बेटी से इस बारे में बातचीत कैसे करें, ताकि वह समझ सके कि उसके दोस्तों को पॉकेट मनी लाना ठीक नहीं है?
पेरेंट्स, यह अच्छी बात है कि आपकी 16 साल की बेटी क्लास 10 में पढ़ती है। वहाँ उसे खुद अपनी बातें सुनने और समझाने का महत्व थोड़ा ज्यादा महसूस होना चाहिए। जब बच्चा अपने दोस्तों को पॉकेट मनी लाते हुए देखता है, तो तुलना करना स्वाभाविक है। ऐसे में उसे डांटें नहीं, बल्कि समझाएं कि हर परिवार के नियम, जरूरतें और आर्थिक स्थिति अलग होती हैं।
यह कहानी हमें बताती है कि 10 साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है, क्योंकि उसके दोस्तों को मिलती है।
पेरेंट्स, यह अच्छी बात है कि आपकी 16 साल की बेटी क्लास 10 में पढ़ती है। वहाँ उसे खुद अपनी बातें सुनने और समझाने का महत्व थोड़ा ज्यादा महसूस होना चाहिए। जब बच्चा अपने दोस्तों को पॉकेट मनी लाते हुए देखता है, तो तुलना करना स्वाभाविक है। ऐसे में उसे डांटें नहीं, बल्कि समझाएं कि हर परिवार के नियम, जरूरतें और आर्थिक स्थिति अलग होती हैं।
यह कहानी हमें बताती है कि 10 साल का बेटा पॉकेट मनी मांगता है, क्योंकि उसके दोस्तों को मिलती है।