मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के 2 नेता खुलकर सामने आए? CM के बेटे बोले- पिता नहीं छोड़ेंगे पद, डिप्टी सीएम ने दिया जवाब

बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और मलिकार्जुन खarge ने मुख्यमंत्री पद को लेकर खुलकर सामने आए हैं।

राहुल गांधी ने यह कहा, 'हमें साफ तौर पर बताया गया था कि हम 2025 तक राज्य में सत्ता में नहीं रहेंगे, इसलिए इस पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर हाईकमान से क्लैरिटी मांगी। लेकिन अब यह सवाल उठता है कि अगर हम सत्ता में नहीं रहते हैं तो फिर हमारे राजनीतिक दल का भविष्य कैसे देखा जाएगा।'

इसी दौरान मलिकार्जुन खarge ने बोला, 'हमें लगता है कि अगर कोई जवाब देना है, तो वह दिल्ली में लीडरशिप की तरफ से आना चाहिए। मैं बसवराज या यतींद्र के बयानों का जवाब नहीं दूंगा।'

बसवराज ने यह कहा, 'हमने पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर हाईकमान से क्लैरिटी मांगी। लेकिन अगर हमारे बयानों का जवाब नहीं दिया जा रहा है, तो फिर यह सवाल उठता है कि क्या हमारे बयानों पर ध्यान दिया जाएगा?'

इस दौरान यतींद्र ने कहा, 'हमने पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर हाईकमान से क्लैरिटी मांगी। और अगर हमारे बयानों का जवाब नहीं दिया जा रहा है, तो फिर यह सवाल उठता है कि क्या हमारे बयानों पर ध्यान दिया जाएगा?'
 
अरे ये सुनने में बहुत अच्छी लगती है। तो वाह, बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री पद पर ऐसा बयान दिया।

मेरा सवाल यह है कि अगर पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर तय किए गए स्पष्टीकरण को लेकर खलनिश हो रही है, तो फिर क्या इसके बाद हमें उनके बयानों का जवाब देना चाहिए?

मुझे लगता है कि अगर पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर स्पष्टीकरण मांगने वाली पार्टियों ने पहले ही अपने भविष्य को साफ नहीं कर दिया, तो फिर कुछ ऐसा बदलाव कैसे किया जाएगा?

मुझे लगता है कि अगर दिल्ली में लीडरशिप ऐसी चीजें सुनने को तैयार है, तो वाह, फिर हमें उनके बयानों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं होगी।
 
राहुल गांधी और मलिकार्जुन खarge बोलते हैं तो मुझे लगता है कि वे बस अपनी पक्षपात राजनीति कर रहे हैं। पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर ऐसी चिंता क्यों है? यह तो एक साधारण समझौता है। लेकिन जब दिल्ली में नेताओं के बयानों की तरफ ध्यान नहीं दिया जाता है तो यह सवाल उठता है कि कैसे हमारा राजनीतिक भविष्य देखा जाएगा। 🤔
 
🤔 thoda to think karein, yaar... bas is baat yehi hai ki power sharing agreement par charcha kar rahe hain, lekin kya unhone apne ruke-digest aane ke baare mein bhi charcha nu shuru ki? toh ab woh log jo ki thoda mushkilein ka samna karte hain unki side par dhyan dena chahiye... aur phir se, basvaraj, Malikarjun, Rahul Gandhi aur Yatinder ke beyan to sabhi hi ek hi cheez sunte hain - power sharing agreement! 🤷‍♂️
 
बसवराज और यतींद्र की बातें सुनकर लगता है कि वे अभी भी अपने पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट को नहीं समझ रहे हैं 🤔। यह सवाल उठता है कि अगर हमारे बयानों पर ध्यान दिया जाएगा, तो फिर उनके बयानों पर कैसे ध्यान देना है? मुझे लगता है कि वे सिर्फ अपनी जगह स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं और यह सवाल नहीं उठाते हैं 🙃
 
🤔 मुझे लगता है कि ये चुनाव कितना ही बड़ा है, लेकिन वो बहुत ही रोचक है। मैंने देखा है कि राहुल गांधी, मलिकार्जुन खarge और बसवराज पाटिल ने सभी एक ही बात कही है। 🤝 यह दिखाता है कि वो सभी एक ही सोच के साथ चलना चाहते हैं। मुझे लगता है कि अगर वो एक साथ मिलकर काम करेंगे, तो बिहार का भविष्य कितना अच्छा होगा। 💖
 
नेताओं ने बात की तो समझ में आया कि पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है। अगर यह समझौता लिखित रूप में नहीं किया गया, तो फिर भविष्य कैसे देखा जाएगा? और अगर जवाब न दिया जाए, तो क्या बाकी सब सुनने लगेंगे।
 
