पंजाबी दुल्हन खुद थार चलाकर ससुराल पहुंची, VIDEO: दूल्हे को कहा- बैठो, घर नहीं जाना; दूल्हा 'राम-राम, घर पहुंचना है' कहता दिखा - Ludhiana News

पंजाब में एक नए संयुक्त परिवार की शादी में विदाई के समय दुल्हन खुद थार चलाकर ससुराल पहुंची। इसके बाद उसने दूल्हे को भी बगल की सीट पर बैठा दिया। यह दृश्य देखने वालों ने काफी हैरानी महसूस की।

वीडियो में जैसे ही विदाई का समय आता है, तभी दुल्हन थार के पास खड़ी हो जाती है और उसे कहती है - बैठो, घर नहीं जाना। इसके बाद दूल्हा लहंगे को संभालते हुए दुल्हन को थार की ड्राइविंग सीट पर बैठाता है। इसके बाद दूल्हा भी ड्राइविंग सीट के बगल में बैठ जाता है।

इसके बाद दुल्हन मायके वालों को बाय-बाय करते हुए थार चलाने लगती है। रास्ते भर में दूल्हा मजाक करते हुए कहता है कि राम-राम घर पहुंचना है।

वीडियो सामने आने के बाद लोग खूब कमेंट्स कर रहे हैं। इसकी प्रासंगिकता पर विभिन्न लोगों ने अपनी राय दी है।
 
🤣😂🚗 दुल्हन ने ससुराल से पहले स्वयं को घर नहीं जाने वाली सीट पर बैठा दिया 🛋️, लेकिन फिर घर पहुंचने के बाद उसने दूल्हे को भी उसकी सीट पर बैठने का मौका दिया 😂। तो अब प्रश्न है कि घर पहुंचते ही घर चलाने की जिम्मेदारी कौन लेगा 🤔?
 
जिंदगी में जब हम दूसरों से बात करते हैं तो कभी-कभी वहां कुछ ऐसी चीजें होती हैं जो हमारी सोच को बदल देती हैं। इस वीडियो ने मुझे खूब पसंद आया - यह शादी कैसे थी, यह ड्राइविंग सीट पर बैठने की बात तो पहले कभी नहीं सोचा था। लेकिन जब दुल्हन ने कहा, 'बैठो, घर नहीं जान', तो मेरा मन हैरान हो गया।
 
अरे, ये तो सचमुच मजाक है 🤣, किसी संयुक्त परिवार में ऐसी चीज़ नहीं होती। आजकल के युवा लोग तो और भी अजीब-गरीब बातें कर लेते हैं। ठीक है, शादी में जैसे ही विदाई का समय आता, तो दुल्हन ने कहा - बैठो, घर नहीं जाना। अरे, यह तो बहुत ही अजीब है! और फिर भी लोगों ने इतनी प्रासंगिकता से इसका मजाक उड़ाया है। मुझे लगता है, किसी ने तो इसे वायरल बनाने के लिए सोचा होगा।
 
अरे, यह तो एक मजेदार मोड़ है जब दुल्हन घर नहीं जाने के बजाय थार चलाती है 🚗😂। मैंने सोचा था कि यह तो एक नया रिवाज होगा, लेकिन लगता है कि यह अभी भी पंजाब का खास हिस्सा है।

मुझे लगता है कि यह दृश्य देखने वालों ने अच्छी से अच्छी तरह से सोचा। अगर कोई बात गलत थी, तो ऐसा दिखाई नहीं देता। बस इतना कहूं, अगर मैं एक नए संयुक्त परिवार की शादी में होता, तो मैं भी इसी तरह थार चलाने का आनंद लूंगा 🤩
 
😊 मेरा यह विचार है कि यह दृश्य बहुत ही मजेदार है, लेकिन थार चलाने से पहले पता लगाएं कि घर पहुंचना कितना आसान है? 🤔

