पंजाब सरकार ने नशीली दवाओं के खिलाफ अपने बड़े अभियान 'नशे के खिलाफ जंग' में दूसरा चरण शुरू करने की घोषणा की है। इस मुहिम में, प्रधानमंत्री भागवंत मanno को लेकर एक बड़ा संकेत मिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इसमें 3 करोड़ पंजाबी लोग शामिल होंगे।
पहले चरण में, पंजाब सरकार ने गांवों में विलेज डेवलपमेंट/डिफेंस कमेटियां (VDC) बनाई हैं, जिससे युवाओं को इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। स्कूलों और कॉलेजों में, नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता प्रोग्राम चलाए गए हैं। इसके साथ, पंचायतों में भी समुदायिक जागरूकता अभियान आयोजित किए गए हैं।
इस अभियान में, पंजाब सरकार ने स्पष्ट करने की कोशिश की है कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ पुलिस का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस अभियान में शामिल लोगों को अपने परिवार और समुदाय के लिए नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ने का साहस देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पहले चरण में, पंजाब सरकार ने गांवों में विलेज डेवलपमेंट/डिफेंस कमेटियां (VDC) बनाई हैं, जिससे युवाओं को इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। स्कूलों और कॉलेजों में, नशीली दवाओं के खिलाफ जागरूकता प्रोग्राम चलाए गए हैं। इसके साथ, पंचायतों में भी समुदायिक जागरूकता अभियान आयोजित किए गए हैं।
इस अभियान में, पंजाब सरकार ने स्पष्ट करने की कोशिश की है कि नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ाई को सिर्फ पुलिस का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इस अभियान में शामिल लोगों को अपने परिवार और समुदाय के लिए नशीली दवाओं के खिलाफ लड़ने का साहस देने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।