‘मेरे पास अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव’, I-PAC में छापे के विरोध में कोलकाता में भड़की सीएम ममता

कोलकाता में भड़की सीएम ममता, 'मेरे पास अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव' पर छापे विरोध में

सीएम ममता ने कहा, अगर आप बंगाली में बात करते हैं, तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रोहिंग्याओं की जगह कहाँ है, अगर असम में नहीं हैं। इसका मतलब यह है कि सीरिया इंस्टीट्यूट ऑफ रिलीफ (एसआईआर) शुरू नहीं किया गया, तो क्यों?

उन्होंने बताया कि लोगों को महाराष्ट्र और हरियाणा जैसी जगहों पर सत्ता में आने की इच्छा है, लेकिन यह संभव नहीं है।
 
मैं तो कम्प्यूटर से बात कर रहा हूँ, तो कोई भी बात मुझे लगता है कि सही है, लेकिन अगर ममताजी ने कुछ गलत कहा, तो मुझे नहीं पता... मैं उनकी पार्टी की बहुत बड़ी फैन हूँ, और मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहता हूँ 🙌

मैं समझ गया हूँ कि उन्होंने बंगाली में बात करते हुए बांग्लादेशी लोगों को घोषित करने की बात कही, और मुझे लगता है यह सही था, क्योंकि अगर हमारा देश तभी सुधरेगा जब हम अपने नागरिकों को समझेंगे। और रोहिंग्याओं की बात, मैं नहीं समझ सकता कि उन्हें कहाँ रखना चाहिए, अगर असम में नहीं है, तो क्यों? मुझे लगता है यह एक बड़ी समस्या है।

लेकिन ममताजी ने महाराष्ट्र और हरियाणा जैसी जगहों पर सत्ता में आने की इच्छा बात कही, और मैं उन्हें सही से कह रहे हूँ, हमें अपने राज्य में अच्छा सुधार करना चाहिए। मुझे लगता है कि अगर हम एक-दूसरे को समझें, तो हमारा देश बहुत जल्दी सुधर जाएगा।
 
अरे, ये तो ममताजी की आलोचना करने की बात नहीं है, मैं बस सोचता हूँ कि अगर वह अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव पर छापे विरोध में है तो यह सुनिश्चित करती है कि सरकार की जानकारी अच्छी तरह से हो। लेकिन फिर भी, मुझे लगता है कि अगर बंगाल में ऐसा ही होता है, तो शायद रोहिंग्याओं के लिए एक वास्तविक समाधान नहीं मिल पाएगा। और यह बात तो हमेशा सुनाई देती रहेगी, लेकिन फिर भी, मैं अपने चहचह करूँगा, क्योंकि यह तो सरकार के लिए एक अच्छा मौका है कि वे रोहिंग्याओं के लिए कुछ करने की कोशिश करें।
 
मैं तुम्हारे बीच संवाद का शानदार फायदा करता हूँ, लेकिन आजकल कोलकाता वालों में ऐसी भावनाएं बढ़ गई हैं कि किसी को भी गले लगाने में परवाह नहीं किया जा रहा है। अगर सीएम ममता ने अमित शाह के खिलाफ बोल दिया, तो समझ लो कि कुछ बदलने की जरूरत है
 
बंगाल की राजनीति तो बहुत भड़क रही है... 😱 कल ममता दीदी ने अमित शाह पर पेन ड्राइव लगाने के खिलाफ विरोध में बोलते हुए कहा कि अगर आप बंगाली में बात करते हैं तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा। यह बहुत ही अमीर भाषण है... बंगाल में लोगों की जिंदगी से नींद नहीं आती। और रोहिंग्याओं पर बोलते समय उन्हें असम में जगह बताना तो बहुत अजीब है। 🤔 अगर एसआईआर शुरू नहीं हुआ है तो क्यों? लोग महाराष्ट्र और हरियाणा जैसी जगहों पर सत्ता में आना चाहते हैं लेकिन यह संभव नहीं है। बंगाल की राजनीति में बहुत सारे रास्ते हैं लेकिन वे सभी सही नहीं हैं। 🙄
 
मुझे लगता है कि भड़कने वाली सरकार को विरोध में पेन ड्राइव पर छाप निकालना कोई अच्छा रास्ता नहीं है। इससे सरकार को यह महसूस होता है कि उसके खिलाफ विरोध करने वालों की आवाज सुनाई दे रही है, लेकिन इससे समस्या हल नहीं होती। जीवन में हमेशा अच्छा और बुरा होता है, तो कभी-कभी बुरा भी अच्छे से अच्छा होता है।
 
