मुंबई नगर निगम चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद मुंबई में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। शिवसेना (शिंदे) ने सभी 29 पार्षदों को ताज होटल में स्थानांतरित कर दिया है, जो इस चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ा मिलान है।
शिवसेना (शिंदे) के इस फैसले को मुंबई के मेयर पद से जोड़कर देखा जा रहा है। 227 पार्षदों वाली बीएमसी में भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें बहुमत का आंकड़ा 114 है। भाजपा को मेयर बनाने के लिए 25 पार्षदों की जरूरत होगी।
सूत्रों ने बताया कि शिंदे गुट और अजित पवार गुट को जितनी उम्मीद थी, परिणाम वैसा नहीं आया। दोनों डिप्टी सीएम अपनी पार्टियों की सीटें कम आने से भाजपा से नाराज हैं। शिंदे गुट का कहना है कि इस साल शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है, इसलिए कम से कम ढाई साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए।
शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में भी दोनों उप मुख्यमंत्री नहीं गए। शिवसेना की ओर से कहा गया कि शिंदे बीमार हैं।
उधर, CM फडणवीस ने कहा, मेयर कौन बनेगा और कब चुना जाएगा। ये सभी फैसले मैं, एकनाथ शिंदे और हमारे पार्टी नेता मिलकर लेंगे। इस पर कोई विवाद नहीं है।
महाराष्ट्र में निगम चुनावों में भाजपा ने कुल 29 नगर निगमों में से 17 पर जीत दर्ज की है। वहीं, उसके नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 8 निगमों में जीत हासिल की। इस तरह भाजपा गठबंधन को 25 नगर निगमों में जीत मिली है।
महाराष्ट्र चुनाव में मिली हार के बाद UBT के संजय राऊत ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना का जयचंद बताया। उन्होंने कहा, अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के जयचंद नहीं बनते, तो BJP को मुंबई में कभी मेयर नहीं मिलता। मराठी लोग शिंदे को जयचंद के रूप में याद रखेंगे।
महाराष्ट्र में निगम चुनावों में भाजपा की जीत से उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का दबदबा खत्म हुआ है। शिवसेना (शिंदे) ने सभी 29 पार्षदों को ताज होटल में स्थानांतरित कर दिया है, जो इस चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ा मिलान है।
कांग्रेस लातूर और चंद्रपुर के अलावा हर जगह हार गई।
शिवसेना (शिंदे) के इस फैसले को मुंबई के मेयर पद से जोड़कर देखा जा रहा है। 227 पार्षदों वाली बीएमसी में भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज की है, जिसमें बहुमत का आंकड़ा 114 है। भाजपा को मेयर बनाने के लिए 25 पार्षदों की जरूरत होगी।
सूत्रों ने बताया कि शिंदे गुट और अजित पवार गुट को जितनी उम्मीद थी, परिणाम वैसा नहीं आया। दोनों डिप्टी सीएम अपनी पार्टियों की सीटें कम आने से भाजपा से नाराज हैं। शिंदे गुट का कहना है कि इस साल शिवसेना संस्थापक बाला साहेब ठाकरे का जन्म शताब्दी वर्ष है, इसलिए कम से कम ढाई साल शिवसेना का मेयर होना चाहिए।
शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की कैबिनेट बैठक में भी दोनों उप मुख्यमंत्री नहीं गए। शिवसेना की ओर से कहा गया कि शिंदे बीमार हैं।
उधर, CM फडणवीस ने कहा, मेयर कौन बनेगा और कब चुना जाएगा। ये सभी फैसले मैं, एकनाथ शिंदे और हमारे पार्टी नेता मिलकर लेंगे। इस पर कोई विवाद नहीं है।
महाराष्ट्र में निगम चुनावों में भाजपा ने कुल 29 नगर निगमों में से 17 पर जीत दर्ज की है। वहीं, उसके नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने 8 निगमों में जीत हासिल की। इस तरह भाजपा गठबंधन को 25 नगर निगमों में जीत मिली है।
महाराष्ट्र चुनाव में मिली हार के बाद UBT के संजय राऊत ने एकनाथ शिंदे को शिवसेना का जयचंद बताया। उन्होंने कहा, अगर एकनाथ शिंदे शिवसेना के जयचंद नहीं बनते, तो BJP को मुंबई में कभी मेयर नहीं मिलता। मराठी लोग शिंदे को जयचंद के रूप में याद रखेंगे।
महाराष्ट्र में निगम चुनावों में भाजपा की जीत से उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का दबदबा खत्म हुआ है। शिवसेना (शिंदे) ने सभी 29 पार्षदों को ताज होटल में स्थानांतरित कर दिया है, जो इस चुनाव में भाजपा के लिए एक बड़ा मिलान है।
कांग्रेस लातूर और चंद्रपुर के अलावा हर जगह हार गई।