पुलिसकर्मी पिता का शव देख बेटी बेहोश: 11 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; 4 पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर, एक्सीडेंट में हुई थी डेथ - Morena News

दिलचस्पी रखने वाला हादसा, पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर

इस हफ्ते मुरैना में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जहां सागर जिले के बांदरी थाना क्षेत्र में हुई। इस हादसे में चार पुलिसकर्मियों की मौके पर ही उनकी जान गंवाई। इनमें पुलिस टीम के साथ वाहन में सवार डॉग की भी नोक-झ ok नहीं, वहीं, अन्य तीन पुलिसकर्मियों की जान गंवानी थी।

इस घटना में, चार पुलिसकर्मियों को अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इनमें से विनोद शर्मा के 13 वर्षीय बेटे ने अपनी पिता की मौत के लिए मुखाग्नि दी, जबकि अनिल कौरव के 11 वर्षीय बेटे ने उसकी मृत्यु को मुखाग्नि दी।

इस घटना के बाद, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिसकर्मियों के गार्ड ऑफ ऑनर से उनके परिजनों को एक लाख रुपये के चेक दिए गए। वहीं, बाद में चार-चार लाख रुपये के चेक भी दिए जाएंगे। सरकार ने अंतिम संस्कार के लिए कुल पांच लाख रुपये देने की घोषणा की है।

इस घटना ने पूरे देश में शोक व्याप्त करने की, और पुलिसकर्मियों के परिजनों को बुरा हाल है। इस घटना से हमें याद रखना चाहिए कि पुलिसकर्मी भी हमारे लिए अपना बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं।

इस घटना में, पुलिस टीम के साथ वाहन में सवार डॉग की नोक-झ ok नहीं, वहीं, अन्य तीन पुलिसकर्मियों की जान गंवानी थी। इस घटना में, चार पुलिसकर्मियों को अंतिम संस्कार से पहले गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
 
સ્વપ્ન છોડીને એક મુખ્ય વિષય આવ્યો છે... બંદરી થાણામાં ચાર પુલિસકર્મીઓની મોટે પડકારવાળી ઘટના... તેથી પહેલાં અંગ્રેજી મિડિયામાં સૌ ખબર નહોતી... પછી ઘટના કરવામાં આવ્યા અને ઘણા જ દુ:ખિત સમુહ બની ગયા છે... તેથી પોલીસના 4 કર્મચારીઓને ઘણા લાખ રુપિયાના અંતિમ સંસ્કાર દિવાલિયો...
 
पुलिसकर्मियों की बहादुरी और बलिदान देने की भावना को देखकर मुझे खेद हुई 🤕, लेकिन इसके साथ-साथ पुलिस वाहन में सवार डॉग की नोक-झ ok नहीं तो इस घटना का एक और बड़ा सवाल उठता है 🐕

मैं समझता हूँ कि पुलिसकर्मी अपने देश की सुरक्षा के लिए जीवन वित्ती कर रहे हैं, लेकिन यह सवाल उठता है कि डॉग को भी सुरक्षित रखा जाना चाहिए। शायद इस घटना में डॉग की सुरक्षा से पहले पुलिसकर्मियों की जान गंवानी थी, तो यह एक बड़ा सवाल है 🤔

लेकिन एक बात तो chắc है कि पुलिसकर्मियों की बहादुरी और बलिदान देने की भावना को हमें याद रखना चाहिए, और उनके परिजनों को सहारा देने की जरूरत है।
 
मैं बहुत दुखी हूँ इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से। पुलिसकर्मियों की यह शहादत हमें एक बार फिर से याद दिलाती है कि वे हमारे लिए अपना बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं। मैं उनके परिजनों के लिए शोक मनाना चाहता हूँ। यह घटना ने पूरे देश को एक साथ ले गया है और हमें अपने पुलिसकर्मियों की बहादुरी और बलिदान की याद रखनी चाहिए। 🙏💔
 
ये तो बहुत ही दुःखद घटना हुई। पुलिसकर्मियों की जान जीतने के लिए वे हमेशा अपना बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं। उनके गार्ड ऑफ ऑनर से परिजनों को पैसे मिलने की बात अच्छी है, लेकिन इस घटना को सोचकर हमें यह भी याद रखना चाहिए कि हमारे नागरिकों के लिए जान जीतने वाले हमेशा अपना बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं।