अरे ये तो बहुत ही राजनीतिक मजाक है 🤣basvaraj ji ki baat sun kar mujhe lagta hai ki unka dhang hi kehna chahiye. yeh toh ek power-sharing agreement par baat karta hai, par fayda ka nahi. abki basvaraj ji aur मलिकार्जुन खarge dono hi hawai jahaan tak chale gaye hain 🚀, jahan se koi samadhan nahi mila. aur rahul gandhi ko bhi lagta hai ki woh kitna sach ghoshta ho? 😒
 
अरे ये तो राजनीति की गन्दगी हो गई है। बसवराज और मलिकार्जुन खarge के बयान सुनकर लगता है कि वे अपने मुख्यमंत्री पद के दावे के लिए भागदौड़ रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि अगर हमारे दल का भविष्य कैसे देखा जाएगा, तो यह सवाल जरूरी है। लेकिन मुझे लगता है कि ये सब एक ही चाल पर चलते हैं, फिर भी खोटे साबित होने का तरीका नहीं ढूंढ पाते।

मुझे लगता है कि अगर कोई जवाब देना है, तो वे अपने बयानों को बदलना चाहिए, या फिर एक नई रणनीति बनाएं। लेकिन अगर वे अभी भी खोटे से चलते रहते हैं, तो उनका भविष्य जरूर खराब होगा। 🤔
 
राहुल गांधी की बातें सुनकर लगता है कि वे अभी भी मुख्यमंत्री पद के लिए संघर्षरत हैं 😂। उनकी बात समझने के लिए तो हाईकमान से पूरी तरह से सहमत होने की जरूरत है, लेकिन अगर यह सवाल उठता है कि अगर वे सत्ता में नहीं रहते हैं तो फिर उनके राजनीतिक दल का भविष्य कैसे देखा जाएगा, तो लगता है कि यह सवाल अभी भी खुला है। 🤔

बसवराज और यतींद्र के बयानों से लगता है कि वे भी अपने मुख्यमंत्री पद के लिए लड़ने के इच्छुक हैं 👊। यह पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट पर हाईकमान से क्लैरिटी मांगना सुनकर अच्छा लगता है, लेकिन अगर वे इस सवाल का जवाब नहीं दे रहे हैं तो यह सवाल अभी भी खुला है। 🤷‍♂️

इस चुनाव में किसी भी पार्टी को जीतने का संदेश देना मुश्किल है 😬। यह एक विशाल और जटिल राज्य की तरह है, जहां सभी पक्ष अपने लाभ के लिए लड़ रहे हैं। शायद सबसे अच्छा तरीका होगा कि हम सब इन्तजार करें और देखें, कि कौन हासिल कर पाता है। 🕰️
 
मुझे लगा की इस पावर-शेयरिंग एग्रीमेंट की बात करना कठिन हो रहा है। ये समझ में नहीं आता कि अगर हमारे नेताओं के बयानों पर ध्यान दिया नहीं जा रहा है तो फिर हमारे राजनीतिक दल का भविष्य कैसे देखा जाएगा। 🤔

मुझे लगता है की इस चुनाव में कोई भी दल अपने वादों पर खड़े नहीं हैं। हर दल अपने नेताओं को ही जिम्मेदार बताता है। बसवराज, मलिकार्जुन, यतींद्र आदि लोगों को लगता है कि अगर हमारे बयानों का जवाब नहीं दिया जा रहा है, तो फिर यह सवाल उठता है कि क्या हमारे बयानों पर ध्यान दिया जाएगा। लेकिन मुझे लगता है की ये सवाल खुद को हल करना चाहिए।

कोई भी दल अपने विपक्षी दलों के खिलाफ गहराई से विरोध कर रहा है। बसवराज, मलिकार्जुन, यतींद्र आदि लोगों ने अपने बयानों में दोनों दलों को गलत बताया है। मुझे लगता है की यह सवाल हल नहीं हो सकता।
 
मुझे लगता है कि ये सब सही तौर पर नहीं समझाया गया है। राहुल गांधी ने कहा है कि अगर वो सत्ता में नहीं रहते हैं तो फिर उनके दल का भविष्य कैसे देखा जाएगा, लेकिन मुझे लगता है कि यह सवाल समझदारी से नहीं उठाया गया है। क्या हमें वास्तव में अपने दल के भविष्य पर बोझदार होने देना चाहिए? शायद नहीं। लेकिन फिर, मलिकार्जुन खarge ने कहा है कि अगर जवाब देना है, तो हमें दिल्ली में लीडरशिप से आना चाहिए। लेकिन मुझे लगता है कि यह भी एक गलत रास्ता है। क्योंकि अगर हमारे बयानों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, तो यह सवाल उठता है कि क्या हमारे बयानों में कोई बात कही अच्छी है? 🤔😐
 
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