MP में पारा 3ºC, राजस्थान में 3.7ºC पहुंचा: उत्तराखंड में झरने जमे, केदारनाथ-बद्रीनाथ का तापमान -13°C से नीचे; हरियाणा-बिहार में सर्दी बढ़ी

भोपाल, लखनऊ/नई दिल्ली। उत्तराखंड में झरने जम गए हैं, केदारनाथ-बद्रीनाथ में तापमान -13°C से नीचे चला गया है। हरियाणा, बिहार में सर्दी बढ़ गई है।

उत्तराखंड के पाला गिरने से नदी-नाले और झरने जम गए हैं। केदारनाथ में तापमान -15°C, बद्रीनाथ में -13°C चला गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में आसमान साफ रहने से दिन में हल्की धूप मिलेगी, जबकि रात के समय तापमान में गिरावट का असर बने रहने की उम्मीद है।

इसी तरह, हरियाणा और बिहार में भी ठंड बढ़ गई है। हरियाणा में 4 जिलों में तापमान 7°C से नीचे रिकॉर्ड किया गया है, जबकि 12 जिलों में मिनिमम टेम्परेचर 10°C से कम रहा। बिहार में पटना में न्यूनतम तापमान 12.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 1.1°C कम है।

झारखंड में राज्य के आधे से अधिक हिस्सों में रहेगा कोहरा, रांची और आसपास मौसम सामान्य रहेगा।
 
नमूना पुलिस द्वारा गठित एक टीम ने 5-6 महीने पहले विरोध प्रदर्शन के बाद भी पुलिस अधिकारियों को फोन नहीं करने का कारण जाना। राज्य सरकार को यह मामला कैसे हल करना है?
 
बात उत्तराखंड की, ये तो ठंड की चोट लग रही है जैसे बादल में बात कर रहे हों। पाला गिरने से नदियां जम गईं, यह तो बहुत बड़ी चीज है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि उत्तराखंड इतना ठंडा हो जाएगा। और बद्रीनाथ में -13°C का तापमान, यह तो बहुत बुरा है हमारे छात्रों के लिए। वे तो गर्मी में भी नहीं सो पाते हैं और अब ठंड के कारण तो और भी बीमार पड़ सकते हैं।

मुझे लगता है कि शिक्षकों को अपने छात्रों की देखभाल करनी चाहिए। वे उनके लिए गर्म कपड़े पहनाएं, सुबह-शाम हल्के और गर्म कपड़ों में पढ़ाई कराएं ताकि वे ठंड का एहसास न करें।
 
यार, यह ठंड बहुत तूफानी हुई है! उत्तराखंड में जैसे पाला गिरने से नदियाँ जम गईं, वहीं हरियाणा और बिहार में सर्दी बढ़ गई है। मुझे लगता है कि यह ठंड बहुत ज्यादा हो सकती है, तो हमें अच्छे कपड़े पहनकर देखना चाहिए। और केदारनाथ-बद्रीनाथ जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में आसमान साफ रहने से धूप मिलेगी, यह बहुत अच्छा होगा। 😊
 
मुझे लगता है कि ये ठंड तो फिर कैसे चलेगी, ज्यादातर लोग स्कूटर, बाइक पर जाने लगेंगे, तो तूफान में भी निकल जाएंगे। और केदारनाथ-बद्रीनाथ में -13°C से नीचे चला गया है, तो ये ठंड एकदम नहीं सहन होगी, किसानों को फसलें खोने लग रही हैं...

उम्मीद नहीं है कि झारखंड के आधे से अधिक हिस्से में कोहरा बना रहेगा, तो वहाँ की दुकानदारों को कितना दिल्ली की ठंड में घूमना-फिराना पड़ेगा। मैं समझ नहीं पाता, यह ठंड तो एकदम अनुमान नहीं लगाया जा सकता...
 
यह तो बहुत बड़ी बुराई है! ❄️ उत्तराखंड में तापमान -13°C से नीचे चला गया है, यह तो बहुत ठंडी है। केदारनाथ-बद्रीनाथ में जाने वालों को खूब धूप और गर्मी नहीं मिलेगी, बस धुंधली धूप। 🌫️

और हरियाणा और बिहार में भी ठंड बढ़ गई है, यह तो बहुत चिंताजनक है। 4 जिलों में 7°C से नीचे तापमान, 12 जिलों में 10°C से कम... यह तो बहुत बड़ा मुश्किल होगा। ❄️

रांची और आसपास का झारखंड भी कोहरे में फंस रहेगा, ये तो बहुत बुरा है। 🌫️ शायद लोग अपने घरों पर ही रहने देंगे, खाली सड़कें और रेस्तरां में काम करने वालों को भी ठंड लगेगी। 😬
 
अरे, ये ठंड तो बहुत ज्यादा है। उत्तराखंड में केदारनाथ-बद्रीनाथ तो सिर्फ -13°C तक नहीं चला गया, बल्कि पल्लवा गिरने से नदियों-नालों और झरनों जम गए हैं। यह तो बहुत बड़ी समस्या है, खासकर घूमने-फिरने वालों के लिए। फिर भी ये तापमान इतना ठंडा नहीं है कि कोई भी मृत्यु हो जाए, और तो हैरानी की बात है। 😊
 
😊 भाई यह तूफान इतना बेहद ठंड लग रही है... उत्तराखंड में ऐसे तापमान आ गए हैं कि तो हमारे दिल में ठंड पी गई है 🤧। केदारनाथ-बद्रीनाथ जैसे पहाड़ी इलाकों में इतना ठंड लग रहा है कि यह तो सिर्फ एक धमाल है! 😲 और हरियाणा, बिहार में भी इस तरह की ठंड कुछ दिनों पहले नहीं आई थी, तो हमें अपने घरों को अच्छी तरह से ढककर रखना होगा। ❄️
 
यह तूफान मचा दिया है! उत्तराखंड के पाला गिरने से झरने जम गए, यह बिल्कुल सही नहीं है। हमें इसे तेज हवाओं और बर्फबारी के कारण समझना चाहिए। और इसके अलावा, यह तो मौसम की स्थिति है, जिस पर हमें नियंत्रण नहीं होता। लेकिन, ठंड बढ़ने से कोई भी बुराई नहीं है। यह एक स्वस्थ मौसम है, जिससे हमारा शरीर ताज़ा और स्वस्थ रहेगा। 🌨️
 
यह तापमान बहुत चुनौतीपूर्ण है। मैंने पिछले वर्ष जब उत्तराखंड में घूमा था, तब वहाँ का मौसम बेहद सुहावना था। लेकिन अब यह तापमान इतना कम हो गया है कि यात्रा करना थोड़ा मुश्किल हो गया है। 🌫️

मुझे लगता है कि हमें अपनी प्राकृतिक संपदाओं का ध्यान रखना चाहिए। ठंड के इस समय में विशेष रूप से सावधानी बरतनी चाहिए, खासकर अगर आप पहाड़ी इलाकों में घूमने जाते हैं। गर्म कपड़े और सही उपकरण लेकर जाएं। यह तापमान हमें सबक सिखाता है कि प्राकृतिक विज्ञान कितना शक्तिशाली है। ❄️
 
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