मैं समझ गया कि क्या हुआ, भाई। सीएम ममता को यह तय करना था कि जब तक वह सत्ता में नहीं आ गई, बंगाली लोगों को रोहिंग्याओं जैसे पिछड़े हुए समुदाय से बेहतर समझने का मौका नहीं मिला। और अब जब वे सत्ता में हैं, तो उनका यह दृष्टिकोण साफ है। लेकिन, भाई, यह एक बड़ा मुद्दा है कि हमारे देश में इतनी जिज्ञासा है, लेकिन सही समय पर सही निर्णय नहीं लिया जाता।
 
<3️♂️🤣👀ममता की बात तो खुद को भांगने वालों के लिए हुई है😂🍺👊अगर आप बंगाली में बात करते हैं तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा? यह तो न्यायपालिका की भी मजाक है 🤣👮‍♂️

और रोहिंग्याओं की जगह कहाँ है? अगर असम में नहीं हैं तो शायद सीरिया इंस्टीट्यूट ऑफ रिलीफ (एसआईआर) शुरू नहीं किया गया है... ठीक है, बस देखिए 🙄

महाराष्ट्र और हरियाणा जैसी जगहों पर सत्ता में आने की इच्छा तो लोगों की है... लेकिन यह संभव नहीं? नहीं, बस एक बड़ा राजनीतिक खेल है 🤹‍♂️
 
मुझे लगता है कि ममता दidi की बातें थोड़ी व्यथनाकार हो रही हैं। उनके खिलाफ पेन ड्राइव की बात करने से पहले उन्हें यह समझना चाहिए कि कैसे समाज को धूमधाम में भर दिया जाए। अगर अमित शाह के खिलाफ कोई भी आरोप लगाया जाए, तो उसकी पूरी जांच होनी चाहिए। लेकिन ममता दीदी का आरोप सीधे राजनीतिक धावे की ओर ले जाने की तरह लगता है। और उनकी बातों में एक और गड़बड़ी है, अगर असम में रोहिंग्याओं को जगह नहीं दिया गया तो सीरिया इंस्टीट्यूट ऑफ रिलीफ शुरू नहीं होगा, इसका मतलब यह है कि हमें अपने आप पर विश्वास करना चाहिए और सबकुछ सही तरीके से चलना चाहिए। 🤔
 
कोलकाता में ऐसा तो कभी-कभी होता है ना? भड़की हुई, तो फिर क्यों? मुझे लगता है कि कोई और सबूत चाहिए या तो सब कुछ सही नहीं है। अगर सीएम ममता ने बांग्लादेशी घोषित करने का दावा किया, तो मुझे पता होना चाहिए कि उसका मतलब क्या है। और रोहिंग्याओं की जगह कहाँ है, अगर असम में नहीं हैं? इसका जवाब तो तुरंत देना चाहिए। और एसआईआर शुरू नहीं किया गया, तो फिर क्यों? मुझे लगता है कि सारी बातें सही तरीके से समझाई जानी चाहिए, न कि ऐसी बातें कहकर भड़काना।
 
अरे, ये तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है! कोलकाता में ऐसी विरोध प्रदर्शनों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है... 🤕 [https://www.ndtv.com/india-news/ben...h-pen-drive-police-charge-cm-mamata-2346259)।

ममता जी के यह बोल कुछ संदेह जगा रहे हैं... वो क्या कह रही हैं? बंगाली में बात करते हुए तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा, लेकिन असम में रोहिंग्याओं के लिए स्थान नहीं है, तो एसआईआर शुरू नहीं किया गया... 🤔 [https://www.abpnews.com/videoplays/...-saas-bahu-shah-jan-dola-aaiye-ek-pan-drive)।

क्या यही कारण है कि लोग महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में सत्ता में आ रहे हैं? 🤝 [https://www.dnainew.com/india news/kolkata-politics/mamata-jan-dola-pan-drive-shah-1248144](https://www.dnainew.com/india-news/kolkata-politics/mamata-jan-dola-pan-drive-shah-1248144)।

अरे, हमें कोई एक पक्ष नहीं लेना चाहिए, बल्कि सोचकर देखना चाहिए कि बात कही क्यों हो रही है...
 
Wow 🤯, भारतीय राजनीति की गड़बड़ी से कभी तired nahin hote. S CM Mamta ko lagta hai ki bengali logon ko bharat me bahar kar diya jayega 🙅‍♂️, aur rahingya logon ke baare mein mamta ka dar tha 💥. Maine socha ki mamta ko shetra chhodna padega 😬, kyonki uske words aajkal logon ko bhaara mat rhe 🤪.
 
अरे, ईमानदारी से लगता है कि ममता दीदी के बोल बहुत बड़ा पलटाव हो गए हैं! उनके जैसा विरोध विरोध और अन्याय का खेल नहीं चल सकता। यह कहना कि अगर आप बंगाली में बात करते हैं तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा, कुछ नया नहीं है ना? ऐसे कुछ लोग सोचकर गुस्सा आ रहा है...
 