मुझे लगता है कि इस दृश्य ने हमें यह सोचने पर मजबूर किया है कि शादी में घर पहुंचने का तरीका और भी रोचक हो सकता है। लेकिन, साथ ही यह भी समझना महत्वपूर्ण है कि घर पहुंचने के बाद पहले क्या करना चाहिए। 📝

इस वीडियो ने मुझे यह सोचने पर मजबूर किया है कि शादी में हर किसी की भूमिका और जिम्मेदारी अलग-अलग होती है। दुल्हन, ससुराल, और परिवार सभी की भूमिकाएं अलग-अलग हो सकती हैं। 🤝

इसलिए, मेरा यह विचार है कि शादी में हर किसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए और अपने पति-पत्नी के साथ मिलकर घर पहुंचने का तरीका तय करना चाहिए। 🏠
 
🙄 तो यह देखकर मुझे भी बहुत आश्चर्य हुआ। ऐसा लगता है कि शादी में तो हर किसी को सीट मिल जाती है, लेकिन यहाँ दुल्हन ने खुद थार चलाकर ससुराल पहुंची। और फिर उसे बैठाने का विचार क्यों? यह तो एक अच्छा तरीका नहीं है। शादी में लड़कियों की भावनाओं को समझना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। और मजाक करते हुए दूल्हा राम-राम कहता है? यह तो अच्छा नहीं है। शादी में प्यार और सम्मान की भावनाएं होनी चाहिए, न कि मजाक करना।
 
ये तो एक मजेदार दृश्य है 🤣, लेकिन मुझे लगता है कि यह थार चलाने की स्थिति बहुत ही असामान्य है 😅। मैं समझता हूँ कि दूल्हा और दुल्हन दोनों ने अपनी पसंद बताई है, लेकिन अगर विदाई के समय दुल्हन खुद थार चलाकर ससुराल पहुंची तो यह बहुत ही अजीब लग रहा है 🤔

मुझे लगता है कि यह शादी में कुछ नया और रोमांटिक है, लेकिन अगर यह थार चलाने की स्थिति के साथ-साथ घर पहुंचने की भी जिम्मेदारी को निभाया गया तो यह बहुत ही अच्छा लगेगा 💕
 
🤔 मैंने भी देखा थार चलाने की बात, लेकिन ऐसा नहीं सोचता था। यह तो पूरी तरह से मजाक था, लेकिन फिर भी यारों-यारी बहुत हुई। मुझे लगता है कि यह शादी में जाने वाले दूल्हे की तैयारी नahi करनी चाहिए, तो ऐसा होना नहीं चाहिए। लेकिन फिर भी यह वीडियो देखने वालों को जरूर हंसाया होगा।
 
मैंने भी इस वीडियो को देखा था, तो मुझे लगा कि यह तो बहुत ही मजेदार और रिलेक्सिंग दृश्य था। लोगो को यकीन नहीं था कि दुल्हन ससुराल पहुंचकर खुद थार चलाकर बैठ जाएगी। लेकिन जब दूल्हे ने भी उसकी तरह ही किया, तो सबको हंसने लगा। मुझे लगता है कि यह तो एक नई तरह की शादी की परंपरा हो सकती है।
 
🤔 इस संयुक्त परिवार की शादी में दुल्हन खुद थार चलाकर ससुराल पहुंची, और फिर उसने दूल्हे को भी बगल की सीट पर बैठा दिया। यह तो बहुत ही रोचक दृश्य है! 🚗

मेरे अनुसार, यह एक नए समय की शैली है। आज की जोड़ियाँ अपने व्यक्तिगत रुचियों और पसंदों का प्रदर्शन करना चाहती हैं। और अगर विदाई में दुल्हन खुद थार चलाकर ससुराल पहुंची, तो यह उनकी भावनाओं को पूरी तरह से अभिव्यक्त करने का एक अच्छा तरीका है।

लेकिन, फिर भी, यह जरूरी है कि दूल्हा भी अपनी पसंदों को व्यक्त कर सके। इस तरह की शादियाँ में दोनों जोड़ों की सहमति और एक-दूसरे पर भरोसा रखना बहुत जरूरी है। 🙏
 
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