मचाडो के नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को देने के फैसले पर मचा बवाल, नोबेल कमेटी का आया बयान, जाने

अमरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर नोबेल शांति पुरस्कार देने के फैसले से विवाद बढ़ गया है। यह पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को देने के लिए था, जिसे अमरिका के राष्ट्रपति ने कहा था। लेकिन अब नोबेल शांति कमेटी ने बताया है कि यह पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता है।

नोबेल कमेटी ने अपने बयान में कहा, "नोबेल पुरस्कार को रद्द किया नहीं जा सकता है, न ही इसे किसी के साथ साझा किया जा सकता है। एक बार घोषणा हो जाने के बाद यह निर्णय हमेशा के लिए मान्य हो जाता है।"

ट्रंप ने कहा था कि वह मचाडो से मिलने वाली अमेरिकी दौरे पर वेनेजुएला की विपक्षी नेता से इस पुरस्कार के बारे में चर्चा करेंगे। लेकिन अब यह सवाल उठता है कि क्या अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगा।

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी हो चुकी है और देश का तेल भंडार लेकर अमरिका-वेनेजुएला संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। इसके बावजूद, वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगuez ने मादुरो का स्थान लिया है।

ट्रंप ने कहा था कि वह वेनेजुएला की विपक्षी नेता से इस पुरस्कार के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं। लेकिन अब यह सवाल उठता है कि क्या अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगा।

नोबेल शांति पुरस्कार के लिए बेताब ट्रंप पहले भी कई बार खुद को योग्य उम्मीदवार बताते रहे हैं। उन्होंने कहा था कि हर उस युद्ध के लिए नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए जिसे आपने रोका हो।
 
मुझे लगता है कि यह सब एक बड़ा खेल है 🤔 अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला सिर्फ एक मौका हो सकता है उन्हें अपने विपक्षी वेनेजुएला के सरकार को लेकर बोलाने का। लेकिन क्या वास्तव में अमरिका वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगा, यह सवाल अभी तक नहीं उतराया गया है। 🤷‍♂️
 
वाह! यह तो अमरिकी राष्ट्रपति की बातें सुनकर सोचते-सोचते ही मुश्किल होती गई है... डोनाल्ड ट्रंप पर नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला तो सिर्फ विवाद का मक्खन बन गया है। पहले तो यह पुरस्कार विपक्षी नेता के लिए था, फिर अमरिकी राष्ट्रपति का दावा हुआ था कि वह इसे चर्चा करने जा रहे हैं... लेकिन अब यह सवाल उठता है कि वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने की उम्मीदें क्या? 🤔

मुझे लगता है कि अमरिकी राष्ट्रपति की बातें बहुत सारी चालाकियों से भरी जाती हैं। पहले तो वह नोबेल पुरस्कार मिलने वाले लोगों को दावा करते हैं, फिर विपक्षी पक्ष से इस पुरस्कार के बारे में चर्चा करने लगते हैं... यह तो बहुत अजीब है! 🙃

अब जब वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति ने मादुरो का स्थान लिया है, तो अमरिकी राष्ट्रपति की बातें और भी अजीब लगने लगी हैं। यह तो नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला सिर्फ विवाद का मक्खन बन गया है, अब कुछ नहीं रहा... 😐
 
मुझे लगता है की अमरिकी राष्ट्रपति की गड़बड़ी से दुनिया को खेद होगी। नोबेल शांति पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो को देने के लिए था, लेकिन अब यह सवाल उठता है कि क्या अमरिका वास्तव में इसे देगी। यह पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता है, इसलिए अमरिकी राष्ट्रपति को अपने फैसले पर खड़ा रहना चाहिए। 🤔
 
मुझे लगता है की अमरिका को यह सोचना चाहिए की वेनेजुएला की वर्तमान परिस्थितियों में नोबेल शांति पुरस्कार देना ठीक नहीं है। युद्ध और तनाव की बात करने वाले लोगों को इस पुरस्कार को लेकर इतना गर्व करने की क्या जरूरत है? मुझे लगता है कि यह पुरस्कार वास्तव में शांति और अहिंसा की बात करता है, लेकिन अमरिका की वर्तमान नीतियों में कोई ऐसा तत्व नहीं है।
 
