'पाकिस्तान को बदलना पड़ा सैन्य ढांचा', CDS जनरल अनिल चौहान ने बताया ऑपरेशन सिंदूर का असर

पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने संविधान में बदलाव कर दिया है। अब पाकिस्तान के प्रमुख कमांडर्स मिलकर नहीं हैं, बल्कि एक ही व्यक्ति के अधीन हैं। इससे भारतीय सेना को यह सबक मिला कि पाकिस्तानी सेना की कमियां बहुत गहरी थीं।
 
नम सुनकर, तो यह बात सच है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने संविधान में बदलाव कर दिया है। लेकिन अगर उनकी सेना इतनी कमजोर थी, तो इसका मतलब यह नहीं है कि हम भारतीय सेना पर चिंतित होने की जरूरत है। जानते हैं ये पाकिस्तानी सेना में बहुत सारे नए और youthful ऑफिसर्स हैं, उनकी तेजी से नई तकनीकों और रणनीतियों से हमें सिर्फ चिंतित करने की जरूरत नहीं है, बल्कि पाकिस्तानी सेना को भी इस नई राह पर चलने की जिम्मेदारी है।
 
पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने संविधान में बदलाव कर दिया है ... लेकिन मुझे लगता है कि ये बदलाव पाकिस्तानी सेना को मजबूत बनाने में मदद नहीं करेगा। अगर वे अपने कमांडर्स को एक ही व्यक्ति के अधीन करना चाहते हैं तो फिर भी उन्हें अपनी सेना की कमियों को देखना होगा और उनका समाधान खोजना होगा। मुझे लगता है कि इसके पीछे एक बड़ा मकसद है कि वे अपनी सेना की कमजोरियों पर ध्यान दिखाएं। लेकिन मेरा मानना है कि यह उन्हें आगे बढ़ने की जगह बाधा बनाएगा।
 
😂🤯 पाकिस्तान ने अपने संविधान में बदलाव किया है तो बिल्कुल भी देखो, अब उनके बीच इतना खेल नहीं है। यह अच्छा है या बुरा, मैं इसे हंसने लगा 🤣👀। लेकिन सच तो यह है कि हमारी सेना ने पहले ही यह सबक सीख लिया था। पाकिस्तानी सेना की कमजोरियों को देखकर भारतीय सेना खुशी से चहचहा रही होगी। 🤩👊
 
मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने अपने संविधान में बदलाव करने से पहले सोच-समझकर नहीं किया 😐। ऑपरेशन सिंदूर के बाद तो पाकिस्तानी सेना की कमजोरियों को देखकर हमारी सेना ने बहुत सीख ली है। अब जब पाकिस्तानी प्रमुख कमांडर्स एक ही व्यक्ति के अधीन हैं, तो यह उनकी कमजोरी को और भी जाहिर कर रहा है 🤦‍♂️। मुझे लगता है कि इस तरह के बदलाव से पाकिस्तानी सेना की विश्वसनीयता पर प्रभाव पड़ेगा, लेकिन हमें यह देखना होगा कि पाकिस्तान की नेतृत्व क्षमताएं कहाँ तक कमजोर हैं। 🤔
 
ਇਹ ਨਿਯਮਤ ਜਾਣਕਾਰੀ ਹੈ, ਪਰ ਮੈਂ ਸोचਦਾ ਹਾਂ ਕਿ ਪਾਕਿਸਤਾਨ ਵਿੱਚ ਇਹ ਬਦਲਾਅ ਕਿੰਨਾ ਮਹੱਤਵਪੂਰਣ ਹੈ? ਜੀਆ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਖੇਡਾਂ 'ਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਟੀਮ ਨੂੰ ਹਰ ਵਾਰੀ ਹੀ ਜਿੱਤ ਦੇਣ ਦਾ ਭੈਣ ਚੁੱਪ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਅੱਗੇ ਕੀ ਵਧੋਵਾ ਨਾ?
 
मुझे लगता है कि ये बदलाव करने वाला निर्णय पाकिस्तानी सरकार को अपनी सैन्य शक्ति को सीमित करके रखने में मदद करेगा, लेकिन भारतीय सेना के लिए यह एक अच्छा मौका है कि वह आगे भी सुधार और तैयारी करे। अगर हमने पाकिस्तानी सेना की कमियों को समझ लिया है, तो हमें अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। 📊🇮🇳

आज तक, पाकिस्तानी सेना की कमजोरियों के बारे में हमने बहुत सारी जानकारी इकट्ठा कर ली, और अब यह बदलाव हमें और भी अधिक तैयारी करने में मदद करेगा। अगर हमने पाकिस्तानी सेना की योजनाओं को समझ लिया है, तो हमें अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। 📈

