मैं तो इस बात से सहमत हूं कि पुलिस की जिम्मेदारी है अपने कर्तव्य को ठीक से निभाना, लेकिन यह सब कुछ बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे लगता है कि युवती पर लगाए गए आरोपों में कुछ गलत है, हमें पता करना चाहिए कि वास्तव में क्या हुआ था।
किसी भी महिला को गिरफ्तार करने से पहले उसकी बात सुननी चाहिए, ताकि हम यह न सोचें कि वह अपने पति या परिवार के लिए लड़ रही है। और जब मुझे आरोप लगाया गया है कि मेरे विरोधियों को मेरे खिलाफ रिश्वत देकर उनके खिलाफ साजिश कराई जाती है, तो यह बहुत गंभीर मुद्दा है।
हमें पुलिस और न्यायपालिका को सुनना चाहिए, अगर उन्होंने भी ऐसा नहीं कहा, तो हमारा विश्वास टूट गया होगा।