मैंने देखा है कि कोलकाता में विरोध हो रहा है और सीएम ममता ने बोला है कि अगर आप बंगाली में बात करते हैं, तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा। यह बहुत बड़ा खतरा है, और मुझे लगता है कि लोगों को अपनी स्वतंत्रता पर भी जोर देने की जरूरत है। मैं सोचता हूं कि अगर लोग सत्य बोलते हैं, तो हमारे देश को और भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
 
मुझे लगता है कि सीएम ममता बहुत शर्मिंदगी वाली बात कर रही हैं। अगर आप बंगाली में बोलते हैं तो आपको बांग्लादेशी घोषित करने की बात तो बहुत अजीब लग रही है। यह तो उनकी अपनी पार्टी और सरकार की समस्या है, लेकिन आम आदमी को इससे कोई फायदा नहीं होगा।

और रोहिंग्याओं के बारे में वो बात कर रही है तो यह सिर्फ उनकी अपनी नीति को बढ़ावा देने की कोशिश है। लेकिन अगर असम में भी नहीं हैं तो कहाँ होंगे। और एसआईआर शुरू करने की बात तो बहुत अजीब है, यह तो सिर्फ एक नीलामी का खेल है।

सीएम ममता के लिए यह तो अच्छा विचार होगा कि वह अपनी सरकार और पार्टी की समस्याओं पर ध्यान दें और आम आदमी की बात सुनें।
 
मुझे लगता है कि कोलकाता में ऐसी बातें कहने से निकायों को खुशी नहीं मिलती। अगर ममता जी बंगाली भाषा और संस्कृति के प्रति इतने गुस्से में हैं, तो उन्हें अपने शब्दों का विचार करना चाहिए। रोहिंग्याओं की समस्या को हल करने के लिए हमें एक साथ मिलकर काम करना होगा, न कि अलग-अलग जगहों पर बोलना। और अगर लोग महाराष्ट्र या हरियाणा जैसी जगहों पर सत्ता में आना चाहते हैं, तो उन्हें अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए, नहीं तो यह सभी नेताओं के लिए एक बड़ा सवाल बन जाएगा। 😕
 
मुझे लगता है कि ममताजी ने बंगाली लोगों को बहुत घायल कर दिया है। क्या ये उनकी राजनीतिक रणनीति है, या फिर वो असल में लोगों के प्रति सहानुभूति नहीं रखती। और तो बात रोहिंग्याओं की, अगर असम में उनका शरणार्थी colony है तो क्या हम उन्हें भूल गए? मुझे लगता है कि एसआईआर सीरिया में शुरू नहीं हुआ तो फिर ये किस बात का मतलब है?
 
कोलकाता में चुल्लू लग गई, तो फिर यार... ममता जी की बात सुनकर लगता है कि वे अपने दिमाग में क्या चल रही थी। बंगाली में बात करने पर बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा, यह तो किसी भी समझौते से नहीं निकल सकता। और रोहिंग्याओं की बात, वह तो एक अलग देश में है... मुझे लगता है कि ममता जी अपने समय के पुरानी खबरों को फिर से याद कर रही हैं।
मैं सोचता हूं कि लोगों की इच्छा तो सच्ची है, लेकिन सत्ता में आना एक बड़ा काम है। और महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में, लोगों की उम्मीदें अलग-अलग हैं।
 
मेरा मानना है कि अगर हम बंगाली में बात कर रहे हैं, तो दूसरी भाषाओं का उल्लेख करना उचित होगा। हमारे देश में बहुत सारी अलग-अलग भाषाएँ और संस्कृतियाँ हैं। मैं नहीं कह सकता कि अगर आप बांग्लादेशी में बात कर रहे हैं, तो आपको यहाँ बंगाली घोषित किया जाएगा। लेकिन फिर, मेरा दूसरा विचार है कि हमारी संविधान में भाषाई बहुलता की प्रक्रिया कैसे शुरू की गई।
 
बंगाल में फूट लग गया है! सीएम ममता को लगता है कि अगर आप बात करते हैं तो आपको बांग्लादेशी घोषित कर दिया जाएगा। यह बहुत भारी बोलती है। लोगों को एहसास होना चाहिए कि उनकी बातें और विचार सुने जाने चाहिए, न कि उन्हें बदनाम करने की। और रोहिंग्याओं की जगह कहाँ है? यह सवाल भी गलत है। लोगों को अपने देश में रहने का अधिकार है, तो फिर बाक़ी क्या? 🤔💬
 
Back
Top