मुसलमान हमें वोट नहीं देते…इस राज्य के BJP प्रदेश अध्यक्ष ने ऐसा क्यों कहा

उत्तर प्रदेश के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा, 'हम मुसलमानों से वोट नहीं लेते'। यह ऐसा कहना मेरे लिए सही नहीं लगता। हमारे देश में बहुत सी गलतियां हो सकती हैं और भ्रष्टाचार की कई कहानियां बनाई जा सकती हैं। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हमारी पार्टी सभी समुदायों के लिए खुली तौर पर काम करती हो।

पहले से, हमें यह समझना चाहिए कि हर समुदाय की अपनी समस्याएं और जरूरतें होती हैं। हमें उनसे बातचीत करनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हमारी पार्टी वोट के लिए मुसलमानों से बातचीत करे।

इस राज्य में मुसलमान भी हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी जरूरतें और समस्याएं भी होती हैं, जिन्हें समझना और समाधान निकालना आवश्यक है। लेकिन यह कहना मेरे लिए सही नहीं लगता कि हम मुसलमानों से वोट नहीं लेते।
 
🤔 बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की बात में कुछ सच्चाई है, लेकिन बहुत ज्यादा भी नहीं। यह जरूरी नहीं कि हमारी पार्टी हर समुदाय से वोट लेती हो, लेकिन यह भी जरूरी है कि हम उनकी समस्याओं को समझें और उनके साथ बातचीत करें। मुसलमान भी हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी जरूरतें और समस्याएं भी होती हैं। 💡 हमें उनसे बातचीत करनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए, लेकिन यह तो कहना आसान है और जिंदगी में ऐसा करना बहुत मुश्किल होता है। 🤷‍♂️
 
राजनीति में ऐसा बोलना मुझे थोड़ा अजीब लग 🤔। मैंने देखा है कि कई पार्टियां अपने समर्थन में किसी भी समुदाय से नहीं हिचकिचातीं। यह कहना कि हम मुसलमानों से वोट नहीं लेते तो सही नहीं लगता। मैंने देखा है कि बीजेपी ने भी अपने समय में कई कदम उठाए हैं जिन्हें तोड़ना था और बदलना था। अब भी उनके पास बहुत सारे काम करने के लिए सामान्यों को सिर्फ वोट देने पर भरोसा नहीं करना चाहिए।
 
राजीव चंद्रशेखर जी को उनकी बात समझनी चाहिए, लेकिन उनके यहां एक छोटी सी गलती है। हमें मुसलमानों से वोट नहीं लेना चाहिए, परंतु उनकी जरूरतें और समस्याओं को समझना और उन्हें समाधान देना चाहिए। यह तो एक अलग बात है कि मुसलमान हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी आवाज़ सुननी चाहिए, लेकिन वोट नहीं लेना चाहिए।
 
राजीव चंद्रशेखर जी की बात समझ में नहीं आई, उन्हें अपनी पार्टी की सोच बदलने की जरूरत है 🤔। हमारा देश बहुत विविध है, जहां हर समुदाय की अपनी जरूरतें और समस्याएं होती हैं। अगर हम मुसलमानों से वोट नहीं लेते तो उनकी जरूरतें कैसे समझी जाएंगी? 🤷‍♂️ हमें उनसे बातचीत करनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए। और अगर हमारी पार्टी में से कोई व्यक्ति है जो मुसलमानों की जरूरतों को नहीं समझता तो उसे अपनी सोच बदलनी चाहिए। 🙏
 
😐 मुझे लगता है कि यह बयान थोड़ा गलत हो सकता है... 🤔 पहले तो हमें अपनी पार्टी की नीतियों और काम की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, न कि किसी समुदाय के लिए वोट लेने की। 💬 अगर हम सब मिलकर समस्याओं का समाधान ढूंढते हैं तो फिर कोई समस्या नहीं होती। 😊
 
ये बात तो बहुत ही रूढ़िवादी है 🤔. पार्टी के दृष्टिकोण और समाज के समस्याओं के सामने आने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी पार्टी ने खुद में गलतियां क्यों नहीं ठहराई? 🤷‍♂️ हमें अपनी पक्षपातपूर्णता तो छोड़ देनी चाहिए, लेकिन समाज से जुड़ने और उनकी जरूरतों को समझने की कोशिश करनी चाहिए।
 
