MEA: विदेश सचिव ने कहा- सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देगा भारत, नीली अर्थव्यवस्था में बढ़ेगा सहयोग

भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है। इससे सेशेल्स की आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

दोनों देशों ने लोक सेवक प्रशिक्षण, डिजिटल बदलाव में सहयोग और मौसम विज्ञान सेवाएं पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों में समुद्री निगरानी और नीली अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित है।

भारत दौरे पर राष्ट्रपति हर्मिनी और प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक की। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति को दोपहर का भोजन बिताया। राष्ट्रपति हर्मिनी आज राजकीय भोज का आयोजन करेंगे। कल वह आगरा की यात्रा करेंगे।

भारत सेशेल्स के विकास में छोटी और बड़ी परियोजनाओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए योगदान दिया है।

विदेश सचिव ने कहा, सेशेल्स भारत के महासागर दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण सहयोगी है। दोनों देशों का लंबा और मजबूत संबंध है।

भारत ऊर्जा नीति में राष्ट्रीय हितों पर आधारित निर्णय लेगा। सरकार या कंपनियों द्वारा लिए जाने वाले निर्णय राष्ट्रीय हितों से निर्देशित होते हैं। ऊर्जा क्षेत्र में आयात फैसले बाजार स्थितियों पर आधारित होगा।

विदेश सचिव ने कहा, भारत किसी एक देश पर नहीं है, बल्कि दर्जनों देशों से ऊर्जा कच्चे तेल आयात करता है। आयात स्रोत समय-समय पर बाजार स्थितियों के अनुसार बदलते रहते हैं।

भारत ने सेशेल्स की सहायता करने का फैसला किया है।
 
मुझे तो यह दिलचस्प है कि भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है, इससे सेशेल्स की आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। 🚑

मुझे लगता है कि यह समझौता दोनों देशों के बीच बहुत अच्छा होगा। भारत ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी के बीच मुलाकात हुई, जो कि बहुत ही अच्छा संदेश है। 🤝

और तो और, भारत दौरे पर आये हैं और राष्ट्रपति हर्मिनी आज राजकीय भोज करेंगे, कल वह आगरा की यात्रा करेंगे। यह बहुत ही शानदार होगा। 😊
 
जलवायु परिवर्तन को लेकर दुनिया भर में बातचीत करने वालों के लिए यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है कि भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है। इससे न केवल सेशेल्स की आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि हमारे देश की भी इस तरह की सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

क्या हमें अपने पड़ोसियों और विश्व स्तर पर सामाजिक विकास के लिए सहयोग करने की जरूरत है? देश के लिए जो भी निर्णय लेने जाते हैं वह हमेशा राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए लिया जाता है और आयात फैसले बाजार स्थितियों पर आधारित होते हैं। तो यह निर्णय भी एक तरह का राष्ट्रीय हितों पर आधारित निर्णय है।

लेकिन अगर हम अपने पड़ोसियों के साथ सहयोग करें और उन्हें विकास में मदद करें, तो दुनिया भर में की जा रही समस्याओं को हल करने में हमारी मदद होगी। भारत सेशेल्स के विकास में छोटी और बड़ी परियोजनाओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए योगदान दिया है और यह अच्छा है।
 
अगर सेशेल्स भारतीय उपमहाद्वीप में आतंकवाद को बढ़ावा देता, तो हमें उनके साथ ऐसा कोई समझौता नहीं करना चाहिए। लेकिन अगर वे स्थिर और शांतिपूर्ण हैं, तो इस तरह के सहयोग से हम अपने समुद्री संबंधों को मजबूत कर सकते हैं और दोनों देशों में आर्थिक विकास हो सकता है 🤝
 
राष्ट्रपति हर्मिनी और प्रधानमंत्री मोदी की बैठक को देखकर तो मैं थोड़ा खुश हुआ, लेकिन सोचता हुआ तो कहीं ये समझौता हमारे विकास के लिए फायदेमंद नहीं होगा। और यार, भारत के नेताओं की इस तरह की बैठकों में जरूर एक छोटा सा सवाल उठता है - क्या ये समझौते हमारे विकास को रोकने के लिए नहीं बनाए गए हैं? और तो तो यह सवाल ही हमें गंभीरता से सोचने पर मजबूर करेगा। मुझे लगता है कि ये समझौते वाकई सेशेल्स के लिए फायदेमंद होंगे, लेकिन हमारे देश की जगह पर हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे नेताओं ने सही पल में सही निर्णय लिया है।
 
बोलते बोलते मुझे एहसास होता है कि दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की दीवार मजबूत होती जा रही है, तो फिर भी सोचता हूँ कि यह मित्रता क्या काम करने की शुरुआत करेगी, यानी दोनों देशों के बीच नीली अर्थव्यवस्था पर कैसे ध्यान केंद्रित किया जाएगा, और कैसे समुद्री निगरानी में विशेषज्ञता साझा करें।
 