मैंने देखा है कि पुलिसकर्मियों की परिजनों को गार्ड ऑफ ऑनर से 1 लाख रुपये मिलते हैं, जो अच्छी बात है। लेकिन इस घटना से हमें यह भी याद रखना चाहिए कि पुलिसकर्मियों ने अपना बलिदान देने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं और उनके परिजनों को सुखद जीवन देने के लिए हमें उनकी भावनाओं को समझना चाहिए।
 
अगर यह घटना हुई थी, तो सरकार ने जंग-जग महसूस करने वाली 13 लाख रुपये का मुआवजा देने का बात नहीं करती। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों के परिजनों को बार-बार चेक देने से उनके परिवार की आर्थिक समस्याएं हल होने में ज्यादा समय लगेगा।
 
पुलिसकर्मी खुद का बलिदान देते हैं और भी एक दूसरे का साथी बनते हैं। उनका ये बलिदान हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। मुझे पता लगता है कि उनके परिजनों को यह चांटी मिल रही होगी, लेकिन अगर ऐसी घटनाएं न होतीं, तो पुलिसकर्मियों के परिजनों को इतनी दीर्घायु मिल जाती।
 
क्या सचमुच हमें अपने सुरक्षा कर्मियों की जान में इतनी भावना नहीं है? उनके बलिदान को हमारे लिए समझने की जरूरत है। क्या यही दिलचस्पी रखने वाली घटना थी, जब सुरक्षा कर्मियों की जान गंवाई? उनके परिजनों को इतने पैसे मिलने से हमें यह सोचने पर मजबूर होना चाहिए कि सुरक्षा कर्मियों की जान कितनी मूल्यवान है? 🤔🚨
 
इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने हमें एक बार फिर से याद दिलाया है कि पुलिसकर्मी हमारे लिए बहुत बड़े बलिदान की प्रतीक हैं। उनके सहन और समर्थन के बिना, हमारा समाज अस्थिर हो जाएगा। मैं इस घटना से नफरत नहीं करता, लेकिन यह सच है कि पुलिसकर्मियों की भावनाओं का ख्याल रखने की जरूरत है। उनके परिजनों को वित्तीय सहायता देना और उनके शोक में सामाजिक समर्थन देना बहुत जरूरी है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाओं के बाद, पुलिसकर्मियों को उचित समर्थन और सम्मान दिया जाए।

मेरी भावनाएँ इस घटना से बिल्कुल सहमत हैं, लेकिन मैं यह नहीं कह सकता कि हमें अपने पुलिसकर्मियों के बारे में नफरत करनी चाहिए, बल्कि उनकी शहादत और बलिदान को स्वीकारना चाहिए।

मुझे लगता है कि सरकार की घोषणा काफी सही है, लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पुलिसकर्मियों के परिजनों को उचित समर्थन और सम्मान दिया जाए।
 
આ ઘટનામાં હવે પુલિસકર્મીઓની જાન ગયેલી, તો બાદમાં આવતા પણ વિષય ક્યારેય ભૂલી જશે. 4 પુલિસકર્મીઓ, તેમનો વ્યવહાર આપણે બંને દરેકને મજબૂત લગતી છે. એવા જ મહિને આપણે અભયની કોઈપણ બારીઓની ગૂંચવણ જોવાનું શ્રેષ્ઠ સૌયત છે. દિલ પૂરે મારી ચાહક અને વાતચીતકાર, જયિષ્ઠો સાથે.
 
ये तो बहुत दुःखद है... मेरे दोस्त, याद करें कि हमारी पुलिसकर्मी भी हमारे लिए जान देने के लिए तैयार रहती हैं! ऐसे में उनके परिजनों को इतना स्नेह और सम्मान मिलना बहुत अच्छा है... गार्ड ऑफ ऑनर देने से उनकी सुनहता बढ़ जाती है ... लेकिन याद रखें, पुलिसकर्मियों की जान की बात करना हमेशा सomorा मौखिक ही रहती है... उनके परिजनों को यह दुःख से उबरने में समय लगेगा, लेकिन सरकार की इस घोषणा से उन्हें थोड़ा राहत मिलेगी ...
 