मुझे लगता है कि ये सब तो बहुत दिलचस्प है 🤔। क्या याद आता है जब हमने पहली बार अमरिका ने वेनेजुएला पर आर्म्स ईक्विबलेस्टेशन लगाया था, और फिर क्यों लोगों को लगता था कि अमरिका के साथ तालमेल रखना आसान है? लेकिन वास्तविकता तय कर देती है 🤷‍♂️। अब नोबेल पुरस्कार से बात करते हैं तो मुझे लगता है कि यह भी जैसे ही हमने पहली बार अमरिकी आर्मी की संख्या बढ़ाई थी, तब ही हमें याद आया होगा कि हमें अपनी शक्ति पर विश्वास करना चाहिए।
 
कौन सी दुनिया है जहां अमरिका को नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला करने में इतना समय लग जाता है? 🤯

ट्रंप पर यह नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला तो दिलचस्प था, लेकिन इसकी व्याख्या करते समय तो लगता है कि उनकी राजनीतिक सोच में कुछ भ्रम है। 🤔

वास्तविकता यह है कि नोबेल शांति पुरस्कार देने का निर्णय बहुत सावधानी से लिया जाता है, और इसका महत्व हमेशा समझा नहीं जाता। 🙏

लेकिन जब अमरिका को इस पुरस्कार देने का फैसला करना पड़ता है, तो लगता है कि उनकी राजनीतिक सोच में लालच और राजनीतिक लाभ की बातें होने लगती हैं। 🚨

इसलिए, जब अब नोबेल शांति कमेटी ने कहा है कि यह पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता है, तो इस पर अमरिका की राजनीतिक सोच और उनके नेतृत्व की जिम्मेदारी पर सवाल उठना चाहिए।
 
🤔 अमरिकी राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला तो गलत ही था, लेकिन अब यह तो समझ आया कि उन्हें पता नहीं था कि उनके बाद इससे और भी बड़ा मेस होगा।
 
अरे, यह तो बहुत दिलचस्प सोचता है 🤔। अमरिकी राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार से विवाद में डाला गया है, लेकिन मैंने पढ़ा है कि यह पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता है। 🙅‍♂️

मुझे लगता है कि इस निर्णय से अमरिकी सरकार को अपनी राजनीति में कुछ नया देखना पड़ेगा, तो फिर क्यों न इसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति को दिया जाए? 🤷‍♂️

नोबेल पुरस्कार एक बहुत बड़ा सम्मान है, और यह अमरिकी सरकार के लिए भी एक बड़ी चुनौती है। मुझे लगता है कि इस पर अमरिका को थोड़ी सोच विचार करनी होगी 🤔
 
🤔 यह बहुत दुखद है! 🌟 अमरिका के राष्ट्रपति की बात करना नहीं चाहते तो नोबेल शांति पुरस्कार से वापस लेना आसान था। 🤷‍♂️ अब यह सवाल उठता है कि क्या अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को इस पुरस्कार देगा? 🤞

वन्स मोर फॉर द लेस्ट टाइम 🕰️, नोबेल शांति पुरस्कार के बारे में चर्चा करना थोड़ा भी आसान नहीं है! 😅 अमरिका-वेनेजुएला संबंध तनावपूर्ण हैं और देश का तेल भंडार लेकर यह स्थिति और भी खतरनाक बन गई है। 🚨

मुझे लगता है कि नोबेल शांति कमेटी ने सही बात कही है! 💯 नोबेल पुरस्कार को रद्द नहीं किया जा सकता है, और इसे साझा करना भी आसान नहीं है। 🤔

आइए, मेरे दोस्तों को एक सवाल पूछें... 🤔 क्या अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगा? 💬
 
अरे, यह तो बहुत बड़ा विवाद बढ़ गया है अमरिकी राष्ट्रपति से। पहले मेरा सवाल यह था कि नोबेल शांति पुरस्कार देने के फैसले से अमरिका को खेद होगी, लेकिन अब लगता है कि इस बात पर भी विचार नहीं किया जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वह मचाडो से मिलने वाली अमेरिकी दौरे पर वेनेजुएला की विपक्षी नेता से इस पुरस्कार के बारे में चर्चा करेंगे, लेकिन अब यह सवाल उठता है कि क्या अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगा।
 
