पीएम मोदी से मिलेंगे इस राज्य के कांग्रेस CM, बोले- बात नहीं बनी तो कोर्ट जाने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं

हिमाचल प्रदेश में बीजेपी नेता कांग्रेस सीएम को मिलने की आमंत्रण पर राज्य के कानून विधायी परिषद सदस्यों ने एक संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें यह कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए कांग्रेस पार्टी का फैसला क्यों नहीं किया गया।

कांग्रेस नेताओं ने कहा, 'राज्य सरकार पर हमला करने वाले बयान देने वाले नेताओं को हमें आश्वस्त करना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए कांग्रेस सरकार का फैसला नहीं किया गया है। यह अजीब नहीं है, बल्कि इस निर्णय पर हमने बहुत प्रतिबिंबित विचार कर लिए।'

कांग्रेस पार्टी के एक नेता ने कहा, 'हमें स्पष्टीकरण देना होगा कि हम तीन महीनों में कितना धन खर्च करते रहे, लेकिन बीजेपी नेताओं ने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार कर दिया। यह एक राजनीतिक अभिव्यक्ति है, हमें तो आश्वस्त करना होगा कि हमने अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताया है।'
 
भविष्य की सरकार के लिए प्रासंगिक बात है कि किस प्रकार हम अपनी आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए तैयार हैं? अगर हमने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार कर दिया, तो क्या यह एक राजनीतिक अभिव्यक्ति नहीं है जिसमें हम अपनी कमजोरियों को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं? 😕

मुझे लगता है कि हमें अपनी आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए एक ठोस रणनीति बनानी चाहिए। अगर हमने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार कर दिया, तो यहाँ हमें अपनी कमजोरियों को पहचानना होगा और उन्हें ठीक करना होगा। भविष्य की सरकार के लिए हमें अपनी आर्थिक स्थिति को स्पष्ट करने के लिए तैयार रहना चाहिए। 📈
 
मेरी बात, यह सरकार की राजनीति में बहुत ज्यादा खेल हो गया है... 🤔 हमें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए वास्तव में कांग्रेस नेताओं ने कोई दिलचस्प विचार नहीं किये हैं। सरकार को अपनी आर्थिक स्थिति और वित्तीय खातों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए, इसके बजाय राजनीति में बोलते रहते हैं... 🤷‍♂️ हमें उम्मीद थी कि सरकार अपने काम को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताएगी, लेकिन लगता है कि यह राजनीतिक अभिव्यक्ति ही है।
 
क्या बिल्कुल भूल गए हैं ये चिंताएं कि हमारे राज्य में आम लोगों की जिंदगी पर कैसे फैसले किया जाता है? 🤔 न तो हम सोच रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए कांग्रेस सरकार का फैसला नहीं किया गया, बल्कि यह जानना ही बेहद जरूरी है कि हमने अपने पैसे की खर्चबाजी पर क्या बोल दिया है। 🤑 तीन महीनों में इतना धन खर्च करना और फिर स्वीकार करने के लिए कोई जवाब नहीं देने की शामिल है यह जितना दर्दनाक लग रहा है, उतना ही खुशियां नहीं देता। 🙄
 
क्या लोग समझ नहीं रहे हैं कि पार्टियां राजनीति करने के लिए तैयार रहती हैं! 🤔 जब भी बीजेपी नेता कोई गलती करते हैं, तो हमें उनकी साइड पर खड़े होना चाहिए। यह एक मौका है कि हमें अपनी विरोधी पार्टी की गलतियों को दिखाना चाहिए और उन्हें दोषी ठहराना चाहिए। लेकिन क्या हमें अपने नेताओं पर भरोसा करना चाहिए? 🤷‍♂️

कांग्रेस पार्टी के नेताओं को तीन महीनों में कितना धन खर्च किया, यह बताने की जरूरत नहीं है, लेकिन बीजेपी नेताओं ने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार करना एक बड़ी गलती है। लोगों को पता चलना चाहिए कि कौन सी पार्टी सच्चाई बताने के लिए तैयार है और कौन नहीं। 🙅‍♂️
 
बहुत अजीब है कि कांग्रेस नेताओं ने PM मोदी से मिलने का फैसला नहीं किया, लेकिन बीजेपी नेताओं ने यह दावा किया है कि उन्हें राज्य सरकार पर हमला करने वाले बयान देने वाले नेताओं से चुनौती देनी पड़ रही है 🤔। मुझे लगता है कि इससे बातचीत और समझौते का मौका भी नहीं मिला है, बस प्रचार करने वाली राजनीति हो गई है। हमें यह जानना चाहिए कि सरकार कितनी स्थिर है और वास्तव में उनके पास धन कैसा खर्च किया गया है, लेकिन लगता है सब कुछ झूठ है 🤑
 
मैं समझ गया, लेकिन यह कैसे हो जाता है कि हमारा फोरम इतना गड़बड़ हो जाता है कि अब न तो प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की जा सकती है और न ही कांग्रेस सरकार अपने बजट पर खड़ी हो सकती है। 🤔

