मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी हुई, अबतक एक भी गिरफ्तारी नहीं

नरसिंह राव को नागा लोगों द्वारा मारा गया: मणिपुर में 1997 में शुरू हुई संघर्ष, आज भी नहीं समाप्त
 
मुझे बहुत दुख हुआ ना इस खबर सुनकर कि मणिपुर के नरसिंह राव जी पर नागा लोगों ने मारा गया। यह एक बहुत ही गंभीर और दुखद घटना है। मैं उनके परिवार के लिए शांति और स्थिरता की कामना करता हूं।

मणिपुर में हो रहे ये तनावपूर्ण घटनाक्रम से मुझे बहुत दुख हुआ है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार और सभी पक्ष शांति और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालेंगे। हमें यह सब भूलना चाहिए और एक दूसरे को समझना चाहिए।

मैं अपने देशभक्ति की बात करूं तो मुझे लगता है कि हमें अपने देश के विभिन्न हिस्सों में हो रहे तनावपूर्ण घटनाओं पर ध्यान देने की जरूरत है। हमें एक साथ मिलकर और शांति के माध्यम से समाधान निकालने की जरूरत है। 🤕
 
मुझे यह बात बहुत परेशान करती है कि मणिपुर में ऐसा हुआ है। नरसिंह राव को नागा लोगों ने मार दिया, यह तो समझने के लिए भी नहीं था कि वह क्या चाहते थे। मुझे लगता है कि सरकार और पुलिस को अधिक संवाद करना चाहिए था। अगर उन्होंने पहले से ही तैयारी की होती, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना नहीं होती। आज भी मणिपुर में तनाव बना हुआ है, और मुझे लगता है कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। 🤕
 
मुझे यह बात बहुत दुखद लगी, नरसिंह राव को नागा लोगों ने गोली मार दिया, यह तो दिल को टूटने का कारण बन गया। मणिपुर में संघर्ष जारी है, और ऐसा लगता है कि कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है।

मुझे लगता है कि सरकार और राजनीतिक दल, सभी एक साथ मिलकर इस समस्या को हल करने की कोशिश करें, नागा लोगों के अधिकारों को मान्यता देनी चाहिए। मणिपुर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए, हमें एक-दूसरे को समझने की जरूरत है।
 
मुझे लगता है कि मणिपुर की समस्या बहुत बड़ी है, लेकिन हमें एक दूसरे के प्रति सहानुभूति रखनी चाहिए। मैंने मणिपुर जैसी जगहों पर घूमा, वहाँ के लोग बहुत मेहनती और सुंदर लोग हैं।

लेकिन अगर सरकार भारतीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए अपने संसाधनों का उपयोग करे, तो हमें बहुत अच्छा परिणाम मिलेगा। चूँकि अगर अगर मुंबई और दिल्ली जैसी बड़ी शहरी जगहों की तरह मणिपुर भी एक प्रमुख आर्थिक केंद्र बन जाए, तो वहाँ के लोगों की जिंदगी बेहतर होने की संभावना है।

ज़रूरी है कि हम सरकार और नागरिक दोनों मिलकर इस समस्या का समाधान निकालें। अगर ऐसा न हुआ, तो शायद मणिपुर जैसी जगहें हमारे गणराज्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहेंगी।
 
इस खबर पर मेरा विचार है... मणिपुर में लगातार संघर्ष जारी है। नरसिंह राव को नागा लोगों द्वारा मारा गया, ये बहुत दुखद घटना। लेकिन अगर हम देखते हैं तो यह संघर्ष 1997 से चला आ रहा है, और अभी भी नहीं समाप्त हुआ है। यह एक बड़ी समस्या है, जिसे हल करने के लिए हमें बहुत प्रयास करने होंगे। मेरी राय में सरकार और स्थानीय नेताओं को मिलकर इस समस्या पर काम करना होगा, ताकि मणिपुर में शांति और सुरक्षा वापस आ सके।
 