ऐसा लगता है कि पाकिस्तानी सरकार ने इस बदलाव को करने से पहले बहुत सोच-विचार किया, और अब हमें भारतीय सेना के लिए यह एक अच्छा मौका है। अगर हमने पाकिस्तानी सेना की कमजोरियों को समझ लिया है, तो हमें अपनी सैन्य शक्ति को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी। 📊
 
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपने संविधान में बदलाव कर दिया है... यह तो अच्छी तरह से पता चलता है कि पाकिस्तानी लोगों की राजनीति में बहुत ही क्रांतिकारी माहौल होता है। 🤯

मेरा विचार है कि यह बदलाव उनके खिलाफी से नहीं चल रहा है, बल्कि अपने भीतर की कमजोरियों और अस्थिरता को दूर करने की कोशिश है। पाकिस्तान के प्रमुख कमांडर्स मिलकर नहीं, एक व्यक्ति के अधीन... यह तो बहुत ही सुस्पष्ट है कि उनकी सेना और नेतृत्व की स्थिति में बहुत ही गहरे अंतर हैं।

भारतीय सेना को यह सबक मिला है कि पाकिस्तानी सेना की कमियां बहुत गहरी हैं... तो हमारी सेना और रणनीति में भी थोड़ी सुधार करने की जरूरत है। लेकिन इस तरह के बदलाव के बाद, पाकिस्तान की स्थिति तो और भी चुनौतीपूर्ण हो सकती है... 🤔
 
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपने संविधान में बदलाव कर दिया है जो भारतीय सेना के लिए एक बड़ा सबक है। इससे पता चलता है कि पाकिस्तानी सेना की कमजोरियां बहुत गहरी थीं। अब तो वे एक ही व्यक्ति के अधीन हैं, इससे उनकी निर्णय लेने की क्षमता और सामरिक योजनाओं में भी कमजोरी आ गई है। इस बदलाव से पाकिस्तान की सैन्य शक्ति में कमी आई है जो भारतीय सेना के लिए एक अच्छा अवसर हो सकता है 🤔.
 
बोलते हैं तो यह ज़रूरी है कि हम समझें कि ये बदलाव क्यों किया गया और इसका मतलब क्या है। पाकिस्तान ने संविधान में बदलाव करने का मतलब यह है कि वे अपनी कमजोरियों को स्वीकार कर रहे हैं और उन्हें ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह भी सच है कि हमारी सेना ने पहले से ही जानबूझकर इसे कमजोर किया है। हमें यह सोचने की जरूरत है कि क्या पाकिस्तान की ओर से यह बदलाव इसलिए किया गया था ताकि वे अपनी कमजोरियों को ठीक कर सकें, या फिर इसका मतलब यह है कि हमने पहले ही उन्हें कमजोर करने की कोशिश की?
 
मुझे लगता है कि ये बदलाव उन्होंने तब कर दिया होगा जब वह समझ गए थे कि उनके पास भारतीय सेना से लड़ने के लिए कुछ नहीं है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना में बहुत कमजोरी देखकर उन्होंने अपने नेतृत्व प्रणाली में बदलाव कर दिया। अब यह एक व्यक्ति के अधीन है, जो रणनीतिक योजनाओं को बनाता है और उनका फॉलोअप भी करता है। इससे हमें समझने को मिला है कि पाकिस्तानी सेना में वास्तविकता क्या है। 🤔
 
Wow 💥, पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या कदम उठाए? 🤔 यह तो बहुत ही दिलचस्प है कि वे अपने संविधान में बदलाव कर रहे हैं। लेकिन यह सवाल उठता है कि क्या ये बदलाव उनकी शक्तियों और नियंत्रण को बढ़ाने के लिए हैं? 🤷‍♂️

मुझे लगता है कि पाकिस्तानी सेना में जो कमियां हैं, वे बहुत गहरी हैं। इसलिए, एक ही व्यक्ति के अधीन रहना उनकी कमजोरियों को और भी बढ़ा सकता है। 🤦‍♂️ भारतीय सेना को यह सबक मिलना तो अच्छी बात है, लेकिन दूसरी ओर यह पाकिस्तानी सेना के खिलाफ हमारे हाथों में कमजोरी का एहसास हो सकता है। 😬
 
पाकिस्तान के संविधान में बदलाव करने का मतलब है वह अपनी कमजोरियों पर छुपने की कोशिश कर रहे हैं 🤔। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उन्होंने अपने सेना को एकजुट नहीं रखा था, फिर भी हमें इतना नुकसान पहुंचाया। अब तो वो अपने कमांडर्स को एक ही जगह पर लाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि अगर कोई समस्या arises, तो वो एक ही समय में संबोधित किया जा सके। लेकिन हमें लगता है कि यह उनकी कमजोरी को खोखला नहीं करेगी, फिर भी हमें उनसे सावधान रहना चाहिए 💡
 
