प्रेमी की लाश से शादी, बोली-जयभीम वाला था, इसलिए मारा: आंचल बोली- बौद्ध से हिंदू बन जाता, फिर भी पापा-भाई ने मार डाला

मेरे भाई सक्षम ने मुझे कभी-कभार दोस्ती के लिए आमंत्रित किया करता था। हम कभी-कभर एक-दूसरे के घर जाते थे। उसके परिवार से मेरे पिता और भाई अच्छे रिश्तेदार थे। वो हमें प्यार कर लेते थे।

मैंने सक्षम को इंस्टाग्राम में फॉलो किया था। हमारी दोस्ती तीन साल तक चली। मेरे भाई ने कहा था कि हमारी शादी करवा दूंगे। परिवार ने भी मंजूरी दी थी, लेकिन मुझे पता नहीं था कि वो सचमुच इस रिश्ते में लगने जाएंगे।

परिवार ने मुझे बताया कि सक्षम से झगड़ा हुआ है, फिर दूसरी जगह ले गए। मैं घर पर थी, जब मेरे भाई ने मुझसे कहा कि मैं उसे अपने रिश्तेदारों के पास लाएं। मैंने सोचा था कि मेरा भाई सक्षम को फिर से मिलने की कोशिश कर रहा है, पर मुझे लगा कि नाहीं तो फिर क्या? मैं सक्षम के घर गयी, और बहुत गुस्सा हुआ।

मैंने अपने पिता से कहा, "पापा आंचल को मार देना पड़ रहा है, तुम्हें नहीं पता लगेगा?" पापा ने बोला, 'क्यों? वह हमारी जाति की नहीं, वह और हमारा सामाजिक रिश्ता भी नहीं है।'

इसलिए मैं सक्षम से शादी कर लूं। मुझे पता था कि सक्षम हमारे परिवार की जाति में ना आ रहा, लेकिन उन्होंने मुझसे देखकर कुछ भी नहीं कहा। मैंने पिता से कहा, 'जयभीम वाला तो बादशाह है, इसीलिए मारा गया।' परिवार ने मुझे झगड़ा करने की चाल दी, लेकिन मेरी जिंदगी नहीं थी।

मैंने सक्षम से प्यार किया और वह मुझसे भी। मैं बोलती हूं, 'रिश्तेदार हमारी शादी करवाने ना दिलोस। तुम्हें मेरा प्यार कुछ भी नहीं करना चाहिए।'
 
ਉਨ੍ਹਾਂ ਰਿਸ਼ਤਿਦਾਰੀਆਂ ਕੋਲ ਜਾ ਕੇ ਮੈਨੂੰ ਖਬਰ ਮਿਲ ਗਈ ਹੈ ਕਿ ਸਾਥੀ ਦੁਸ਼ਮਣ ਵੱਲ ਤਾਕਤ ਆ ਰਹੀ ਹੈ। ਇਹ ਜੋ ਅਸੀਂ ਭਾਰਤ ਵਿਚ ਦੇਖ ਰਹੇ ਹਾਂ, ਉਹ ਮੌਜੂਦਾ ਪ੍ਰੇਸ਼ਾਨੀਯੋਗ ਸੀਤਫਲ ਵਿਚ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਟੀਕੇ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।
 
मैं तो समझ गया हूँ। यह फिल्म की तरह लगता है, लेकिन वास्तविकता ज्यादा दुखद है। मुझे लगा है कि पिताजी ने बहुत सही कहा, जाति या सामाजिक रिश्ता हमारी मर्ज़ी नहीं लेने चाहिए। मेरा खयाल है कि बिल्कुल सही निकला होगा अगर शादी तो फिर भी करवाई गई होती।
 
मुस्कुराते हुए 🤣 मुझे लगता है कि जिंदगी में कभी-कभार रिश्तेदारों से दूर जाना भी एक विकल्प हो सकता है। परिवार की जाति और सामाजिक रिश्तों से लड़ने की जरूरत नहीं होती। हमें अपने प्रेम को खुशी से मानना चाहिए और उसके लिए संघर्ष नहीं। आंचल की कहानी मुझे बहुत गहराई से छू गई, और मैं समझता हूं कि रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए कभी-कभार दूर जाना भी जरूरी हो सकता है।
 
मुझे लगा था कि जिंदगी तो सब कुछ अच्छा है, लेकिन किसी की मर्जी से जान देने की बात है तो हैरानी नहीं है। आंचल और मेरे भाई की दोस्ती में क्या गलत था, मुझे पता नहीं था। लेकिन जब मैंने जाना कि वह दूसरी जगह ले गए, तो मुझे डर लगा। मेरे पिता ने सही बात कही, कि आंचल हमारी जाति और सामाजिक रिश्ता नहीं है।
 
"जीवन में कभी-कभी, तुम्हें अपने दिल की बात सुननी पड़ती है, और उसे मानना पड़ता है।" 🙏📸

आज मेरे दोस्त सक्षम की कहानी सुनकर मुझे लगा कि उसकी जिंदगी में कुछ गलत हो गया है, लेकिन फिर भी वह अपनी खुशियों और प्यार में डूबी हुई है। मैं समझता हूं कि जब हमें अपना मन करने का मौका मिलता है, तो उसे पकड़कर नहीं छोड़ना चाहिए।
 
वह जोड़ी तो सचमुच वाकई में दिवालिया है 🤦‍♂️। उन्होंने मुझे रिश्तेदार के रूप में पकड़ लिया था, और मैं उनकी सेवा कर रही थी। पर अब उन्होंने मुझे छोड़ दिया। मेरा भाई ने कहा था कि हमारी शादी करवाएं, लेकिन उन्हें पता नहीं था कि वो सचमुच इस रिश्ते में लगने जाएंगे। और अब मुझे पता है कि मेरे पिता ने सही कहा, हमारी जाति से यह तो बिल्कुल नहीं बनता 🙅‍♂️
 
मजाक है ये तो कितना मजाक 🤣, मैंने अपने भाई से कहा था कि हम सक्षम के साथ शादी कर लें, फिर वो तो हमारे परिवार को और दूसरों को भी झगड़ा करने लगे। मुझे लगता है कि सही रिश्तेदार और जानवर भी बेहतर हैं 🐕👥, और उनके लिए मेरे पिताजी ने बोला था कि वह हमारे परिवार की जाति की नहीं है, यह तो सही बात है 😂। लेकिन अगर वो मेरे भाई के दोस्त से झगड़ा कर रहा है, तो फिर वो क्या? 🤷‍♂️
 
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