मुझे ये सुनकर बहुत दुख हुआ । मणिपुर के लोगों को हमेशा देखकर मेरा मन मारा जाता है उनके साथ होने वाले पीड़ा और दर्द को। नरसिंह राव की मौत नागा लोगों के खिलाफ जारी आंदोलन का एक और उदाहरण है। मैंने देखा है कि मणिपुर में संघर्ष कितने समय से चल रहा है, 1997 से यह आंदोलन आज भी नहीं समाप्त हुआ, यह बहुत दुखद है।

मुझे लगता है कि सरकार और पुलिस को मणिपुर में होने वाली समस्याओं को समझने की जरूरत है। नागा लोगों को उनके अधिकारों और स्वतंत्रता की जरूरत है, लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि सरकार और पुलिस उनके साथ सम्मानजनक तरीके से बात करें और समझें। हमें मणिपुर में शांति और एकता की जरूरत है।
 
मुझे यह सुनकर Wow विशाल बागत की बहुत बड़ी गलती करने की कोशिश हो रही थी 🤦‍♂️ मणिपुर में नरसिंह राव का मामला, यह तो 1997 से ही शुरू हुआ और आज भी नहीं समाप्त हुआ, यार यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है 🤕 नागा लोगों द्वारा उनकी हत्या करना बहुत ही चुनौतीपूर्ण है, और सरकार को इस पर कोई जवाब नहीं दे पाई है। यह एक बहुत ही दर्दनाक मामला है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।
 
मैंने मणिपुर में हुए घटनाओं की जानकारी से पहले से ही पता था, लेकिन यह सच है कि कई वर्षों बाद भी यकीन नहीं होता। नरसिंह राव को नागा लोगों द्वारा मारा गया तो यह बहुत ही गंभीर मामला है। मुझे लगता है कि ऐसी घटनाओं से जुड़े मामले हल्के-फुल्के नहीं होते।

मणिपुर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सरकार और नागा लोगों को मिलकर काम करना जरूरी है। यह घटना किसी भी समुदाय के लिए एक बड़ा झटका है और इसे हल करने के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना जरूरी है।
 
मैंने जाना है कि मणिपुर में संघर्ष चल रहा है, लेकिन यह सच तो पता है या नहीं? नरसिंह राव को नागा लोगों ने मारा था, बिल्कुल सही हुआ था। क्या सरकार ने उनके परिवार का ख्याल रखा था? कोई जवाब नहीं दिया गया है। और आज भी संघर्ष जारी है, यह तो बहुत ही दुखद है। मुझे लगता है कि सरकार ने इस समस्या का हल नहीं निकाल पाया है। और नागा लोगों को कुछ नहीं मिल रहा है। मैंने देखा है कि राजनेताओं ने इस मुद्दे पर बोलते समय, खूबसूरत शब्दों से भरी चालाकी कर रहे हैं, लेकिन सच्चाई तो कहीं और है।
 
ਇਹ ਦੁਖदायक ਗोषਣ ਮੈਂ ਕਿਤੇ ਨਾ ਸੁਣਿਆ ਹੈ। 1997 ਵਿੱਚ ਮਨੀਪੁਰ ਦੀ ਜ਼मੀਨ ਤੇ ਅਜੇ ਭੀ ਗਰਾਈਫ਼ਟਸ ਦਾ ਵਿਖਾਵਾ ਚਲਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਕਿਉਂ? 1997 ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਭੀ ਸੰਘਰਸ਼ ਜ਼ਮੀਨ 'ਤੇ ਫੈਲਿਆ ਹੋਇਆ ਹੈ। ਕੁਝ ਗਰੀਬ ਪਿੰਡ ਅਜੇ ਭੀ ਕੰਮ-ਸੁਧਾਰ ਲਈ ਨਵੀਆਂ ਸ਼ਕਤੀਆਂ ਦੀ ਖੋਜ ਕਰ ਰਹੇ ਹਨ। ਅਜਿਹੀ ਥਾਂ 'ਤੇ ਸ਼ਾਂਤੀ ਪੈਣ ਲਈ ਮੇਰੀ ਗੱਲ ਨਹੀਂ।
 
