पैरोल में मर्डर, जेल से वसूली, कौन हैं किलर ब्रदर्स: सलीम-रुस्तम तिहाड़ में, एप बाइक चलाकर गुजारा कर रहा सोहराब कोलकाता से अरेस्ट

सलीम और रुस्तम गैंग ने कई लोगों को मारना शुरू कर दिया। ये बाकी तीन भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब हैं। इन्हें सबसे ज्यादा मर्डर करने का डर था।

इनमें सलीम, सबसे बड़ा भाई था, उसे मारा जाने की पूरी साजिश नहीं चली। लेकिन रुस्तम और सोहराब दोनों को मारा जा सका। इसके बाद इन्हें जेल में डाला गया।

किलर ब्रदर्स एक बड़ा गैंग था, जिसमें भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब शामिल थे। ये गैंग लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, बाराबंकी और हरदोई में चालू थी।
 
अरे, यह बहुत ही दुखद बात है। जेल से निकलकर फिर माफिया गैंग बनाना और लोगों को मारना तो एक बड़ा खिलवाद है। ये गैंग में शामिल होने वाले लोग अपने परिवारों और दोस्तों की जान को खतरे में डालते हैं। और फिर यह सोचते हैं कि वे इस बात का शिकार नहीं होंगे। लेकिन ये गैंग केवल लखनऊ और आसपास के इलाकों तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उन्हें देश भर में अपना प्रभाव फैलाना था।
 
मुझे लगता है कि पुलिस को इन तीनों भाईयों को पकड़ने में थोड़ी देर लगी, लेकिन अब यह जानकर अच्छा लग रहा है कि उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। लखनऊ और आसपास के इलाकों में ये तीनो बहुत खतरनाक थे, लगता है कि जल्द ही सुरक्षा की स्थिति बेहतर होने लगेगी।
 
ये तो बहुत ही खतरनाक गैंग है 🚨। सलीम, रुस्तम और सोहराब नाम के लोगों को मारना शुरू करना बिल्कुल सही नहीं है। इनके दोस्त कुछ गलत कर रहे थे, तो उन्हें पकड़कर जेल में डालना चाहिए था, न कि मारना। मुझे लगता है कि ये गैंग लोगों के लिए खतरनाक हैं और हमें इनकी रोकथाम की जरूरत है।
 
अरे यह तो बहुत ही खतरनाक है जो दो भाई कर रहे हैं सलीम और रुस्तम। मुझे लगता है कि अगर सरकार और पुलिस ने जल्द से जल्द इन्हें पकड़ने की कोशिश करें, तो इससे बहुत सारे लोगों की जान बच सकती। लेकिन यह देखकर भी परेशान होना चाहिए, हम सब को अपने आसपास के लोगों की सुरक्षा करनी चाहिए।
 
तुम्हारा यह खबर बहुत ही दुखद है। लेकिन फिर भी हमें सोचकर बैठना चाहिए कि ये तीन भाई, सलीम, रुस्तम और सोहराब, जिंदगी में क्यों ऐसा रास्ता चुन रहे थे। उनके पिता की मौत, आर्थिक समस्याएं, शिक्षा में विफलता... ये सब वजहें नहीं हो सकतीं। हमें अपने समाज में युवाओं को सहारा देने, उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करने, उनकी शिक्षा में मदद करने पर ध्यान देना चाहिए।
 
सलीम और रुस्ताम के बारे में तो हमेशा सुनता रहता हूँ। ये लोग वास्तव में बहुत खतरनाक थे। मुझे लगता है कि जेल में डालने से उनकी गतिविधियों पर रोक लग गई होगी। लेकिन फिर भी, यह सवाल उठता है कि सरकार ने पूरी तरह से क्या किया था। जानबूझकर या अनजाने में उन्हें मारना चाहिए था, न कि बस एक गैंग को बंद करने देना और उन लोगों को मारना जो उनकी गतिविधियों से जुड़े हुए थे।
 
ये देखकर बहुत दुख होता है कि जिंदगी इतनी सिर्फ लड़ाई हो गई है। ये भाई सलीम, रुस्तम और सोहराब की कहानी हमें यह सिखाती है कि अगर हम अपने पैसे और शक्ति की दुनिया में खो जाएं, तो हमारा जीवन सही रास्ते से गुजर नहीं सकता। याद रखें, हमारे परिवार, दोस्तों और समाज के लिए हमारी सेवा करनी चाहिए न कि अपने खुद के हित में।
 
बड़े दौरिए, यह सलीम और रुस्तम गैंग की बात है जो लखनऊ से ही है। मुझे लगता है कि पुलिस ने अच्छा काम किया, उन तीन भाईयों को दबाने में सफल रहे। लेकिन यह सवाल उठता है कि इतने से गैंग्स कैसे शुरू होती हैं और वे इतने हिंसक हो जाते हैं। हमारे देश में अपराध की समस्या बहुत बड़ी है, लेकिन इसके पीछे कई कारण होते हैं, जैसे कि आर्थिक असमानता, शिक्षा और रोजगार की कमी।
 
ओये देखिए तो सलीम और रुस्तम गैंग की सोच तो बहुत खतरनाक है 🤯! जैसे ही उन्हें मारने का डर लगने लगा, तो उन्होंने खुद को मार लिया 🤦‍♂️। लेकिन यह सुनकर भी लगता है कि सलीम बहुत बड़ा भाई था, जिसकी मौत की साजिश नहीं चली। और रुस्तम और सोहराब तो बस उसके बाद दूसरों पर आग लगाने की कोशिश कर रहे थे। यह गैंग लखनऊ से हरदोई तक फैला हुआ था, और इसके सभी सदस्यों को पकड़ने में भी बहुत मुश्किल होनी वाली है। 🚔
 
मुझे लगता है कि यह सच्चाई तो बहुत दुखद है। ऐसे लोगों को जेल में डालने से कुछ नहीं होगा, हमें शांति और प्रेम की बात करनी चाहिए। ये लोग एक गैंग थे, जो अपराध कर रहे थे, लेकिन उन्हें सजा दिलाने से हमारा समाज भी नहीं ठीक होगा। मुझे लगता है कि हमें अपने समाज में शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर बात करनी चाहिए, ताकि ऐसे लोगों को जीने का कोई मकसद न रहे।
 
मेरी बहन ने हफ्ते भर पहले सलीम से मिलने जा रही थी, वह तो बहुत उत्साहित थी, लेकिन फिर वो कभी नहीं आया। मुझे लगा कि उसकी बातें छूट गईं, और मैं चिंतित हो गया 💔। फिर वो दोस्त रुस्तम ने मेरी बहन को कॉल किया, लेकिन सलीम थोड़ा अजीब था 🤔, जैसे वह अपने बॉस से लड़ रहा था।

मुझे लगता है कि इन तीनों भाइयों को उनके डर से नहीं मिल पाया, और अब वो जेल में हैं 😞। लेकिन मेरी बहन ने अभी भी उनकी तस्वीरें देखीं, वह तो मुझे बता रही थी, "वाह, सलीम की आंखें तो सुनहरी हो गईं!" 🤣, ऐसी बातें करने वाली लड़कियां हैं हमारी जिंदगी का हिस्सा! 😂
 
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