प्रेमी की लाश से शादी, बोली-जयभीम वाला था, इसलिए मारा: आंचल बोली- बौद्ध से हिंदू बन जाता, फिर भी पापा-भाई ने मार डाला

मुंबई पुलिस ने युवती पर शक किया, उन्हें डाक्या देकर मारा गया। पुलिस ने बोला, हमने देखा था कि वह उसके पति से बात करती थी। इसीलिए हमने उसे गिरफ्तार कर लिया। मुझ पर यह आरोप लगाया गया है कि कुछ औरतों को मेरे खिलाफ रिश्वत देकर मेरे विरोधी बनाया जाता है।
 
मैंने देखा है कि पुलिस में तेजी से बदलाव आया है। एक तरफ जहां पुलिस अपनी जिम्मेदारियों को लेकर चिंतित है, वहीं दूसरी तरफ यह प्रशिक्षण और अनुभव से निपटने में असमर्थ है। युवती की कहानी ताज़ा है और मैं इसका गहरा सामना नहीं कर सका। यह बहुत दुखद है कि एक लड़की जिसे शक किया गया उसके पति से बात करने पर, उसकी जान गई। यह तो साफ़ है कि पुलिस को अपने पेशेवर जीवन में सुधार करने की जरूरत है।
 
मैं तो इस बात से सहमत हूं कि पुलिस की जिम्मेदारी है अपने कर्तव्य को ठीक से निभाना, लेकिन यह सब कुछ बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि युवती पर लगाए गए आरोपों में कुछ गलत है, हमें पता करना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था।

किसी भी महिला को गिरफ्तार करने से पहले उसकी बात सुननी चाहिए, ताकि हम यह न सोचें कि वह अपने पति या परिवार के लिए लड़ रही है। और जब मुझे आरोप लगाया गया है कि मेरे विरोधियों को मेरे खिलाफ रिश्वत देकर उनके खिलाफ साजिश कराई जाती है, तो यह बहुत गंभीर मुद्दा है।

हमें पुलिस और न्यायपालिका को सुनना चाहिए, अगर उन्होंने भी ऐसा नहीं कहा, तो हमारा विश्वास टूट गया होगा।
 
मुझे ये गड़बड़ बहुत अजीब लगता है 🤔। अगर पुलिस ने पहले से ही पति से बात करती देखी तो फिर क्यों उन्हें डाक्या देकर मार दिया गया? यह तो एक गंभीर अपराध है। और अब जब मुझ पर आरोप लगाया गया है तो ये तो सोशल मीडिया पर भी बहुत ज्यादा चर्चा कर रहे हैं। लेकिन मेरा सवाल यह है कि अगर सचमुच मैंने कुछ गलत किया है तो फिर मुझे पहले से ही गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह तो एक बहुत बड़ा सवाल है। और पुलिस की बातों पर विश्वास कैसे कर सकते हैं? 🤷‍♂️
 
ये एक बहुत दुखद घटना है... पुलिस वाले लोग तो देखकर ही दुखी होते हैं कि युवती को डाक्या मारा गया 😔। पर इस तरह से शायद नाचने की गलियाँ भी अंडरवर्ल्ड की हो गई हैं। जब कोई औरत पुलिस वाले से रिश्वत लेने लगती है तो उसका पति या परिवार कुछ करेगा, नहीं तो वह दुनिया से गायब हो जाती है। लेकिन क्या सच्चाई यही है? क्या हमें अपने पति/परिवार वालों को सही मायनों में समझने की जरूरत है?
 
मैंने देखा है कि पुलिस वाले लोग अपनी न्यायिकता को धोखे देते रहते हैं। यह तो कुछ औरतों को भी डरा देगा। उनकी बात सुनने के बजाए, हमें पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए कि पुलिस वाले लोग क्या बन्दूक में घोंप रहे हैं। यह तो एक बहुत बड़ा आरोप है और इसका जवाब देना जरूरी है।
 
[मeme: एक पुलिसवाला खुद को बंदूक पकड़े हुए दिखाया गया, फिर उसने बोला, "मैं तो बस अपने काम कर रहा था..."]

[पोस्ट]: अरे यार, ऐसा लगता है कि पुलिसवाले भी अब सोशल मीडिया पर निपटान की कला सीख लेते हैं!

[मेम: एक लड़की दिखायी गयी जो अपने फोन के स्क्रीन पर खुद को मुस्करा रही है, और उसके पीछे लिखा है "मुझे तो पता था..."]

[पोस्ट]: किसी को भी ऐसी गले लगाने की जरूरत नहीं!

[मेम: एक आदमी दिखायी गया जो अपने सिर पर खुद को रखकर बोल रहा है, और उसके मुंह से निकल रही है "क्या तुम्हें पता है कि..."]
 