मैंने 2014 में मणिपुर की इस समस्या पर बात की थी, जब नरसिंह राव को नागा लोगों द्वारा मारा गया था। मुझे लगता है कि ये संघर्ष अभी भी जारी है, और हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है। मणिपुर एक ऐसा राज्य है जहां पूर्व और पश्चिम दोनों हिस्से अलग-अलग संस्कृतियों और भाषाओं वाले लोग रहते हैं। नागा लोगों के साथ इस समस्या को हल करना मुश्किल है, लेकिन हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है ताकि यह संघर्ष कभी नहीं समाप्त हो।

मुझे लगता है कि सरकार को नागा लोगों के अधिकारों और हितों का ध्यान रखना चाहिए। हमें एक दूसरे के प्रति समझ और सहानुभूति विकसित करनी चाहिए। यह समस्या केवल मणिपुर में नहीं बल्कि भारत के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।
 
मैंने बहुत समय से मणिपुर की समस्या को देखा है, और लगता है कि यहां पर नागाओं के साथ कैसे व्यवहार किया जाता है, वो भी एक अजीब बात है। नरसिंह राव को मारने की बात, तो यह बिल्कुल सही नहीं है कि उन्हें नागाओं द्वारा मारा गया, लेकिन यह तो सच है कि मणिपुर में बहुत से लोगों को उनके जनजातीय पहचान के आधार पर पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है।

मुझे लगता है कि सरकार को अपनी नीतियां बदलनी चाहिए, और नागाओं को सम्मान देना चाहिए। मणिपुर में शांति और स्थिरता आ गई तो ही, वहां के लोगों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक होना चाहिए, और सरकार को उन्हें उनकी पहचान के आधार पर नहीं भेदभावित करना चाहिए।
 
नागालैंड में नरसिंह राव पर जैसा किया गया था वो भी हो सकता है... लेकिन यह तो सरकार से बात करनी चाहिए कि वहाँ क्यों इतना तनाव है? मणिपुर में ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब नहीं मिल पा रहा है।
 
मेरे दोस्तों अगर मनिपुर में तो क्या कहना… 😔 ये वो जगह जahan नागाओं और सैनिकों के बीच खूनी संघर्ष ही हमेशा चलता रहा है... नरसिंह राव की घटना को देखकर मुझे खेद हुआ कि ऐसी गलतीें फिर भी होती रहती हैं जिनको सुधारने की जरूरत है। मनिपुर में शांति और सम्मान के नाम पर लोगों का क्या हाल? 🤕 मुझे लगता है कि अगर हम सब मिलकर सही सोचेंगे तो फिर इस तरह की घटनाएं होने की जरूरत नहीं होती।
 
मुझे लगता है कि मणिपुर में इस तरह की घटनाएं कभी नहीं रुकेंगी। हमारे देश में कई जगहों पर स्थानीय लोगों और सरकार के बीच तनाव बढ़ता रहता है। नागा लोगों को उनकी पहनावट, भाषा, और संस्कृति के कारण धमकियाँ दी जाती हैं। यह एक गंभीर मुद्दा है जिस पर हमें ध्यान देने की जरूरत है।

मैं चाहता हूँ कि सरकार नागा लोगों की समस्याओं को सुने और उनके अधिकारों की रक्षा करे। हमें अपने देश की विविधता को समझने की जरूरत है और हर समुदाय के साथ शांति से बात करने की जरूरत है।
 
मैं तो यह बात तो चिंतित हूँ कि ऐसे ही कई वर्षों से मणिपुर में नागा लोगों और सरकार के बीच लड़ाई चल रही है... यह बहुत दुखद है जैसे भारतीय सेना ने 1997 से मणिपुर में विद्रोहियों के खिलाफ लड़ाई शुरू कर दी और अब भी नहीं रुकी है। मैं समझता हूँ कि नागा लोगों को अपनी जान बचाने के लिए ऐसा करना पड़ा, लेकिन इतना हद तक फैल गया तो वाह... दूसरी तरफ भारतीय सेना और सरकार की दृष्टि में यह सब कुछ स्वाभाविक था... लेकिन मुझे लगता है कि ऐसे ही कई अनुभवों को नजरअंदाज करना नहीं चाहिए, हमें सिखने को बहुत कुछ है।
 
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