अजय गुप्ता ने दीपशिखा को पत्नी से बेहतर मानकर, उसके साथ जीवन बिताया। उनके बीच पहले ही झगड़ा होने की भी बातें थीं, लेकिन अजय और आकृति ने उन्हें कभी नहीं हल किया था।
दीपशिखा किरायेदार अजय गुप्ता, जो गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में रहते थे, से 90,000 रुपये का किराया मांगती थी। वहां दोनों ने पूर्व विवाह पर बातचीत करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए गुस्सा देखा।
वहीं 20 टुकड़ों में बॉडी को काटकर ड्रम में भरकर सीमेंट डाल कर ऊपर से छुपाया गया था। लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला है कि उसका शरीर 8 अलग-अलग जगहों पर फैला हुआ था।
इस तरह अजय ने दीपशिखा की लाश के टुकड़े करके उसकी हत्या कर दी। इसके कई कारण बताए गए हैं।
दीपशिखा किरायेदार अजय गुप्ता, जो गाजियाबाद के राज नगर एक्सटेंशन में रहते थे, से 90,000 रुपये का किराया मांगती थी। वहां दोनों ने पूर्व विवाह पर बातचीत करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए गुस्सा देखा।
वहीं 20 टुकड़ों में बॉडी को काटकर ड्रम में भरकर सीमेंट डाल कर ऊपर से छुपाया गया था। लेकिन पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला है कि उसका शरीर 8 अलग-अलग जगहों पर फैला हुआ था।
इस तरह अजय ने दीपशिखा की लाश के टुकड़े करके उसकी हत्या कर दी। इसके कई कारण बताए गए हैं।