पेरेंटिंग– बेटी का स्कूल में एक लड़के पर क्रश है: क्या 16 साल की उम्र में ये ठीक है, बच्चों से रिलेशनशिप पर कैसे बात करें

रिलेशनशिप पर बात करने की बात में मैं समझ है लेकिन फिर भी मुझे लगता है कि आजकल युवाओं को और ज्यादा स्पष्टीकरण चाहिए। यह तो एक अच्छी बात है कि माता-पिता अपनी बेटियों को रिलेशनशिप के बारे में बताने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें और अधिक स्पष्टीकरण चाहिए ताकि वे समझ सकें कि रिलेशनशिप में क्या महत्वपूर्ण है और क्या नहीं।
 
मुझे लगता है कि इस दुनिया में पारिवारिक मूल्यों को फिर से समझने की जरूरत है। आजकल बच्चे तो अपने रिलेशनशिप्स के बारे में ऑनलाइन सोचते रहते हैं और पैरेंट्स को भी लगता है कि उन्हें ज्यादा नहीं बताना चाहिए। लेकिन सच्चाई यह है कि बचपन से ही हमें अपनी बेटियों/बेटiyon की रिलेशनशिप्स के बारे में बात करनी चाहिए, और उनको समझने की जरूरत है कि वे कैसे जिम्मेदारी का भाव रखेंगी।
 
रिलेशनशिप बात करने की बात मुझे बहुत अच्छी लगी, लेकिन मुझे लगता है कि बच्चों को पहले अपने प्रेमी/प्रेमिका से दोस्त बनने का समय मिलता है, फिर ही रिलेशनशिप पर बात करनी चाहिए। और मुझे खुशी हुई कि लोग अब बच्चों को पेरेंट्स से खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। मैंने भी अपनी बेटी को खुलकर बात करने का स्वागत किया था, और अब वह एक अच्छी लड़की बन गई है 🙏
 
रिलेशनशिप के बारे में बात करने से पहले बेटी को समझना ही सबसे जरूरी है। क्या तुम्हारी बेटी अभhi में किसी लड़के से मिलने लगी है? तो तुम्हें उसकी कमजोरियों को जानना चाहिए, जैसे कि वह कौन से व्यक्तित्व का है, और वह कैसे सोचती है।
 
रिलेशनशिप तो बहुत मुश्किल है, लेकिन जब आपकी बच्ची बड़ी होने लगी, तो उनके मन में यह सवाल आ जाते हैं। हमें उन्हें समझाना होता है कि रिश्ता में प्यार और खुशी होनी चाहिए, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी भी।

मेरी राय में, जब वो बड़ी हुईं तो उन्हें समझाना होगा कि रिश्ते में दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर निर्भर करती हैं। हमें उन्हें सिखाना होता है कि जिम्मेदारी और समझौता कैसे आये। और सबसे ज्यादा, उन्हें सुनने की जरूरत है।

बच्चों को माता-पिता से बात करने की लाज़ नहीं है, हमें उनकी बात सुननी चाहिए। तभी वे सही रास्ते पर चल पाएंगे।
 
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