच्चे की बलि रोककर उसकी जान बचाई गई थी।

इस घटना को अंजान दिया गया था, लेकिन पुलिस ने इसे पकड़ लिया और बच्चे को बचाया। पुलिस ने बताया है कि मामले में आगे जांच जारी है।
 
बुरी बात हुई है भाई, यह तो बहुत ही दुखद घटना है। एक साल का बच्चा इतना छोटा और जरूरी व्यक्ति... किस तरह की जगह पर ले जाया गया। इसका क्या हाल होगा? पुलिस ने तो पकड़ लिया, लेकिन यह मामला अभी भी आगे की जांच के लिए नहीं है। हमें इस तरह की घटनाओं से रोकने के लिए और अधिक सख्त कदम उठाने चाहिए।
 
मैं तो इतना खेद महसूस कर रहा हूँ, यह घटना देखकर 😭🤕। अगर बच्चे को पूजा में बलि देने की बात हो रही थी, तो यह तो बहुत ही गंभीर मामला है। और फिर भी जान बचाई गई, यह एक बड़ी मिराज़ है ✨🙏। लेकिन इतनी घटनाओं को अंजान दिया जा रहा है, तो यह तो एक बड़ा समस्या है 🤔💡। हमें अपने समाज में ऐसी गतिविधियों की नज़रंदाज़ी करनी चाहिए और बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए 👮‍♂️👧.

मेरा मन यह है कि अगर हम अपने समाज में जागरूकता फैलाएं, तो शायद ऐसी घटनाओं की संख्या कम हो जाएगी। लेकिन इस बार मैं बहुत खेद महसूस कर रहा हूँ, यह घटना देखकर 😢
 
ये तो बहुत दुखद है 🤕, ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए। क्यों? क्योंकि हमारे बच्चे इतने सुंदर हैं और उन्हें कभी भी किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए 😔. पुलिस ने जो बच्चे की जान बचाई, वो बहुत बड़ी बात है। लेकिन अब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसी घटनाएं कभी भी फिर नहीं होंगी।
 
मुझे बहुत दुख हो रहा है कि ऐसी घटनाएं होने लगीं. यह तो बिल्कुल सही नहीं है, जैसे बच्चों को खाने के लिए बलि देना। मैंने सोचा था कि हमारी समाज में ऐसे विचारों का पूरा अहंकार नहीं है। यह घटना मुझे बहुत चिंतित कर रही है और मैं उम्मीद करता हूं कि आगे जांच से सच्चाई निकलेगी।
 
मेरा मन तो बहुत उदास हो गया जब मुझे यह खबर सुनाई दी। बच्चे को पूजा में बलि देने की घटना तो बिल्कुल भी सही नहीं है। मैं समझता हूँ कि ऐसी चीजें कभी-कभी तब होती हैं जब लोग अपने जीवन से निकलने की इच्छा करते हैं, लेकिन बच्चे की जिंदगी तो अभी बाकी है 🤕

मुझे यह पता लगाने में बहुत दिक्कत हुई कि ऐसी घटना कब से हो रही है, और यहां तक कि यह भी सुनकर मुझे लगता है कि फिलहाल हमारे समाज में अभी भी बहुत सारी समस्याएं बनी हुई हैं। लेकिन जैसे ही पुलिस ने इस मामले को पकड़ लिया, तो मुझे यह दिल चढ़ गया कि जल्द से जल्द उन्हें सज़ा देनी चाहिए।
 
🤔 यह घटना बहुत दुखद है, बच्चों की जान जिंकना और उनके परिवार को दुःख पहुँचना बिल्कुल सही नहीं है ...

जैसे जब 1 साल का बच्चा बलि में लिया गया था , तभी उसकी जान बचाई गई, यह तो बहुत अच्छा है लेकिन अगर इस तरह की घटनाएं कम न हों तो देश का भविष्य कैसे रहेगा ...

बच्चों के साथ ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए, उन्हें प्यार और सुरक्षित रखा जाना चाहिए, यह तो हमें सबक है कि हम उनकी रक्षा के लिए जागरूक होने चाहिए ...

आज के समय में भी ऐसे मामले नहीं कम होंगे, तभी हमें अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूक और प्रतिबद्ध रहना होगा, न कि सिर्फ बोलते रहते हैं ...
 
क्या यह घटना तो सचमुच दिल को टूटने की बात है 🤕। लेकिन मेरा सवाल यह है कि कैसे हम इस तरह की घटनाओं को रोक सकते हैं? शायद सरकार को बच्चों की सुरक्षा के नियम बनाने की जरूरत है, और ग्रामीण इलाकों में भी पुलिस की उपस्थिति बढ़ानी चाहिए। लेकिन यह सवाल उठता है कि सरकार तो पहले से ही कई बार कह चुकी है कि हम बच्चों की सुरक्षा सबसे बड़ी priority देंगे। तो अब तो कब तक? 🤔
 
यह तो बहुत दुखद घटना है 🤕, जब एक छोटे से लड़के की जान खतरे में पड़ी थी। मैं समझ नहीं पाया कि ऐसी चीजें फिर भी हो रही हैं। यह जरूरी है कि हमारे पास बच्चों की रक्षा करने वाले संसाधन और नियम हों, ताकि ऐसी घटनाएं कभी नहीं हों। मुझे लगता है कि लोग अक्सर अपने आसपास की चीजों से बांझपान करते हैं और इसका एहसास नहीं करते। हमें सोशल मीडिया जैसे मंचों पर भी जागरूकता फैलानी चाहिए, ताकि लोगों को ये समस्याएं पता चल सकें।
 
ये तो बहुत ही चुनौतीपूर्ण और दुखद स्थिति है... बिल्कुल यह सही नहीं है कि बच्चों का उपयोग पूजा में किया जाए, यह पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल है।