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारतीय पुलिस पर्याप्त रूप से सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं करती है, जिससे उनकी जान में खास फ़ायदा नहीं होता। अगर पुलिस टीम के साथ वाहन में सवार डॉग था, तो शायद उनकी जान बच जाती। 🐕😔

इसके अलावा, पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक लाख रुपये का चेक देना सिर्फ़ प्रशासन का प्रतीक नहीं है। अगर सरकार वास्तव में उनकी ज़रूरतों को समझती है, तो उन्हें अधिक सुरक्षा और आर्थिक सहायता प्रदान करनी चाहिए। 💸😔
 
तो इंडिया में तो हर दिन ही ऐसे हादसे घट रहे हैं, लेकिन यह तो पुलिसकर्मियों की बहादुरी और बलिदान से कुछ राहत मिलती है।
 
मैं तो हमेशा से कहता हूँ, पुलिसकर्मी जान जीतने के लिए ही तैयार रहते हैं 🚨। इस घटना में चार पुलिसकर्मियों की जान गंवाई और उनकी परिजनों को बहुत दुख हुआ, लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि वे अपने देश की सेवा के लिए तैयार रहते हैं। पुलिसकर्मियों को गार्ड ऑफ ऑनर देना सही है, लेकिन हमें उनके परिजनों की मदद करनी चाहिए, जैसे कि सरकार ने भी। मैं उम्मीद करता हूँ कि इस घटना से हमें और पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद रखने का मौका मिलेगा। 🙏
 
बड़े-बड़े गार्ड ऑफ ऑनर दिए गए, लेकिन उनकी जानें कहाँ गईं? चार पुलिसकर्मियों को उनकी मृत्यु के बाद एक लाख रुपये दिए गए, लेकिन परिजनों का दिल अभी भी नहीं ठीक है। यह सोचो तो हमारे देश में पुलिसकर्मी अपना बलिदान देकर रहते हैं और उनकी जानें सिर्फ राजनीति के लिए नहीं गंवाई जाती।
 
यह बहुत दुखद घटना है 🤕, पुलिसकर्मी हमेशा अपने देश और समाज की सेवा में रहते हैं और अपना जीवन बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी इस तरह की बहादुरी को हमेशा याद रखें।

मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाओं से हमें पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के प्रति एक नई दिशा में जाने की जरूरत है। हमें अपने पुलिसकर्मियों को अधिक समर्थन देने की जरूरत है और उनके परिवारों को आर्थिक और भावनात्मक समर्थन देने की जरूरत है।

अब मैं तो सोच रहा हूँ कि हमें अपने पुलिसकर्मियों को एक बेहतर प्लेटफॉर्म देने की जरूरत है, जहाँ वे अपने काम को और भी अच्छी तरह से कर सकें। शायद हमें उन्हें न्यूनतम वेतन और लाभदायक परिस्थितियों में रखने की जरूरत है।
 
मेरी दिल को छू लेने वाली यह घटना तो बिल्कुल हुई, हमें याद रखना चाहिए कि हमारे पुलिसकर्मी निरंतर अपने जीवन की सेवा करने के लिए तैयार रहते हैं और हम उनकी इस बहादुरी को कभी नहीं भूल सकते। गार्ड ऑफ ऑनर देने से पहले, मेरी सोचने लगी कि अगर मेरे परिवार का कोई सदस्य ऐसा हादसे में शामिल होता, तो कैसे हम उनके परिजनों का सामना करेंगे। यह घटना हमें पुलिसकर्मियों के बलिदान की ओर ध्यान दिलाती है और हमें अपने योगदान के लिए जागरूक रहना चाहिए।
 
😔 यह तो बहुत दुखद है, 4 पुलिसकर्मी की जान गई, उनके परिजनों को इतनी दुर्दशा हुई। सरकार ने उन्हें पहले से लाख रुपये दिए, और फिर चार-चार लाख देने की घोषणा की, इससे परिजनों का ख्याल अच्छा नहीं लगेगा। विनोद शर्मा के बेटे ने पिता की मौत को मुखाग्नि दिया, वह सोचे तो उन्हें फिर भी जीने का मौका मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
 
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