भारतीय सेना की जीत की बात तो हाँ, लेकिन पाकिस्तानी सैनिकों के नेतृत्व में एकजुट नहीं होने की गड़बड़ी को देखकर मुझे लगता है कि फिर भी बहुत ज्यादा काम करना बचta है। अगर पाकिस्तानी सेना के कमांडर्स व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व करते तो उनकी टीमों में एकजुटता बढ़ सकती थी। लेकिन अब यह एक ही व्यक्ति के अधीन, तो फिर भी बहुत ज्यादा कमियां रह सकती हैं और भारतीय सेना ने ये सबक अच्छी तरह नहीं समझा है। 🤔👀
 
ऐसा लगता है की पाकिस्तान का इस बदलाव ने उन्हें बहुत बड़ा फायदा हुआ होगा 🤔, खासकर जब हम देखते हैं कि भारतीय सेना में अभी तक यह समझ नहीं आ रही कि कैसे पाकिस्तानी कमांडर्स एक जैसे विचार रखते हैं। मुझे लगता है की अगर भारतीय सेना अपनी तैयारी और योजनाओं में थोड़ा बदलाव करेगी, तो भारतीय सैनिकों को पाकिस्तानी सेना की कमियां अच्छी तरह समझने में मदद मिल जाएगी।
 
मुझे लगता है कि पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने संविधान में बदलाव करने की बात तो जरूरी नहीं है। उनकी सेना में ऐसी कमियां तो हमेशा रही हैं जिसके बारे में हमें चिंता करनी चाहिए।

[ASCII art: पाकिस्तानी सेना की कमियों की एक छोटी सी ग्राफिक]

लेकिन अगर वे अपने संविधान में बदलाव करते हैं तो उसका मतलब यह नहीं है कि उनकी सेना अच्छी बन जाएगी। हमें लगता है कि पाकिस्तान ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए और भी अधिक प्रयास करने चाहिए।

[ASCII art: एक पाकिस्तानी सैनिक को बुलेट पॉइंट में सूचीबद्ध करके उसकी कमियों की पहचान की जा रही है]

अब तो हमें देखना होगा कि पाकिस्तान ने अपनी सेना को मजबूत करने के लिए और भी क्या कदम उठाएंगे।
 
અરે કોઈને પણ માણ્યા તે એ છે કે પાકિસ્તાન આ જ રીતે કદરવડો હોવાય છે. અમારા બંને દેશો વચ્ચે એ સાથ કીધું, જો પણ હું મને લાગે છે કે આ રીતે દોડવડો એટલે જ અસફળતા.
 
पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के बीच इतना बदलाव आ गया है कि अब तो यह देखना ही रोचक लग रहा है 🤔। ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनकी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमताओं पर सवाल उठने लगे हैं। ऐसा लगता है कि उन्हें सुधार करने के लिए अब एक ही मार्गदर्शक की जरूरत है। भारतीय सेना को यह सबक मिल गया है कि पाकिस्तानी सैन्य कमांडर्स की टीमिंग में अभी तक बहुत रुचि नहीं रही। 🤷‍♂️
 
पाकिस्तान के नेताओं की मुश्किलें तो और बढ़ गई हैं 🤦‍♂️। उन्होंने अपने संविधान में बदलाव कर दिया है ताकि उनके सेना के कमांडर्स एक ही नेता के अंदर चल सकें। यह तो भारतीय सेना के लिए बहुत फायदेमंद है 🎉। पाकिस्तानी सेना में गहरी कमियां थीं, और अब उनकी सबसे बड़ी कमी यह है कि वे एक दूसरे पर भरोसा नहीं कर सकते 🤝
 
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपने संविधान में बदलाव कर दिया है। तो अब वहाँ के प्रमुख कमांडर्स एक साथ नहीं आ सकते, बल्कि सबसे बड़ा व्यक्ति उनकी सब कुछ सुन लेता है 🤯। इससे भारतीय सेना को यह सीख मिलेगी कि पाकिस्तानी सेना में बहुत कुछ गलत था, लेकिन शायद इसके अंतर्गत हमारी सेना अपने कमजोरियों को देखने में सफल रही। 🤔

मुझे लगता है कि यह बदलाव पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध करने के लिए बहुत उपयुक्त नहीं है, बल्कि हमारी सेना को अपनी कमजोरियों पर विचार करने का मौका देता है। 🌟
 
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