मुझे लगता है कि ये तस्वीरें तो बस पैसा कमाने के लिए की जा रही हैं... मेरी सारी यादें भी ऐसी ही हैं। जब मैं बच्चा था, तो मेरे बाप-जी मुझे कहीं नहीं निकलते, अब ये खुशबू की तस्वीरें लेकर पैसा कमाने की कोशिश कर रहे हैं...
मुझे लगता है कि सुरेंद्र कोली जी अपने बच्चों को देखकर यह देख रहे हैं कि ये कितने मांग ले सकते हैं, तो फिर ये तस्वीरें क्यों लगाते हैं। मेरी बहन की शादी थी, हमारे घर में पूरा खाना बांध कर रखा गया था, तो बस यही नहीं लोग अपने बच्चों को फोटो लगाकर कुछ कमाने की कोशिश करते हैं...
कभी-कभी मुझे लगता है कि सब कुछ बदल गया है, जैसे मेरे दादा के दिनों में शाम को घर पर बैठकर खेलते थे, तो फिर अब घर पर खिड़की चढ़कर फोटो लगाने की कोशिश करना...