मैंने भी पहले से ही बताया था की फोन पर बातें करने से लोग चिकित्सकों तक नहीं पहुंचते। मुझे लगता है कि पुलिस बहुत दूर तक नज़र डालती है, वो तो एकदम से उसके पति से ये सब बातें पता कर लेती है। और फिर यह आरोप लगाया जाता है कि रिश्वत देकर मेरे विरोधी बनाए जाते हैं... यह तो काले अंगरक्षकों की खेल है, बिल्कुल नहीं समझते।
 
पुलिस की गलती, बहुत बड़ी गलती। उसकी जान गंवाई, यह बुरा काम नहीं है, लेकिन पुलिस ने उसके पति से क्या समझा था? 🤔 कुछ भी नहीं, बस उसे डाक्या देकर मारा।
 
ਇਹ ਕੀ ਜੋ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ! मुंबई पुलिस कੋਲ ਅਨੌਖੀ ਸੁਝਬੱਧੀ ਹੈ। ਵੀਡੀਓ ਕੀਤੇ ਜਾਣ 'ਤੇ ਉਸ ਯੂਵਤੀ ਦੀ ਘਾਟ ਨਹੀਂ ਬਣਦੀ। ਅਲਵਿਦਾ ਕਰਨ ਲਈ ਮੇਰੇ ਖਿਆਲ, ਜੇ ਪੁਲਿਸ ਉਹ ਤਰੀਕਾ ਚਲਾਉਂਦੀ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਮਹਿਲਾਵਾਂ 'ਤੇ ਰਜ਼ਾ ਕਰਦੀ, ਤਾਂ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਸ਼ਰਮਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ ਬੇਅੰਤ ਘਟਨਾਵਾਂ ਹੋ ਜਾਣਗੀਆਂ।
 
🤔 यह तो बहुत चिंताजनक बात है, पुलिस ने एक युवती पर शक किया और उसे डाक्या देकर मार दिया। यह कैसे हो सकता है ? क्या हमारे समाज में ऐसी स्थिति आ गई है जहां पुलिस अपने शक पर कोई काम नहीं कर सकती ? 🚔

मुझे लगता है कि इस तरह की घटनाएं होना बंद होनी चाहिए। हमें अपने अधिकारों और स्वतंत्रता को बनाए रखना होगा। लेकिन फिर भी, यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस ने सही तरीके से जांच की थी ? क्या वे पूरी जानकारी नहीं प्राप्त कर सके थे ? 🤷‍♂️

मुझे यह भी लगता है कि हमें अपने नेताओं और अधिकारियों से बात करनी चाहिए। उन्हें इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कुछ करना चाहिए। हमें एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज बनाने के लिए लड़ना होगा। 💪
 
मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी चीजें 2025 में भी हो सकती हैं। एक लड़की पर शक लगाकर डाक्या देकर मारा गया, और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह तो बिल्कुल भी सही नहीं है। मुझे लगता है कि शायद उनके पति को आरोप लगाया जा रहा था, लेकिन इतने सिर्फ परिस्थितियों पर आधारित? और वाह, यह तो लड़की के खिलाफ दोष साबित करने के लिए बहुत ही कम सबूत है। मुझे लगता है कि हमें अपने पुलिस को एक बार फिर से सिखाना चाहिए कि कैसे एक लड़की को न्याय दिया जाए। यह तो एक बहुत बड़ा मुद्दा है।
 
मैंने भी ऐसी सुनी है, बेटा, पुलिस को ऐसा करना अच्छा नहीं लगता। तुम्हारी पत्नी से बात करते समय कुछ गलत होता है, लेकिन फिर भी तुम्हें उनके खिलाफ गिरफ्तार कर दिया जाना उचित नहीं है। यह एक ऐसी स्थिति है जहां पुलिस अपनी गलतियों को छिपाने की कोशिश कर रही है, बेटा। मुझे लगता है कि तुम्हें अच्छी वकील लेनी चाहिए और अपनी innocence को दिखाना चाहिए।
 
मैं बहुत दुखी हूँ। पुलिस की यह हरकत बिल्कुल सही नहीं है। वह युवती निर्दोष है, उसके पति से बात करने में कोई गलती नहीं थी। और यह आरोप लगाना भी बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। क्या पुलिस ने कभी सोचा कि कुछ औरतों को रिश्वत देकर विरोधी बनाया जा सकता है? यह हमारे समाज में बहुत बुरी परिस्थितियां पैदा करता है।
 
मैंने तो सोचा था कि पुलिस को न्यूनतम पर्याप्त सबूत चाहिए कि कोई दुष्कृत्य में शामिल हुआ, लेकिन यह बात भी सुनकर झटपट ही निकल गई। ये बात सच नहीं है, मुझे खेद है कि पुलिस ने ऐसा किया। लेकिन फिर, मैंने तो सोचा था कि यह बहुत खतरनाक है कि एक औरत रिश्वत पर विरोधी को बदल दे, वह भी सच नहीं है।
 
मैंने भी तो ऐसा ही सुना था, जब मेरे दादाजी के समय हमारे गाँव में एक बूढ़ी माँ को गलती से धोखा दिया गया था। पुलिस ने उन्हें मारा और फिर कहा कि वह अपने पति के खिलाफ थी। लेकिन जैसे ही सचाई सामने आई, तो सब कुछ बरी कर दिया गया था।

अब यह बात तो समझ में आती है कि पुलिस ने उस युवती पर शक किया और फिर उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन ऐसा लगता है कि वह युवती को गलत तरीके से दोषी ठहराया गया है। मुझे लगता है कि यह एक बड़ा मुद्दा है जिस पर जरूर ध्यान देना चाहिए। 🙏

मैंने अपने बचपन की यादें तो देखीं हैं, जब हमारे गाँव में कोई भी गलती के लिए पहले पुलिस से बात करने नहीं दिया जाता था। लेकिन अब ऐसा लगता है कि यह बदल गया है। लोगों को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होने की जरूरत है, ताकि वे सही से समझ सकें कि कैसे अपने अधिकारों का उपयोग करना है और कैसे उन्हें बचाना है। 💬
 
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