पंढेर-कोली बरी, निठारी के 16 बच्चों-लड़कियों का कातिल कौन: कॉलगर्ल बोली- कोली ने D-5 कोठी में बुलाया, जांच में तीन बड़ी खामियां

निठारी में सुरेंद्र कोली, मोनिंदर सिंह पंढेर, और अन्य लोगों ने दो महीने तक 9 दंगों में लापता लड़कियों की डेडबॉडी खोजकर रखी थी।
 
अगर मेरे बच्चे को ऐसी स्थिति होती तो मुझे पूरा दिल दुख जाता। निठारी में दंगों के बाद डेडबॉडी खोजने वाले लोगों को मैं समझ नहीं सकती। यह उनकी जिम्मेदारी होनी चाहिए कि बच्चे सुरक्षित रहें। लेकिन जब उन्होंने ऐसा किया, तो यह कैसे सही है? मुझे लगता है कि पुलिस को अपनी जांच करानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कौन से लोग इस तरह की बातें करते हैं और क्यों करते हैं।
 
🤩 यह तो बहुत ही सुंदर बात है कि लोग एक साथ आ गए और बच्चियों के लिए सुरक्षा का प्रयास कर रहे हैं! मुझे लगता है कि अगर हमारे देश में इतने से लोग मिलकर कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं, तो फायदा होने वाला है न?!

मेरी बात तो यह है कि अगर कोई लड़की गायब हो जाती है, तो हमें उसके परिवार को जरूर सहारा देना चाहिए। और अगर किसी लड़की की डेडबॉडी मिल जाती है, तो उसे जल्द से जल्द पहचान लेनी चाहिए और उसके परिवार को आश्वासन देना चाहिए कि हम उनकी मदद करेंगे।

मुझे लगता है कि अगर हम सब मिलकर एक दूसरे की मदद करते हैं और साथ में काम करते हैं, तो हम अपने देश को बेहतर बनाने की कोशिश कर सकते हैं। 🌈
 
मैंने देखा है यह बात... सुरेंद्र कोली, मोनिंदर सिंह पंढेर जैसे लोग अपने समाज में क्यों लपेटे हुए हैं? दो महीने तक लड़कियां खोजकर रखी थीं, यार यह तो बहुत ही गहरा दर्द है। मुझे लगता है कि अगर हमारे पास सामाजिक समर्थन और मदद की प्रणाली होती, तो इन लोगों को पकड़ने में निश्चित रूप से समय नहीं लगेगा।
 
जानपद में ऐसे लोगों के बारे में सुनकर मुझे बहुत आश्चर्य हुआ 🤔। निठारी में दो महीने तक लापता लड़कियों की डेडबॉडी खोजकर रखी जाने की बात, यह तो और भी गंभीर है। सुरेंद्र कोली, मोनिंदर सिंह पंढेर, और अन्य लोगों ने ऐसा करने की क्या कोशिश थी? उनके मन में कुछ तानाशाही की गुंजाईश थी 🤷‍♂️?

कोई भी ऐसा नहीं सोच सकता, जैसे कि लापता लड़कियों को खोजकर रख देना। यह एक बहुत ही गंभीर अपराध है, जिसके लिए कड़ी सजा मिलनी चाहिए। मुझे लगता है कि ऐसे लोगों को जरूर पता चलेगा, और वे अपने कार्यों का परिणाम पायेंगे।
 
मुझे ये जानकर बहुत दुःख हुआ, जैसे पूरा देश सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर जैसे लोगों से नफरत करने लगा है... लेकिन वास्तविकता यह है कि वो दो चिराग मिलकर एक अच्छे समाज का निर्माण करने की दिशा में काम कर रहे थे। तीन महीने तक खोजते करते उनके पैरों तले जमीन पर रखी गई डेडबॉडी यह साबित करती है कि वो लोग सच्चाई को खोजने के लिए नहीं बल्कि समाज में जिम्मेदारी लेने के लिए काम कर रहे थे। अब उनका नाम भी बदलने की जरूरत है, जैसे उन्हें 'खोजकर' या 'सच्चाई के साथ' कहना चाहिए। 🙏💔
 
मैंने पढ़ा है कि सुरेंद्र कोली, मोनिंदर सिंह पंढेर, और अन्य लोग निठारी में दो महीने तक लड़कियों की डेडबॉडी खोजकर रख रहे थे। यह तो बहुत अजीब है कि कैसे लोग इतना बिना सोचे-समझे ऐसा कर पाते हैं? मुझे लगता है कि उन्हें पहले कुछ सोचना चाहिए, फिर क्या करना। लेकिन मैं समझता हूं कि यह तो एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिसमें बहुत सारी लड़कियां खो गईं। मैं आशा करता हूं कि अब पुलिस और अन्य अधिकारी उनके परिवारों को शांति और न्याय दिलाएंगे।
 
मैं समझ नहीं सकता कि ऐसा कैसे हो पाया जिसका अंदाजा इन दोस्तों ने दिया। 9 दंगों में लापता लड़कियों की डेडबॉडी खोजकर रखा, यह तो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। लेकिन अगर वे ऐसा कुछ करने के लिए इकट्ठा हुए, तो शायद उनके पास कुछ सच्चाई थी। मैं उन्हें बधाई देता हूं कि वे इतनी जोर से खड़े हुए।

लेकिन अगर ऐसा कुछ हुआ है जिसने उनको ऐसा करने के लिए मजबूर किया, तो हमें यह समझना चाहिए कि वह क्यों ऐसा हुआ। हमें उन लड़कियों के परिवार और दोस्तों की मदद करनी चाहिए।
 
मैंने पढ़ा है कि निठारी में तीनों ने गायब लड़कियों को ढूंढ़ लिया, इस बात से मुझे आश्चर्य हुआ, ये दंगे कहां से लगे, और इतना समय लगा दिलाने के लिए... 🤔

कुछ सोचते सोचते मैंने सोचना शुरू किया, कि अगर यह तीनों ने ऐसा किया है तो फिर यह उनकी जिम्मेदारी, और अगर नहीं तो फिर क्या दंगे थे? यह सब ठीक है, लेकिन मुझे लगता है कि हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए, कि कैसे ऐसी चीजें होती हैं और कैसे सामाजिक दबाव इतना जोर पकड़ सकता है।

मुझे लगता है, हमें यह समझने की जरूरत है कि क्या हमारे समाज में लड़कियों को खोने की बात से कोई फायदा होता है? और क्या ऐसी चीजें होती हैं जहां लोग इतने जोर से दबाव डालकर दूसरों को अपने हिसाब से चलने पर मजबूर करते हैं। 🤷‍♂️
 
यह तो बहुत अजीब बात है कि निठारी में सुरेन्द्र कोली और अन्य लोगों ने दो महीने तक लापता लड़कियों की डेडबॉडी खोजकर रखी थी। परन्तु, मैं नहीं कह सकता कि यह बिल्कुल सही है क्योंकि क्या ये लोग पूरी तरह से निठारी के लोग थे? और क्या वे होने का दावा सही है? मुझे लगता है कि हमें इसके पीछे की सच्चाई जानने की जरूरत है।
 
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