अरे दोस्त, भारत और सेशेल्स के बीच इस तरह का समझौता बहुत अच्छी बात है 🤝। इससे दोनों देशों के बीच विकास में बहुत सारा फायदा हो सकता है। भारत ने सेशेल्स की मदद करने का फैसला किया है, जिससे वहां की आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। यह तो बहुत अच्छा है कि दोनों देशों ने लोक सेवक प्रशिक्षण, डिजिटल बदलाव और मौसम विज्ञान सेवाएं पर सहयोग किया है।
 
😊 दोनों देशों के बीच ये समझौते भारत के लिए अच्छा है | इससे हमारी आपातकालीन सेवाओं में और मजबूती आएगी | सेशेल्स को यह उपहार मिला तो हमारी दोस्ती और सहयोग का नाम भी चलेगा | और देखिए, ऊर्जा नीति में भी हम राष्ट्रीय हितों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं | इससे हमारी अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा 🚀
 
सेशेल्स देश वास्तव में छोटा-छोटे देशों को भारत अपने महासागर दृष्टिकोण में शामिल करता हुआ है **😊** उनकी आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने का यह फैसला एक अच्छा निर्णय होगा। मुझे याद आता है जब मेरे दादाजी की बीमारी हुई थी, तो हमें देश के अन्य हिस्सों से मदद मिली। अब सेशेल्स भी उसी तरह की मदद पाने वाले हैं **❤️** उनके लिए यह एक बड़ा सहयोग है और मुझे लगता है कि हम दोनों देशों का रिश्ता मजबूत होता जाएगा।
 
😊 बिल्कुल सही है! भारत को सेशेल्स की मदद करना अच्छी बात है, लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि सेशेल्स में बड़े पैमाने पर निवेश करने से पहले उसके राजनीतिक और आर्थिक स्थिति को अच्छी तरह से जानना होगा। भारत की सरकार बहुत अच्छी है और यह देश किसी को भी मदद कर सकता है, लेकिन हमें अपनी राशि को सही तरीके से वितरित करना होगा ताकि वह मदद मिले। 😊
 
सेशेल्स को भेजने वाली 10 एंबुलेंस की बात में तो अच्छी है, लेकिन इन देशों ने साथ लेने की कोशिश तो क्यों नहीं की? दोनों देशों ने इतना समझौता किया और फिर भारत की मदद करने का फैसला किया। यह तो दिखाता है कि सेशेल्स में कुछ गड़बड़ी हुई है और उनके लिए सुधार की जरूरत है।
 
सेशन्स को 10 एंबुलेंस देने का फैसला तो अच्छा है, लेकिन क्या यह वास्तव में उन्होंने सोचा था कि हम भारतीय एंबुलेंस कैसे चलेंगी? 🤔 और वहीं सेशन्स के लिए 10 एंबुलेंस देने के लिए हमारे पास इतने बीमार हैं?

और तो तो हमने सेशन्स की सहायता करने का फैसला किया है, लेकिन मुझे लगता है कि यह भारत के खिलाफ सरकारी कैलेंडर का निर्माण कर रही है।

क्या हमें बिल्कुल सुनिश्चित हैं कि इन समझौतों से हमारी सरकार को कोई फायदा होगा? और कौन कह रहा है कि यह समझौते सेशन्स की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे?

मुझे लगता है कि हमें इन समझौतों के बारे में और जानने की जरूरत है।
 
नहीं, तो यह बहुत अच्छा काम है दोस्त, भारत और सेशेल्स के बीच ये समझौतों पर हस्ताक्षर करना। लेकिन कुछ चिंताओं की बात करनी पड़ती है, हमारे पास इतनी ज्यादा ऊर्जा विकल्प नहीं हैं? और भारत में अपनी ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए, आयात फैसलों पर इस तरह से निर्णय लेना सही है?
 
अरे, भारत और सेशेल्स के बीच ऐसे समझौते करना अच्छा है! अब तो हमारे देश में भी बहुत सारे प्रोजेक्ट हैं जिनमें लोगों की रोजगार में मदद करेंगे। और सेशेल्स की बात तो वहाँ के लोगों का विकास करने में हमारी मदद भी है! 🚑💼

अब हम दोनों देशों में समुद्री निगरानी और मौसम विज्ञान सेवाएं शुरू करेंगे, इससे हमें अपने देश को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। और प्रधानमंत्री मोदी जी ने राष्ट्रपति हर्मिनी जी को भोजन दिया, तो वह तो बहुत अच्छा लगा होगा। 🍴

