लाश के 35 टुकड़े, पत्नी को प्रेशर कुकर में उबाला: कसाई बने पति-बॉयफ्रेंड; सेक्स, नफरत या बीमारी, क्या है वजह

अजय गुप्ता ने दीपशिखा को पत्नी से बेहतर मानकर, उसके साथ जीवन बिताया। उनके बीच पहले ही झगड़ा होने की भी बातें थीं, लेकिन अजय और आकृति ने उन्हें कभी नहीं हल किया था।

दीपशिखा किरायेदार अजय गुप्ता, जो गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में रहते थे, से 90,000 रुपये का किराया मांगती थी। वहां दोनों ने पूर्व विवाह पर बातचीत करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए गुस्सा देखा।

वहीं 20 टुकड़ों में बॉडी को काटकर ड्रम में भरकर सीमेंट डाल कर ऊपर से छुपाया गया था। लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला है कि उसका शरीर 8 अलग-अलग जगहों पर फैला हुआ था।

इस तरह अजय ने दीपशिखा की लाश के टुकड़े करके उसकी हत्या कर दी। इसके कई कारण बताए गए हैं।
 
मुझे लग रहा है कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। अजय गुप्ता ने अपने साथी को पत्नी की तरह नहीं समझा, जिससे उनके बीच बहुत बड़ा झगड़ा हो गया। और फिर वह उसकी हत्या कर दिया। यह बहुत ही दुखद और अजीब मामला है। मुझे लगता है कि अजय को इस गंभीर अपराध के लिए कड़ी सजा मिली चाहिए।
 
अजय गुप्ता को यह तो खेद होगा 🤕, जान लेने के लिए ऐसी बातें करना तो बड़ा गलत था! उसकी पत्नी आकृति से दीपशिखा की तुलना करना भी निस्स्वार्थता नहीं है। और वाकई उस घर में किराए की राशि मांगने से पहले बातचीत करना जरूरी था।
 
😱 यह तो बहुत भयानक है... मुझे लगता है कि अजय गुप्ता ने अपनी पत्नी आकृति से खुद को अलग करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन ऐसा करके वे और भी ज्यादा दुखदायक स्थिति में डाल गए। 💔 किराए की जगह में गुस्सा आ गया है, लेकिन यह तो बहुत बड़ी गलती है। मुझे लगता है कि अजय ने अपने जीवन को फिर से सोच लेना चाहिए। 🤔
 
जीवन में कभी-कभी ऐसे व्यक्ति मिलते हैं जो हमारी जिंदगी को पूरी तरह से बदल देते हैं। उनके आने से हमें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है, लेकिन कभी-कभी वे हमें गहरी चोट पहुंचा सकते हैं।
 
अरे, यारो! तुमने सुना है कि अजय गुप्ता ने दीपशिखा की पत्नी से भी बेहतर मानकर उसके साथ जीवन बिताया। लेकिन, हमें यह नहीं समझना चाहिए कि वह सच्ची प्रेमिका थी।

मेरी राय में उसे बस अजय गुप्ता की पत्नी कह देनी चाहिए। वह अपनी पत्नी से भी दूर रहकर दीपशिखा के साथ जीवन बिताने वाले आदमी है। और यह बात सच है कि उनके रिश्ते में पहले से ही बहुत सारी समस्याएं थीं।

अब, जब ड्राम में उसकी लाश भर दिया गया है, तो पता चला है कि उसका शरीर 8 अलग-अलग जगहों पर फैलाया गया था। यह बहुत ही गंभीर मामला है। और अगर अजय गुप्ता ने वास्तव में उसकी हत्या कर दी थी, तो वह पूरी तरह से दोषी होगा।

मैंने कुछ लोगों को कभी नहीं देखा है जो ऐसी बातें करते हैं और फिर सच्चाई को खोजते हैं। बस ध्यान रखें और सत्य खोजें। 🙄
 
अजय गुप्ता ने एक भाई से भी बुराई नहीं की, यह तो समझ में आता है, लेकिन पति-पत्नी जैसी स्थिति में इतना क्रोध और विनाश करना तो बहुत ही दुखद है। उसकी पत्नी दीपशिखा ने उसे 90,000 रुपये का किराया मांगा था, यह तो समझ में आता है, लेकिन फिर इतनी गंभीरता से आरोप लगाना और उस पर हमला करना एक गलती थी।
 
अजय गुप्ता जैसे व्यक्ति को पत्नी से भी न मानना चाहिए। पत्नी की जिंदगी उसकी नहीं होती है, बल्कि वह एक साथिया है जिसे उसकी देखभाल करनी चाहिए।

इस्लिए अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को भी ऐसा नहीं मानता, तो उसके लिए कुछ गलत होने का मौका निकल पड़ता। इसके अलावा, वह दीपशिखा को ज्यादा प्यार नहीं करता है, इसलिए उस पर हत्या करने की सोचता है।