नोबेल शांति पुरस्कार देने का फैसला तो बहुत ही अनोखा है 🤔। ट्रंप पर नोबेल पुरस्कार देने से पहले उन्होंने कहा था कि वह वेनेजुएला की विपक्षी नेता से चर्चा करने जा रहे हैं। लेकिन अब सवाल उठता है कि क्या अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को पुरस्कार देगा। यह बहुत ही अनिश्चितता की स्थिति है। 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि नोबेल कमेटी ने सही काम किया है। अगर एक बार घोषणा हो जाने के बाद यह निर्णय हमेशा के लिए मान्य हो जाता है, तो इसे रद्द नहीं किया जा सकता। 🙅‍♂️

लेकिन यह सवाल उठता है कि अमरिका वास्तव में नोबेल पुरस्कार देगा या नहीं। अगर नहीं, तो यह बहुत ही गंभीर समस्या है। 🤦‍♂️
 
मुझे लगता है कि अमरिकी सरकार ने वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देने के फैसले से पहले सोचा होगा। यह तो एक बहुत बड़ा मुद्दा है, लेकिन अगर वास्तव में ट्रंप इस पुरस्कार के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि अमरिका नोबेल शांति पुरस्कार देगी। वेनेजुएला में तनाव बढ़ रहा है, लेकिन अमरिकी सरकार को यह सोचकर कि वह इस समस्या का समाधान कर सकती है तो गलत होगा।
 
अरे, ये बहुत अजीब है कि ट्रंप को नोबेल पुरस्कार देने का फैसला तो किया गया था, लेकिन अब वापस नहीं लेने दिया जा सकता है। यह अच्छी बात है, भला किसी को भी इस तरह से फंसने दिया जाए? ट्रंप को खुद नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए, न कि किसी और को।
 
मैंने याद किया है जब मेरी माँने बोला था कि अगर हम देश को शांतिपूर्ण बनाने में मदद करेंगे, तो हमें कभी नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा। लेकिन आजकल तो नोबेल कमेटी के फैसले से लोगों का दिल टूट गया है। यह पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता को देने के लिए था, लेकिन अब यह पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता। यह बहुत शरman hai. 🤦‍♂️ मुझे लगता है कि अमरिका तो अपनी छवि को बचाने के लिए इस फैसले से निपटने की कोशिश कर रही है, लेकिन यह सच नहीं है। वास्तव में, ये पुरस्कार अमरिका द्वारा रद्द करने की जरूरत है ताकि वे अपनी गलतियों को सुधार सकें। 😔
 
मुझे लगता है की अमरिका को बेहतर चुनाव करना चाहिए 🤔। यह सोच लेना चाहिए कि पुरस्कार देने से वास्तव में शांति कहीं न कहीं बढ़ेगी। ट्रंप जी ने पहले ही अपनी बात कही थी, फिर क्यों बदलने पड़ेंगे। इससे अमरिका को अपने राजनीतिक हितों पर खरा उतरना पड़ रहा है। 🤑 सोच लेना चाहिए कि नोबेल पुरस्कार देने में शांति और समझदारी शामिल हो।
 
अमरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर नोबेल शांति पुरस्कार देने से बिल्कुल भी नहीं जुड़ना चाहिए। यह पुरस्कार वेनेजुएला की विपक्षी नेता मचाडो को देने के लिए था, परंतु अब यह पुरस्कार वापस नहीं लिया जा सकता। नोबेल कमेटी ने बोला है कि इस पुरस्कार को रद्द नहीं किया जा सकता और इसे किसी के साथ साझा नहीं किया जा सकता। 🙅‍♂️

ट्रंप की ऐसी बातें करनी चाहिए जिससे वेनेजुएला को शांति मिले। लेकिन अब सवाल उठता है कि अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगी या नहीं। इससे पहले ट्रंपने कहा था कि वह वेनेजुएला की विपक्षी नेता से इस पुरस्कार के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं। लेकिन अब यह सवाल उठता है कि अमरिका वास्तव में वेनेजुएला को नोबेल शांति पुरस्कार देगी या नहीं। यह निर्णय अमेरिकी सरकार को समझना होगा। 🤔
 
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