आगरा जाने से पहले राजकीय भोज में शामिल होने वाली राष्ट्रपति हर्मिनी जी की बात मुझे खुश करती है। हमारे देश में युवाओं को प्रशिक्षण देने से तो उनकी रोजगार में मदद मिलेगी, और उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने का मौका भी मिलेगा।
 
अरे, यह बात मुझे बहुत पसंद आ रही है कि भारत और सेशेल्स को मिलकर कुछ अच्छा करने का निर्णय लिया गया है। दोनों देशों के बीच इस तरह के समझौते तो हमारे देश की विदेश नीति को भी मजबूत बनाने में मदद करेंगे।

लेकिन मैं यह सोचता हूँ कि अगर हम वास्तव में अपने पड़ोसी देशों के लिए अच्छाई करना चाहते हैं, तो हम उन्हें भी इतनी बड़ी और प्रभावशाली मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भारतीय ब्रांड्स और उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, हमें यह समझने की जरूरत है कि अगर हम अपने पड़ोसी देशों को सहायता कर रहे हैं, तो हमारे अपने घरेलू बाजार पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
 
बिल्कुल सही है कि भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है, इससे सेशेल्स की आपातकालीन सेवाओं को मजबूती मिलेगी। यह एक बहुत अच्छा कदम है और हमें आशा है कि सेशेल्स की सरकार इस मदद से अपनी सेवाओं को और भी बेहतर बना सकती है। 🙏
 
अरे, यह बहुत अच्छी खबर है कि भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है 🚑। इससे लोगों की जान बचने की संभावनाएं बढ़ेंगी। और ये बात भी अच्छी है कि दोनों देशों ने मिलकर लोक सेवक प्रशिक्षण, डिजिटल बदलाव में सहयोग किया है। यह समझौता हमारे महासागर दृष्टिकोण के लिए बहुत फायदेमंद है 🌊
 
बात करें तो यह बहुत अच्छी खबर है! भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है, और इसके साथ ही दोनों देशों ने लोक सेवक प्रशिक्षण, डिजिटल बदलाव में सहयोग और मौसम विज्ञान सेवाएं पर हस्ताक्षर किए। यह बिल्कुल सही है कि हमारा संबंध बहुत मजबूत है और हम दोनों एक दूसरे की मदद करने के लिए तैयार हैं।

भारत ने सेशेल्स में विकास में छोटी और बड़ी परियोजनाओं, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के जरिए योगदान दिया है, और यह बिल्कुल सही है कि हमारा संबंध लंबा और मजबूत है।

अब ऊर्जा नीति में भी हम भारत के राष्ट्रीय हितों पर आधारित निर्णय लेगा, और आयात फैसले बाजार स्थितियों पर आधारित होगा। यह बहुत अच्छा है!

और सबसे अच्छी बात यह है कि भारत ने सेशेल्स की सहायता करने का फैसला किया है, और हम दोनों एक दूसरे की मदद करने के लिए तैयार हैं। 🤩💪🇮🇳
 
मैंने देखा है कि भारत ने सेशेल्स को 10 एंबुलेंस उपहार में देने का फैसला किया है, लेकिन यह सवाल उठता है कि यह सही है या नहीं। भारत क्यों सेशेल्स को इस तरह मदद कर रहा है? क्या हमारे पास अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में कमजोरियाँ हैं कि हम सेषेल्स को सुधारने के लिए मदद करने के लिए मजबूर हुए हैं? 🤔

और यह भी देखना दिलचस्प है कि इन समझौतों में समुद्री निगरानी और नीली अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित किया गया है। लेकिन हमने पहले से नहीं सुना था कि भारत सेशेल्स को कैसे मदद कर रहा है? क्या हमारे पास इन समझौतों के बारे में जानकारी है? 📝
 
मुझे ये अच्छी सुनाई दे, भारत और सेशेल्स की मित्रता बढ़ रही है 🙏, लेकिन मैं सोचता हूं कि हमें अपने आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने की जरूरत है। बिल्कुल तो, अगर हम अपनी योजनाएं और परियोजनाओं को एक साथ मिलाकर लेकर चलें, तो हम दोनों के विकास को बढ़ावा दे सकते हैं।

मैंने भी सोचा है कि हमें अपनी आपातकालीन सेवाओं को और बेहतर बनाने की जरूरत है, ताकि अगर कोई समस्या हो, तो हम जल्दी से मदद कर सकें। और ऊर्जा नीति में राष्ट्रीय हितों पर आधारित निर्णय लेना अच्छा होगा, ताकि हम अपने देश की जरूरतों को पूरा कर सकें।

और सोचता हूं, अगर हम अपनी खुद की योजनाओं और परियोजनाओं को एक साथ मिलाकर लेकर चलें, तो हम अपने देश के विकास को और भी बढ़ावा दे सकते हैं।
 
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