अगर पत्नी को सही तरीके से देखभाल किया जाए, तो यह तरह की घटनाएं न हों।
 
अजय गुप्ता को लगता है कि वह एक सच्चे पति थे, लेकिन अब लगता है कि वह एक विकार से पीड़ित थे। उसकी बॉडी पोस्टमॉर्टम में ऐसा कैसे मिली, यह एक अजीब सवाल है। और वहां तो दीपशिखा की हत्या कितनी आसान थी। इसके कई कारण बताए गए, लेकिन लगता है कि वह सच नहीं कह रहे हैं। शायद वह अजय की मानसिक स्थिति के बारे में नहीं जानते थे।
 
अजय गुप्ता को माफ़ करना नहीं है 🙅‍♂️। वह जानवर था जिसने अपनी पत्नी को मार डाला। उसकी दुर्घटनाओं से पहले, तीनों ने भी एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। लेकिन अजय की गलात खानी और चोरी करने का रिश्ता उसकी हत्या को समझने में मदद करता है। वह जानता था कि दीपशिखा उससे नहीं मिलना चाहती। लेकिन उसने अपना डर और आत्मसम्मान खोने से हाथ निकाल नहीं।
 
अजय गुप्ता की दीपशिखा पर ऐसी क्रूरता कैसे कर पाये ? 😔 वह तो एक निजी व्यक्ति था, लेकिन उसके व्यवहार से यहाँ तक पहुँच गया। दीपशिखा के घर में भी पहले ही झगड़ा होने की बातें थीं, ऐसे में अजय गुप्ता ने उनकी स्थिति को और खराब कर दिया। उसकी क्रूरता को देखकर मुझे लगने वाली शर्म आ रही है।
 
अजय गुप्ता की ऐसी हरकतें वास्तव में चिंताजनक हैं 🤔। जब तक वह पत्नी से बेहतर मानता था, तब तक उसकी अपनी परेशानियाँ भी थीं। यह तो एक साधारण मामला लगता था। लेकिन जैसे ही उसकी पत्नी ने किराया मांगना शुरू कर दिया, तभी पूर्व विवाह की बातें उछली गईं। ऐसा लगता है कि अजय ने अपने आप को फंसा लिया था।

और उसकी हत्या करने का तरीका? यह तो एक शोकिंग स्ट्राइक है, जैसे वह पत्नी को मारने की कोशिश कर रहा था, बस इतना कि उसकी लाश टुकड़ों में फैल जाए। ऐसा करने वाला कोई और नहीं होता। यह एक दर्दनाक सच्चाई है।
 
अरे भाई, यह तो बहुत दुखद है 🤕। मुझे अजय गुप्ता से बहुत प्यार है, वह बिल्कुल अच्छा आदमी है। लेकिन ऐसी चीजें नहीं करनी चाहिए। मुझे लगता है कि उसकी पत्नी आकृति से दीपशिखा को जल्दी से तालमेल बनाना चाहिए था। और अजय ने देखा ही नहीं। यह बहुत बुरा है। मैं अजय गुप्ता को बहुत प्यार करता हूं, लेकिन ऐसी गलतियाँ करने से रोकना चाहिए। 🙏
 
अजय गुप्ता को देखकर मुझे हमेशा यही सवाल आया था कि वास्तव में वह कौन है? जिसकी परवाह किया जाता है उसकी पत्नी, उसकी जिंदगी, उसके पैसे, और उसके किराए को लेकर बातचीत करना तो एक अलग मामला है। वहां पर दीपशिखा की स्थिति बहुत ही गंभीर थी, और अजय ने उसे ऐसे ही छोड़ दिया। यह तो एक बड़ी समस्या है कि पुलिस और लोग दोनों के पक्ष में खड़े हैं और इस बात पर खुलासा नहीं करते।
 
अरे भाई, यह तो बहुत दुखद बात है 🤕। मुझे लगता है कि अजय गुप्ता ने अपने जीवन में बहुत सारी गलतियाँ कीं हैं और अब उसकी पत्नी दीपशिखा की जान गई है। वहां पर उसके खिलाफ आरोप लगाते हुए उनके बीच झगड़ा तो चल रहा था, लेकिन अगर उसे अपने समस्याओं से निपटने की मेहनत करने होती, तो यह सब नहीं हुआ होता। अब उसके पास जिंदगी के कुछ भी अवसर नहीं रहेंगे। हमें ऐसे लोगों के बारे में सोचना चाहिए, जिन्हें अपने जीवन में शांति और संतुलन बनाए रखने के लिए कोई उपाय नहीं मिल पाता।
 
मुझे बहुत दुःख हो रहा है जो हुआ... ऐसी भीyan नahi होती जिसमें एक साथ का किरायेदार दूसरे की पत्नी बन जाता... अजय गुप्ता की क्या गलती थी, वह तो बस अपना काम कर रहा था। लेकिन मैं समझ नहीं पाऊं कि उसके मन में इतनी घृणा और बदलेबाजी थी।
 
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