Wow 🤯 यह बहुत ही दिलचस्प बात है कि राजीव चंद्रशेखर जी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा मुसलमानों से वोट नहीं लेती। लेकिन मुझे लगता है कि यह कहना सही नहीं है। हमें हर समुदाय की जरूरतें और समस्याओं को समझना चाहिए। मुसलमान भी हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी जरूरतें और समस्याएं भी होती हैं। 🤝
 
राजीव चंद्रशेखर जी की बात सुनकर, मुझे लगता है कि हमारे समाज में एक बड़ा भ्रम है। यह भ्रम है कि हमारी पार्टी केवल एक हिस्सा ही है जो दूसरे हिस्से की समस्याओं से परेशान नहीं होती। लेकिन वास्तविकता यह है कि हर समुदाय की अपनी जरूरतें और समस्याएं होती हैं, जिन्हें समझना और समाधान निकालना आवश्यक है।

मेरी राय में, हमें यह समझने की जरूरत नहीं है कि हम किसी भी समुदाय से वोट लेते हैं या नहीं। हमें यह समझना चाहिए कि हमारे देश में हर समुदाय को अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का अधिकार है। और हमें यह समझना चाहिए कि हमारी पार्टी भी उसका हिस्सा है, जो दूसरे सभी समुदायों की जरूरतों से परेशान नहीं होती।
 
अरे, ये बात बहुत पेचीदा है। हमारा देश बहुत विविधता का देश है, जहां हर समुदाय अपनी अलग-अलग जरूरतें और समस्याएं रखता है। लेकिन यह जरूरी नहीं कि हमारी पार्टी सभी समुदायों के लिए खुली तौर पर काम करती हो। लेकिन मुझे लगता है कि हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हर समुदाय को उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का मौका मिले।

मुसलमान भी हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी जरूरतें और समस्याएं भी होती हैं। लेकिन यह कहना कि हम उनसे वोट नहीं लेते मेरे लिए सही नहीं लगता। हमें उनसे बातचीत करनी चाहिए, उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करनी चाहिए।
 
अरे भाई, यह बात तो बहुत गलत लगती है... पार्टियां बनाने का उद्देश्य ही कि हम सभी समुदायों के लिए अपनी आवाज़ उठाएं और उनकी समस्याओं को समझें। कहीं भी वोटों की बात करें, सबकुछ सामाजिक मुद्दों से जुड़ा होता है... और हमें उनसे सहयोग करना चाहिए, न कि यह कहना कि हम उनका वोट नहीं लेते।
 
🤔 भाई, यार, यह तो बहुत ही गलत बात कही गई है जैसे हम मुसलमानों से वोट न लेते हैं और उनका ध्यान न दें। यह तो एक बड़ी गलती है। 🚫
हमें हर समुदाय के लोगों को समझना चाहिए, उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए, उनके विचारों को समझना चाहिए। यह तो नामुमकिन नहीं है कि हम सभी समुदायों को ध्यान में रखकर काम करें।
और बीजेपी की पार्टी भी जैसी संस्था है वो सभी समुदायों के लिए खुली तौर पर नहीं चल सकती।
 
राजीव चंद्रशेखर जी की बात समझाने को आसान नहीं है, लेकिन मैं तो उनसे सहमत हूँ। पार्टियाँ जरूर उनकी समस्याओं से बातचीत करती हैं, लेकिन वोट का ध्यान रखना भी जरूरी है। यह तो एक नज़दीकी सच्चाई है। मैंने अपने दोस्तों को कहा है अगर आप चाहते हैं कि आपके देश में हर समुदाय खुश रहता, तो आप अपने लोकपाल अभियान से पहले से ही बातचीत करो। वोट के दौरान निश्चित बोलें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

लेकिन मुझे लगता है कि राजीव चंद्रशेखर जी की बात समझने को आसान नहीं है, खासकर जब वह हमारे देश के लिए वोटों के आधार पर निर्णय लेते हैं।
 
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