अगर बेटा क्लास 6 में नहीं है तो अच्छी बात नहीं है, लेकिन अगर वाकई तो मार्क्स कम आ रहे हैं तो शायद गलत सोच नहीं है। बच्चों को परीक्षा में अच्छे मार्क्स न आने से परेशान किया जाता है और यह उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर देता है। इसलिए पेरेंट्स को अपने बच्चों को समझने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें पहचानने दें कि उनके बच्चे में क्या कमजोरियाँ हैं और फिर उनसे मदद करें।