‘मेरी कुछ समस्याएं हैं…’, नाराजगी पर थरूर का एक और बड़ा बयान, अब सामने आई मतभेद की असली वजह!

अरे, यह बयान तो बहुत बड़ा है! शाशी थरूर ने बिल्कुल सही कहा, जब भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा दांव पर होती है, तो हमें एकजुट होकर अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करनी चाहिए 🙌। लगता है उन्होंने अच्छी तरह से जवाहरलाल नेहरू के कथनों को भी समझ लिया है। मुझे लगता है कि उनका यह बयान हमें एकजुट करने और अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने की जरूरत को याद दिलाएगा 💪
 
शाशी थरूर जी का यह बयान पूरी तरह से सही है! 🤩 हमारा देश सबसे बड़ा हो सकता है, और हमें अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा को बनाए रखने के लिए एकजुट होना चाहिए। शाशी जी ने जवाहरलाल नेहरू जी के कथनों पर जोर दिया है, और यह बहुत जरूरी है कि हम अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करें। मैं उनके बयान से पूरी तरह से सहमत हूँ। 🙌
 
शाशी थरूर का नया बयान जैसे ही सामने आया, तो मैंने सोचा कि वे एक बार फिर से राष्ट्रीय हितों पर जोर देते हैं। लेकिन यह भी सच है कि उनकी पार्टी में मतभेद होना एक सामान्य बात है, और जब भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और वैश्विक प्रतिष्ठा दांव पर होती है तो यह ध्यान रखना जरूरी है। लेकिन मैंने उनके बयान से यह संदेश महसूस किया कि वे अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने के लिए एकजुट होने की जरूरत है, और पार्टी के नेताओं के बीच मतभेद को भूलकर एक साथ मिलकर काम करना चाहिए। 🤔
 
क्या शाशी थरूर सिर्फ तो कह रहे हैं कि जब भारत खेलने जा रहा है तो हमें पीछे न मानें, लेकिन तय कर दिया ही कि ब्रीदलिंग वाली टीम निकालना कैसे? 😂🤣
 
🤣👊 😂

ਮੈਨੂੰ ਲੱਗਦਾ ਹੈ ਕਿ ਸ਼ਾਸ਼ੀ ਥਰੁਰ ਆਪਣੇ ਬਿਆਨ 'ਤੇ ਅਜਿਹਾ ਟਿੱਪਣੀ ਦਿੰਦੇ ਹਨ, ਜਿਵੇਂ ਕਿ ਉਹਨਾਂ ਲਈ 'ਭਾਰਤ' ਅਤੇ 'ਸੱਭਿਆਚਾਰ' ਦੀ ਗੱਲ ਕਰਨਾ, ਜਿਵੇਂ ਹੈ ਮੋਦੀ-ਜਿਊ ਬੁਲੰਦ ਤਣੌਲ।

ਸਭ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ, ਉਨ੍ਹਾਂ 'ਤੇ ਕਿਹਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਕਿ ਅਸੀਂ ਬੰਗਲਾਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਮੁਸਲਮਾਨਾਂ ਦੀ ਸਜ਼ਾ ਕਰਨ ਵਾਲੀ ਪਾਰਟੀ ਹਾਂ।

ਅਜਿਹਾ ਤਬਦੀਲੀ 'ਤੇ, ਮੈਂ ਉਸ ਨੂੰ ਗੱਲਾਂ 'ਤੇ ਵੀ ਪੁੱਛ ਲਵਾਂਗਾ।
 
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