कश्मीर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन ने कश्मीरियों को अपने साथ जोड़ने के लिए प्रोपेगैंडा चलाया है। दैनिक भास्कर को कई मैगजीन और डॉक्यूमेंट मिले हैं, जिनसे नौजवानों को संगठन से जोड़ने और हमले की तैयारी का खुलासा हुआ है।
शिवालिक रेंज में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में दो संदिग्ध आतंकी का पता चल गया है। ये लोग एक पाकिस्तानी आतंकी और एक लोकल आतंकी थे। उनकी तलाश के लिए अनंतनाग और कुलगाम के आसपास के इलाकों में छापेमारी की गई।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, आतंकियों ने अपने संगठनों को मजबूत कर दिया है। यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान में कई आतंकी समूह सक्रिय हैं और उनकी रणनीति बदल रही है।
कश्मीर में आतंकवादी संगठनों के लिए, प्रोपेगैंडा एक महत्वपूर्ण हथकंडा है। वे अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, जैसे कि सोशल मीडिया और सुरक्षित स्थानों पर पोस्ट करना।
आतंकी समूहों की रणनीति में बदलाव हो रहा है। वे अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए नए तरीके अपनाते जा रहे हैं, जैसे कि ऑनलाइन प्रोपेगैंडा।
शिवालिक रेंज में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में दो संदिग्ध आतंकी का पता चल गया है। ये लोग एक पाकिस्तानी आतंकी और एक लोकल आतंकी थे। उनकी तलाश के लिए अनंतनाग और कुलगाम के आसपास के इलाकों में छापेमारी की गई।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद, आतंकियों ने अपने संगठनों को मजबूत कर दिया है। यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान में कई आतंकी समूह सक्रिय हैं और उनकी रणनीति बदल रही है।
कश्मीर में आतंकवादी संगठनों के लिए, प्रोपेगैंडा एक महत्वपूर्ण हथकंडा है। वे अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, जैसे कि सोशल मीडिया और सुरक्षित स्थानों पर पोस्ट करना।
आतंकी समूहों की रणनीति में बदलाव हो रहा है। वे अपने समर्थकों तक पहुंचने के लिए नए तरीके अपनाते जा रहे हैं, जैसे कि ऑनलाइन प्रोपेगैंडा।