सलीम, रुस्तम और सोहराब। ये तीनों किलर ब्रदर्स का नाम है। इन्होंने लखनऊ में कई हत्याएं की थी। उनकी क्राइम हिस्ट्री बहुत लंबी है। सलीम सबसे बड़ा भाई है, रुस्तम दूसरा, सोहराब सबसे छोटा। इन्होंने अपने जीवन में बहुत करिश्मा पाया था।
पहली हत्या 2005 की ईद से एक दिन पहले की गई थी। तीनों भाई ने लखनऊ SSP को फोन करके कहा कि वे मर्डर करने जा रहे हैं, दम हो तो रोक लो। इसके बाद एक घंटे के अंदर तीन मर्डर किए। पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई।
तीनों भाइयों ने अपनी हत्याएं कराने का तरीका शूटिंग ही था। वे 9mm की पिस्तौल से ही मर्डर करते थे। एक साथ 8-10 गोलियां चलाते, ताकि लोगों में इनका खौफ बने।
इन्होंने अपनी हत्याएं बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की। पुलिस ने कई बार उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे बच गए। उन्होंने दिल्ली और अन्य शहरों में भी हत्याएं कीं।
इन्होंने अपनी जेल में रहते हुए भी वसूली के लिए कॉल करते थे। 2011 में दिल्ली में एक ज्वेलरी शोरूम में लूट और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।
तीनों भाइयों ने अपने जीवन में बहुत करिश्मा पाया था। लेकिन अब वे जेल में हैं और उनकी क्राइम हिस्ट्री को पढ़कर समझने की जरूरत है।
पहली हत्या 2005 की ईद से एक दिन पहले की गई थी। तीनों भाई ने लखनऊ SSP को फोन करके कहा कि वे मर्डर करने जा रहे हैं, दम हो तो रोक लो। इसके बाद एक घंटे के अंदर तीन मर्डर किए। पुलिस उन्हें रोक नहीं पाई।
तीनों भाइयों ने अपनी हत्याएं कराने का तरीका शूटिंग ही था। वे 9mm की पिस्तौल से ही मर्डर करते थे। एक साथ 8-10 गोलियां चलाते, ताकि लोगों में इनका खौफ बने।
इन्होंने अपनी हत्याएं बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की। पुलिस ने कई बार उन्हें पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वे बच गए। उन्होंने दिल्ली और अन्य शहरों में भी हत्याएं कीं।
इन्होंने अपनी जेल में रहते हुए भी वसूली के लिए कॉल करते थे। 2011 में दिल्ली में एक ज्वेलरी शोरूम में लूट और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।
तीनों भाइयों ने अपने जीवन में बहुत करिश्मा पाया था। लेकिन अब वे जेल में हैं और उनकी क्राइम हिस्ट्री को पढ़कर समझने की जरूरत है।