पुलिस ने इस घटना को पकड़ लिया और बच्चे को बचाया, इससे हमारी सामाजिक व्यवस्था में सुधार होने का इशारा है। लेकिन अभी भी ऐसी कई घटनाएं होती जा रही हैं, जिनके पीछे कारण पता नहीं चलता।

मुझे लगता है कि हमें बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए एकजुट होना चाहिए।
 
बहुत दुखद घटना हुई, बच्चे की जान बचाई गई, लेकिन यह कैसे हो सकता है, हमें अपने समाज में ऐसी बातों को रोकना चाहिए, हमें अपने बच्चों को सुरक्षित रखना चाहिए।
 
Wow 🤯🙅‍♂️, यह बिल्कुल गलत है! एक साल का बच्चा बलि देने का विचार कैसे आ सकता था। यह तो बहुत बड़ी बुराई है। Interesting 😒 मुझे लगता है कि पुलिस ने सही कदम उठाए हैं और इस घटना में आगे जांच जारी रखनी चाहिए।
 
यह घटना बहुत दुखद है, लेकिन यह सिर्फ एक घटना नहीं है, बल्कि हमारे समाज में कुछ गहराई मौजूद है। क्योंकि यह घटना हुआ, तो हमें पूछना पड़ता कि क्या इतनी जिम्मेदारी वाले लोग इस तरह के अपराध कर सकते हैं? और हमें यह भी सवाल करना चाहिए कि क्या हमारे समाज में ऐसे लोग बहुत आम हैं जो बच्चों की जान जानबूझकर लगा सकते हैं? यह एक बहुत बड़ी समस्या है और हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
ਮੈਂ ਇਸ ਘਟਨਾ 'ਤੇ ਚਿੰਤਿਤ ਹਾਂ। ਬੱਚਿਆਂ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਈ ਮੁਸ਼ਕਲਾਂ ਨਾਲ ਲੰਘਦੀ ਹੈ, ਪਰ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਰਨੀ ਮੈਂ ਖ਼ਿੱਚ ਅਤੇ ਡਰਾਉਣੀ ਹੋ ਸਕਦੀ ਹੈ। 🤔

ਜਵਾਬਦੇਹ ਕੱਟੜ ਪਦ ਲੈ ਚੁੱਕੀ ਪੁਲਿਸ ਨੂੰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਬਚਾਏ ਬੱਚੇ ਦੀ ਡਾਕਟਰੀ ਜਾਂ ਮਸ਼ਵਰੇ ਦੀ ਖ਼ਾਤਰ ਬਿਲਕੁਲ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। 😒

ਮੈਂ ਇਸ ਤੋਂ ਉਮੀਦ ਕਰਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਪੁਲਿਸ ਅਤੇ ਜ਼ਿਲ੍ਹਾ ਪ੍ਰਬੰਧਨ ਦੋਵੇਂ ਮੌਖੀ ਹੁੰਦੇ ਹੋਏ ਇਸ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੀਆਂ ਗੱਲਾਂ 'ਚ ਨਿਯੰਤ੍ਰਣ ਕਰ ਲਏਗੇ। 🙏
 
अरे, यह तो बहुत दुखद बात है... जब बच्चों की जान खतरे में पड़ जाए, तो हमें सबसे पहले सोचना चाहिए कि सरकार और पुलिस नहीं ही, लेकिन हमारा समाज है, हमारी दूसरी और सबसे बड़ी शक्ति है... हमें अपने बच्चों की जान बचाने के लिए तैयार रहना चाहिए, साथ में उनके लिए हमेशा सावधान रहकर देखभाल करनी चाहिए।
 
बेंगलुरु में यह घटना सुनकर तो बहुत दुख हुआ। मुझे लगता है कि ऐसे incidents को रोकने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। पुलिस की भी जिम्मेदारी है, उन्हें इस तरह की घटनाओं को पकड़ने और बच्चों की रक्षा करने में मदद करनी चाहिए। बच्चों की जान बचाने वाली महिला को जरूर प्रशंसा की जाए, वह बहुत ही धैर्य और साहस से लड़ी थी।
 
बच्चों की जान बाला करने वाले लोगों को पकड़ने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया जाता तो सिर्फ घटनाओं को छुपाया जाता है और फिर पुलिस ने एक मौके पर पकड़ लिया। 1 साल का बच्चा अभी भी इस दुनिया में खेलने का मौका नहीं मिल पाया। मुझे यह सोचने पर मजबूर क्यों नहीं होता कि अगर ऐसी घटनाएं न लगातार घटती रहें तो हमारे समाज का कलंक कहां?
 
निर्दोष बच्चे को बलि देने वालों को सजा मिलनी चाहिए तो फिर भी ऐसी घटनाएं होती रहती हैं 😔। क्या हमें पता नहीं चलता कि उनके पास इतनी जिज्ञासा थी और वे इतने निराश थे। इससे बेहतर होगा कि समाज में जागरूकता फैलाई जाए ताकि बच्चों को ऐसी चीजों का पता नहीं चले।
 
अरे ये तो बहुत दुर्भाग्य है... बच्चे को जिंदा बलि देने की बात सुनकर मुझे खाना भूल जाता हूँ 🤣। लेकिन यह घटना तो बहुत दुखद है, खासकर जब 1 साल के बच्चे की जिंदगी इस तरह खतरे में पड़ गई थी। पुलिस ने अच्छी बात की है कि उसने बच्चे को रोक लिया और उसकी जान बचाई। अब आगे भी ऐसी घटनाओं से दूर रहना चाहिए, फिर से तो हमारे समाज में एक नई समस्या उत्पन्न होगी।
 
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