ममता की CJI से अपील-संविधान, लोकतंत्र, न्यायपालिका की रक्षा करें: बोलीं- लोगों को एजेंसियों से गलत तरीके से निशाना बनाए जाने से भी बचाएं

पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने शनिवार को CJI सूर्यकांत से अपील की कि वे देश के संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा करें।

ममता ने कहा, "आप हमारे संविधान के संरक्षक हैं। हम आपकी कानूनी संरक्षण में हैं। न्यायपालिका में आपसे ऊपर कोई नहीं है। देश की जनता की ओर से हम अनुरोध करते हैं कि जाति या धर्म के आधार पर किसी भी तरह का पक्षपात नहीं होना चाहिए। आइए, हम सब एकता के लिए काम करें, बोलें और सोचें।"

ममता ने यह भी कहा, आजकल मामलों के निपटारे से पहले मीडिया ट्रायल का चलन बढ़ रहा है, इसे भी रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा, मैं उन आम लोगों को बधाई देती हूं जिन्हें इस न्यायपालिका प्रणाली पर भरोसा और विश्वास है। यह न्यायपालिका जनता की, जनता द्वारा और जनता के लिए होनी चाहिए।

कार्यक्रम में कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुजय पॉल, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, पश्चिम बंगाल के महाधिवक्ता किशोर दत्ता, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और राज्य के कानून मंत्री मलय घटक सहित कई लोग मौजूद थे।

ED ने 8 जनवरी को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के IT हेड और पॉलिटिकल कंसल्टेंट फर्म (I-PAC) डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और कंपनी से जुड़े ठिकानों पर छापा मारा था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस दौरान CM ममता वहां बंगाल पुलिस के अफसरों के साथ पहुंचीं और अपने साथ सबूत लेकर चली गईं।

इस पर I-PAC रेड मामले में ED ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। इस पर 15 जनवरी को सुनवाई हुई। कोर्ट ने बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया और दो हफ्तों में जवाब मांगा। कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर है।
 
अरे, माता-पिता के लिए यह बहुत चिंताजनक है कि आज की युवाओं में देशभक्ति और संविधान का ज्ञान कम हो रहा है। CM ममता बनर्जी ने बिल्कुल सही कहा है, हमारी न्यायपालिका को जनता की रक्षा करनी चाहिए। लेकिन यह तो एकमात्र समस्या नहीं है, आज के ट्रायल के समय मीडिया पर भी बहुत अधिक दबाव डालने की प्रवृत्ति है। 👎

कहा जाए, हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए परिवार के लिए सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, लेकिन आज के समय में मीडिया और देशवासियों की भावनाओं पर बहुत अधिक प्रभाव डालने की आवश्यकता है। 🤦‍♀️
 
अरे, तृणमूल कांग्रेस पर ED की छापेमारी हुई, I-PAC के प्रमुख को घर से पकड़ लिया गया 😱। CM ममता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की, लेकिन क्या इसका जवाब मिलेगा? यह तो देखकर ही मनाएगा 🤯। कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुजय पॉल को भी इस मामले में शामिल किया गया, लेकिन इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनकी राय कहां? 🤔। इस तरह की छापेमारियों से न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगा है, यह तो दूर नहीं होगा 🚫
 
ममता बनर्जी ने अपने अपील के पीछे एक महत्वपूर्ण बात कहनी चाहिए - संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका को हमारे देश के भविष्य में बहुत महत्व है। यह तय करना चाहिए कि कैसे हम अपने समाज को एकजुट बनाएं और सामाजिक भेदभाव, जातिगत या धर्मगत विभाजन से निपटना। ED की रेड मामले में यह सवाल उठना चाहिए कि क्या हमारे देश की न्यायपालिका जनता की ओर से काम कर पाई है या नहीं। इसके लिए हमें अपने मीडिया और प्रशासन को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
 
ममता बनर्जी जैसे लोग जरूर अच्छे होते हैं, लेकिन कभी-कभी लगता है कि वे कुछ भी निर्णय लेने से पहले अपने दिमाग में एक्सट्रा स्लीपिंग ड्रॉप्स की जरूरत है। मीडिया ट्रायल को रोकने का यह प्रयास अच्छा है, लेकिन इसके पीछे क्या तर्क है?

कुछ लोग कहते हैं कि यह तो सिर्फ एक नई तरह की जांच है और इससे सब कुछ साफ हो जाएगा। लेकिन मुझे लगता है कि अगर ED ने इसकी पुष्टि नहीं कर पाई तो फिर इस पर क्या आधार है? और अगर यह सच है तो फिर यह कैसे हुआ?

यह एक बड़ा सवाल है कि मीडिया ट्रायल को रोकने के लिए हमें अपनी बात करनी चाहिए। लेकिन क्या हम यह नहीं कर सकते कि हम अपनी प्रतिक्रिया शांत और सोच-समझकर दिखाएं?
 
