मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के 2 नेता खुलकर सामने आए? CM के बेटे बोले- पिता नहीं छोड़ेंगे पद, डिप्टी सीएम ने दिया जवाब

कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के लिए भी भारी जंग बना रही है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खARGE नेताओं ने खुलकर अपने विचार व्यक्त किए हैं।

विधायक शिवाग्ना बसवराज ने अपने बयान पर जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, अगर मुझे जवाब देना है, तो वह लीडरशिप की तरफ से आना चाहिए। उनका यह बयान बहुत ही स्पष्ट रहा है। इससे लगता है कि विधायक शिवाग्ना बसवराज अपने नेताओं के सामने खड़े होने में भी सहज नहीं हैं।

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खarge ने एक-दूसरे पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने कहा, हमारा पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट है और हम इसे लेकर किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद मल्लिकार्जुन खARGE ने जवाब दिया कि अगर हमारी सरकार में पावर-शेयरिंग है, तो क्यों हम खुद से नहीं हैं। उनका यह बयान भी बहुत ही महत्वपूर्ण रहा है।
 
बड़े बोले दोस्त, ये कांग्रेस की हार की तरह दिख रही है 🤦‍♂️। तो अब विधायक शिवाग्ना बसवराज ने अपने बयान पर जवाब नहीं देना चाहे तो वह लीडरशिप की तरफ से आना ही नहीं चाहेगी। यही सवाल है कि अगर उनके नेताओं को ऐसा करना है, तो वे अपने समर्थकों की बातें भी समझने में सक्षम हैं या नहीं। दोस्त, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खARGE की चालबाजी बहुत ही रोचक है, लेकिन यह तो उनकी सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है। 🤔
 
🤯 राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खARGE जी में पावर-शेयरिंग का खेल कुछ अजीब लग रहा है 🤔। एक तरफ जहां वे दोनों लीडर अपने नेताओं से समर्थन लेने को तैयार हैं, वहीं दूसरी तरफ उन्हें अपने सरकार में इसी तरह की पावर-शेयरिंग का मतलब नहीं दिल रहा है 🤷‍♂️। यह सवाल उठता है कि अगर वे लीडर खुद से नहीं हैं, तो फिर क्या उनकी सरकार में बदलाव आने की उम्मीद है? 🔄 और सबसे बड़ा सवाल यह है कि विधायक शिवाग्ना बसवराज ने अपने बयान पर जवाब देने से इनकार कर दिया, इससे लगता है कि वह अपने नेताओं की स्थिति में नहीं हो पाया 🤕
 
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खarge नेताओं के बीच का यह दुर्झट व्यवहार मुझे बहुत परेशान कर रहा है 🤯। उनके बयानों से लगता है कि उनमें अपने नेताओं और अन्य लोगों की आलोचना करने की क्षमता नहीं है। विधायक शिवाग्ना बसवराज का बयान भी बहुत ही दिलचस्प है, मुझे लगता है कि उनके नेताओं से जवाब देने की ताकत उन्हें नहीं मिलती। यह सब मुझे एहसास दिलाता है कि कभी-कभी नेताओं को अपने अनुयायियों को सही करने की जरूरत भी होती है, न कि उनके खिलाफ हमला करना।
 
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खarge दोनों नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए हैं और अब सब कुछ खुलकर सामने आया है! 🤔

लेकिन अगर मेरी बात समझने की कोशिश करें, तो लगता है कि विधायक शिवाग्ना बसवराज का बयान बहुत ही दिलचस्प है। वह अपने नेताओं के सामने खड़े होने में भी सहज नहीं है, लेकिन अगर उन्होंने खुलकर जवाब नहीं दिया, तो यह और भी सवाल उठाता है! 🤷‍♀️

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खARGE के बीच यह दूसरे नेताओं से बहुत अलग है, लेकिन मुझे लगता है कि यह भी एक अच्छा सबक सिखाता है। हमें अपने नेताओं को उनके काम पर देखना चाहिए, न कि उनके बयानों पर! 🙏
 
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खarge नेताओं में बहुत बड़ा मतभेद दिखाई दे रहा है, लेकिन ये दोनों भावी चुनाव में अपने समर्थकों को ही नहीं बल्कि पूरे राज्य को संतुष्ट कर सकते हैं।
 
मेरे दोस्त, यह देखकर मन में खुशी और उत्साह हुआ 🤩। कांग्रेस में फिर से जंग लगने की बात मुझे बहुत पसंद है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खarge दोनों नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए हैं और अपनी सरकार की योजना पर सवाल उठाए हैं। लेकिन मुझे लगता है कि सबसे ज्यादा इस मुद्दे पर बहस करने वाला विधायक शिवाग्ना बसवराज है। उनका बयान पूरी तरह से समझ में नहीं आया, लेकिन वह बिल्कुल सहज थे अपने नेताओं के सामने खड़े होने के। यह भी देखकर खुश हुआ कि राहुल गांधी ने कहा कि हमारा पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट है और हम इसे लेकर किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। यह बहुत ही महत्वपूर्ण बात है।
 
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