मैं तो मोदी जी का बयान सुनकर हंसी आ गई। मुझे लगता है कि तमिल लोगों ने अपने प्यारे रेड्डी के बोल भूल गए हैं। वही देखो, आजकल के नेताओं को हमेशा तैयार रहना चाहिए, खासकर जब वे सांस्कृतिक मुद्दों पर बोल रहे होते हैं। लेकिन फिर भी, यह बयान इतना मजाकिया था कि मुझे हंसने को मिला।