नोट बदलने वाले माफियाओं ने अपना दावा साबित करने की कहानी बहुत ही रोचक है। हमारी पहली मुलाकात गजेंद्र यादव नाम के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से हुई, जो 50 करोड़ रुपयों के नोट बदलने वाला दावा करता है।
गजेंद्र ने बताया, "हम बैंक की गाड़ी में बदल देंगे।" उसका मतलब यह था कि जब बैंक की गाड़ी में जाएंगे, तब हम 2 हजार रुपये के नोट बदलवा सकते हैं। गजेंद्र का साथी देवेंद्र वर्मा ने बताया, "50 करोड़ के नोट होंगे, तो भी दिक्कत नहीं होगी।" यह सुनकर लगता है कि दिल्ली एनसीआर में 2 हजार रुपये के नोट बदलने का एक पूरा सिस्टम है।
हमारी अगली मुलाकात अबरार नाम के शख्स से हुई। वह सैयद केसी नाम के एक व्यक्ति को जानता है, जो 2 हजार रुपयों की कितनी भी बड़ी रकम बदलवा सकता है। अबरार ने बताया कि सैयद चांदनी चौक का बड़ा हवाला एजेंट है।
हमारी तीसरी मुलाकात संतोष कुमार से हुई। वह कह रहा था, "30 फीसदी ही रिटर्न मिलेगा।" संतOSH ने बताया कि 2 हजार रुपयों के नोट बदलने के लिए पूरी प्रक्रिया RBI चैनल से होती है, और बिना रिकॉर्ड या सेटिंग के बदलना नियमों के खिलाफ है।
हमने यह भी पता कि सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के मकसद से 2 हजार रुपये के नोट बंद कर दिए थे, लेकिन नोट माफिया अपने नेटवर्क के जरिए ब्लैक को व्हाइट कर रही है। सवाल उठता है कि अब तक कितने काले धन रखने वाले अपना पैसा ठिकाने लगा चुके होंगे।
गजेंद्र ने बताया, "हम बैंक की गाड़ी में बदल देंगे।" उसका मतलब यह था कि जब बैंक की गाड़ी में जाएंगे, तब हम 2 हजार रुपये के नोट बदलवा सकते हैं। गजेंद्र का साथी देवेंद्र वर्मा ने बताया, "50 करोड़ के नोट होंगे, तो भी दिक्कत नहीं होगी।" यह सुनकर लगता है कि दिल्ली एनसीआर में 2 हजार रुपये के नोट बदलने का एक पूरा सिस्टम है।
हमारी अगली मुलाकात अबरार नाम के शख्स से हुई। वह सैयद केसी नाम के एक व्यक्ति को जानता है, जो 2 हजार रुपयों की कितनी भी बड़ी रकम बदलवा सकता है। अबरार ने बताया कि सैयद चांदनी चौक का बड़ा हवाला एजेंट है।
हमारी तीसरी मुलाकात संतोष कुमार से हुई। वह कह रहा था, "30 फीसदी ही रिटर्न मिलेगा।" संतOSH ने बताया कि 2 हजार रुपयों के नोट बदलने के लिए पूरी प्रक्रिया RBI चैनल से होती है, और बिना रिकॉर्ड या सेटिंग के बदलना नियमों के खिलाफ है।
हमने यह भी पता कि सरकार ने कालेधन पर लगाम लगाने के मकसद से 2 हजार रुपये के नोट बंद कर दिए थे, लेकिन नोट माफिया अपने नेटवर्क के जरिए ब्लैक को व्हाइट कर रही है। सवाल उठता है कि अब तक कितने काले धन रखने वाले अपना पैसा ठिकाने लगा चुके होंगे।