क्या हमें लगता है कि हमारा फोरम यही दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ राजनीतिक दल एक-दूसरे को विलीन कर लेते हैं और राजनीति खेलने के लिए अपने आप को छोटा बना लेते हैं।

मुझे लगता है कि हमें अपने फोरम को वापसी से बेहतर बनाने की जरूरत है, जहाँ हमारे सदस्य एक दूसरे से ईमानदार और खुलकर बातचीत कर सकें। शायद इस लिए हमारा फोरम अभी भी एक अच्छा विकल्प नहीं बनता है। 😐
 
बहुत अजीब बात, यह क्या हो रहा है 🤔। पहले तो कहा जाता था की हमारे नेता बड़े नेता हैं और फिर से ऐसा हुआ है। लगता है की मोदी सरकार ने कांग्रेस को अच्छी तरह से दब दिया है, लेकिन इतना प्रभावशाली नहीं कि वो हमें बोलने की भी छूट न दे।

हमें लगता है की कांग्रेस सरकार ने अपने निर्णय में बहुत अच्छा सोचा है, वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार करने का यह क्यों नहीं तो हम जानते थे की बीजेपी किस तरह की राजनीति करती है।

लेकिन मुझे लगता है की सबसे बड़ी बात यह है की हमें अपने नेताओं पर और अधिक टिकाऊ बनना चाहिए, ताकि वो हमारी उम्मीदों को पूरा कर सकें।

अगर हमारे नेता इतने संवेदनशील न हों तो फिर हम कहाँ जाएंगे।
 
बीजेपी नेताओं द्वारा कांग्रेस प्रमुख से मिलने का आमंत्रण, यह तो आम राजनीति है 🙄। लेकिन जो बात कही गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए कांग्रेस सरकार ने फैसला नहीं किया, तो यह थोड़ा अजीब लगने लगा। क्योंकि अगर हम वित्तीय स्थिति पर बात कर रहे हैं, तो ज़रूरी है कि सभी पक्ष अपनी आर्थिक स्थिति को बताएं।

हमें यह भी स्पष्टीकरण चाहिए कि क्यों बीजेपी नेताओं ने वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार कर दिया। यह तो एक राजनीतिक अभिव्यक्ति है, लेकिन हमें तो आश्वस्त करना होगा कि हमने अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताया है।
 
बहुत अजीब बात है यह... भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर हमला करने वाली बयान देने को तय किया, लेकिन नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए उन्होंने कांग्रेस पीएम से बातचीत करने का फैसला नहीं किया। यह अच्छा है या बुरा है, मुझे लगता है कि भाजपा नेताओं ने अपनी राजनीतिक अभिव्यक्ति सिर्फ़ खेल रहे हैं।
 
बिल्कुल सही कहिए दोस्त 🤔, कांग्रेस सरकार ने क्या गलती की? भाजपा नेताओं को उन्हें मिलने का मौका नहीं देना तो कौन सा राजनीतिक अभिव्यक्ति है? 🤑 वित्तीय स्थिति पर प्रेजेंटेशन देने से इनकार करना और फिर बोलते हैं कि हमने अपनी आर्थिक स्थिति बताई है... यह तो किसी भी नेता की बात नहीं है, बस झूठी बातें बोलने की पार्टी 🤦‍♂️
 
अरे, यह तो बहुत अजीब है कि बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पार्टी सीएम को मिलने के लिए आमंत्रण पर प्रतिक्रिया देने में इतनी देरी की। इसका मतलब यह नहीं है कि हम कांग्रेस पार्टी को कम महत्व दे रहे हैं या फिर हम तैयार नहीं हैं। अरे, यह सिर्फ एक राजनीतिक अभिव्यक्ति है, लेकिन अगर हमें अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताने का मौका मिल रहा है तो फिर हमें उस पर पूरा ध्यान देना चाहिए।
 
अरे, ये बात तो बहुत अजीब लग रही है... बीजेपी नेता कांग्रेस सीएम को मिलने की आमंत्रण पर राज्य के कानून विधायी परिषद सदस्यों ने कोई बयान नहीं दिया, लेकिन उन्होंने अपने फैसले को लेकर तो बहुत खुलासा कर दिया है... कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करने के लिए फैसला नहीं किया है, लेकिन यह तो समझने में आसान नहीं है... क्योंकि पहले उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में प्रेजेंटेशन देने के लिए कहा था, लेकिन अब वे तो कहते हैं कि हमने अपनी आर्थिक स्थिति को अच्छाई और खराबतों के अनुपात में बताया है... यह तो थोड़ा दिलचस्प है, नहीं? 🤔
 
कांग्रेस नेताओं द्वारा इस बारे में बात करने की जरूरत नहीं है... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने की बात तो सचमुच अजीब है, लेकिन राज्य सरकार पर हमला करने वाले बयान देने वाले नेताओं को जवाब देने की जरूरत है...
 
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