हिमाचल प्रदेश में बीजेपी नेता कांग्रेस सीएम को मिलने की आमंत्रण पर राज्य के कानून विधायी परिषद सदस्यों ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए कांग्रेस पार्टी का फैसला क्यों नहीं किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'राज्य सरकार पर हमला करने वाले बयान देने वाले नेताओं को हमें आश्वस्त करना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए कांग्रेस सरकार का फैसला नहीं किया गया है। यह अजीब नहीं है, बल्कि इस निर्णय पर हमने बहुत प्रतिबिंबित विचार कर लिए।'
कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने कहा, 'हमें स्पष्टीकरण देना होगा कि हम तीन महीनों में कितना धन खर्च करते रहे, लेकिन बीजेपी नेताओं ने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार कर दिया। यह एक राजनीतिक अभिव्यक्ति है, हमें तो आश्वस्त करना होगा कि हमने अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताया है।'
कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'राज्य सरकार पर हमला करने वाले बयान देने वाले नेताओं को हमें आश्वस्त करना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए कांग्रेस सरकार का फैसला नहीं किया गया है। यह अजीब नहीं है, बल्कि इस निर्णय पर हमने बहुत प्रतिबिंबित विचार कर लिए।'
कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने कहा, 'हमें स्पष्टीकरण देना होगा कि हम तीन महीनों में कितना धन खर्च करते रहे, लेकिन बीजेपी नेताओं ने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार कर दिया। यह एक राजनीतिक अभिव्यक्ति है, हमें तो आश्वस्त करना होगा कि हमने अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताया है।'