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सूर्यकांत से अपील कर रही हैं... तो फिर भी, ED ने I-PAC पर छापा मारा था। यह तो मजाक है! 🤣 सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करना और नोटिस जारी करना सुनिश्चित करेगा कि मामला हल्के में नहीं लिया जाएगा।

क्या यह वास्तव में ममता की चिंता है कि NRC पर फिर से चर्चा होगी, या तो वह इस पर पूरी तरह से खत्म करना चाहती हैं और NRC को पूरी तरह से समाप्त करना चाहती हैं। ED ने तो यह बात समझ गई है कि क्या होने दें, इसे खत्म कर दो।

ED ने आरोप लगाया था कि ममता के घरे वालों ने साजिश रची। लेकिन ED की जांच एजेंसी को यह तय करने में भी समय लगेगा कि यह सच है या नहीं। इसलिए, मैं इस पर शायद कुछ और समय दूंगा। 😏
 
ममता बनर्जी की बात सुनकर मुझे खुशी हुई। हमारे देश की न्यायपालिका को सबसे ज्यादा सम्मान देना चाहिए। लेकिन यह तो आसान नहीं है। जैसे हमारे देश की जनता एकजुट होने में भी समय लगता है, वैसे ही न्यायपालिका को भी अपने पास रखकर सम्मानित करना चाहिए।
 
यह तो बहुत ही बड़ा मामला है 🤯 संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा करना जैसे शब्दों में नहीं आता, वास्तविकता में यह एक जरूरी बात है। ममता बनर्जी की बातें सुनने से लगता है कि वह सच्ची राजनेता हैं और उनके दिल में जनता का होना चाहिए। लेकिन इस मामले में भी ऐसा नहीं लगता, जैसे ED ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी हैं। यह देखकर शर्मिंदा रहना चाहिए, कि क्या इन लोगों ने अपने कार्यों को देखने की जास्ती नहीं की है।
 
बड़े बहादुर ममता बनर्जी, CM पश्चिम बंगाल 🙌! उनकी बात सुनकर लगता है कि हमारे देश की न्यायपालिका और लोकतंत्र को बचाने के लिए कुछ करना होगा। #न्यायपालिकाबचाओ #लोकतंत्र_बचाओ

और यह तो साफ है कि मीडिया ट्रायल का चलन बढ़ने से नाराज़ होना चाहिए। इससे पहले मामलों के निपटारे की बात करें और फिर पता लगाएं, यह चलन कितना अच्छा है? #मीडियाट्रायल_रोको

हमें अपनी सरकार के पास जाकर उनसे बात करनी चाहिए। उन्हें सुनना चाहिए और उनके निर्देशों का पालन करना चाहिए। हमें एक दूसरे के साथ मिलकर काम करना चाहिए और देश को आगे बढ़ाना चाहिए। #एकता_की_जीत
 
मामला तो बहुत बड़ा है इस बीच... सुप्रीम कोर्ट में ED ने याचिका दायर की और I-PAC रेड मामले में बंगाल सरकार को नोटिस जारी किया है... CM ममता बनर्जी ने CJI सूर्यकांत से अपील की है कि वे देश के संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका की रक्षा करें। यह भी तो बहुत जरूरी है कि मीडिया ट्रायल का चलन रोका जाए। CM ने कहा है कि इस न्यायपालिका प्रणाली पर जनता का भरोसा और विश्वास होना चाहिए... 🤔
 
क्या यह कभी समाप्त होगा, ED की यह निरंतर धावा? प्रतीक जैन पर छापा मारने के बाद, I-PAC रेड मामले सुप्रीम कोर्ट में आ गया। लेकिन ये तो खेल नहीं है, सबूतों की खोज और न्याय की खोज। क्या यह भी एक नई पलटवार है?

ममता बनर्जी की अपील से संविधान, लोकतंत्र और न्यायपालिका को कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन एक सवाल है - आगे क्या? पुलिस अधिकारियों पर दबाव डालना, I-PAC पर आरोप लगाना... यह सब कैसे सही था? और सबसे ज्यादा, जनता तो दूर से बैठकर क्या कर सकती है?
 
जानलेवा ED रेड वाले TMC चेहरे पर भी न्यायपालिका की जांच नहीं हो रही। पुलिस और ED दोनों को अपने सिलसिले में अटकाएं, लेकिन न्यायपालिका में तैयारी क्या कर रही है? 🤔
 
ममता बनर्जी जी का यह अपील बहुत ही सही है 🤝। हमारे देश की न्यायपालिका को संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करनी चाहिए, इसे किसी भी पक्षपात या जाति/धर्म के आधार पर नहीं छूना चाहिए। मीडिया ट्रायल का चलन रोकना भी जरूरी है, इससे हमारे न्यायपालिका और लोकतंत्र पर बहुत बड़ा बोझ पड़ता है।
 
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