मेघालय खदान हादसा: एक शव और बरामद, दूसरे दिन भी रेस्क्यू जारी; मृतकों का आंकड़ा पहुंचा 19

मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को बड़ा हादसा हुआ, जहां एक कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट में 18 खनन कार्य करने वाले श्रमिकों की मौत हो गई। घटनास्थल से पहले दिन 18 शव बरामद किए गए थे। अब तक मरने वालों की कुल संख्या 19 हो गई है और आठ लोग घायल हैं। मरने वालों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। जांच के दौरान दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

मेघालय में इस तरह की घटनाएं कभी भी नहीं हुईं। यहां खदान में घुसपैठियों ने हुए इस विस्फोट से देशभर में चिंता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है और मरने वालों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।

मेघालय पुलिस ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग ने बताया है कि बचाव दल तलाशी अभियान में लगे हुए हैं।

इस घटना से पहले कोयला खदान पर रोक लगाई गई थी। लेकिन खदान के पास सुरक्षा नहीं थी, जिससे इस तरह की घटनाएं हो सकीं।

पूर्वी जयंतिया हिल्स में अब इस तरह की घटनाओं को रोकने के उपाय किए जाएंगे।
 
Wow 🤯 मेघालय में ऐसी बड़ी घटना कभी नहीं हुई है यह तो बहुत दुखद है 18 श्रमिकों की जान गंवाई है और अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है यह एक बहुत बड़ा नुकसान है और सरकार को इस तरह की घटनाओं से रोकने के लिए कड़ी कदम उठाने होंगे 🚧
 
🚨 यह तो बहुत बड़ा हादसा हुआ है, मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में डायनामाइट विस्फोट में 19 लोगों की मौत हो गई है और 8 घायल हुए हैं… यह तो बहुत दुखद है, खदान में घुसपैठिए की वजह से ऐसा हुआ है… आगरे जैसे पूर्वी जयंतिया हिल्स में खदानों की नहीं होनी चाहिए, लेकिन अभी तो ऐसा ही हुआ है… 2 लाख रुपये देने से परिजनों को कोई आराम नहीं होगा, उन्हें पूरी जिंदगी की सहायता देनी चाहिए और खदान में खतरे को कम करने के उपाय किए जाएं…
 
यह तो बहुत दुखद खबर है 🤕, क्या हुआ था यह जानना सोचता हूँ। पूर्वी जयंतिया हिल्स में खदानों की ऐसी सुरक्षा नहीं होनी चाहिए थी, जहां 18 श्रमिकों को उनकी जान गंवानी पड़ी। मरने वालों की पहचान अभी तक नहीं हुई है, यह तो बहुत भयानक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है और परिजनों को अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है, लेकिन इसका सवाल यह है कि ऐसी घटनाएं कैसे होती हैं और क्या सुरक्षा थोड़ी और बेहतर होनी चाहिए थी।
 
यार इस पुलिस ने तो पहले से ही कोयला खदान पर रोक लगा दिया था, लेकिन फिर भी विस्फोट हुआ, यह तो बहुत बड़ी गड़बड़ी है 🤯। मुझे लगता है कि सरकार से अधिक जिम्मेदारी उनके खनन नियमों और सुरक्षा में नहीं है। हमें ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ करने की जरूरत है, बस रोक लगाने से पर्याप्त नहीं है 🚫
 
बड़ा दुःख हुआ यार, 18 लोग की जान गई तो कैसी बात है... पूरा पुलिस विभाग ताला में है तो फिर भी ऐसी घटना हुई? यह तो सरकार के पास से सब कुछ पता चलेगा, लेकिन फिर भी नहीं रोका गया। मुझे लगता है कि खदान की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि बस छापेमारी का बोलबाला करना।

अब जब 8 लोग घायल हुए हैं तो तुरंत वे कोरियेशन कराएं, जल्दी से इलाज कराएं। और मरने वालों की पहचान भी तुरंत होनी चाहिए, उन्हें अपने परिवार को मिलवाना चाहिए।
 
अरे, यह तो खदान में डायनामाइट विस्फोट से मरने वालों की संख्या बढ़ गई है और अब मेरी उम्मीदें भी बढ़ गई हैं! 😂 पुलिस महानिदेशक आई नोंगरांग को फोन कर बोलूं, "अरे, तुम्हारी जांच में दो लोग गिरफ्तार किए गए थे? तो फिर तुम्हारी जांच हुई? 😉"

मैं समझता हूं कि मेघालय में कभी भी ऐसी घटनाएं नहीं हुईं, लेकिन खदान में घुसपैठियों ने विस्फोट कर दिया, तो फिर सुरक्षा क्या? यह तो सरकार की बीमारी है! 😴

लेकिन अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है, तो फिर वह तो कमरे से नहीं निकलेगा! 😉 और मरने वालों के परिजनों को 2 लाख रुपये देने से भी उन्हें आर्थिक सुरक्षा नहीं मिलेगी, बस एक सवाल है कि क्या सरकार ने खदान की सुरक्षा के लिए पैसे खर्च करने की योजना बनाई? 🤔
 
बड़ा सा हादसा हुआ पूर्वी जयंतिया हिल्स में, 19 श्रमिकों की मौत हो गई। यह तो बहुत बड़ी चिंता की बात है, हमें ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय करने होंगे। लेकिन सरकार को अब तक खदानों पर सुरक्षा नहीं देने की नीति अपनाए रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है, लेकिन 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देना भी अच्छा नहीं है, हमें ऐसे घाटक कर्मचारियों को सुरक्षित और उच्च मजदूरी देनी चाहिए।
 
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