मुझे लगता है कि ये बहुत अजीब बात है! कोतवाली में पुलिस वालों ने नेहा सिंह राठौर को वापस भेज दिया, लेकिन यह तो समझ में नहीं आता। क्योंकि एक महिला का बयान कोई बड़ा मामला नहीं है, और रात में भी दर्ज नहीं किया जा सकता? यह सिर्फ इसलिए है कि पुलिस वाले सोच रहे हैं कि महिलाओं को उनकी बात करने देना चाहिए? या फिर कुछ और है जो मुझे पता नहीं है?